'माफिया की जगह सिर्फ मिट्टी, कब्जाई जमीनों पर बनेंगी गरीबों की हवेलियां': वाराणसी में सीएम योगी ने स्वच्छता मित्रों पर की पुष्पवर्षा; खुद परोसा भोजन, वेतन काटने वालों को दी सीधी चेतावनी
वाराणसी: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को धर्मनगरी काशी में स्वच्छता के प्रहरियों का मान बढ़ाते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि समाज की नींव सफाई मित्रों के परिश्रम पर टिकी है। कबीरचौरा स्थित सरोजा पैलेस में आयोजित ‘स्वच्छता मित्र सम्मान समारोह’ के दौरान मुख्यमंत्री ने नगर निगम एवं जल निगम के स्वच्छता कर्मियों पर पुष्पवर्षा की, मंच से 10 कर्मचारियों को अंगवस्त्र व उपहार भेंट किए और स्वयं पंक्ति में खड़े होकर उन्हें आदरपूर्वक भोजन परोसा। इस दौरान कानून-व्यवस्था पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने घोषणा की कि यूपी में माफिया की जगह केवल मिट्टी में है और उनके कब्जे से मुक्त कराई गई जमीनों पर गरीबों, वंचितों और दलितों के लिए गगनचुंबी रिहायशी इमारतें व हवेलियां बनाई जा रही हैं।
📌 मुख्यमंत्री के संबोधन एवं सम्मान समारोह के मुख्य बिंदु:
- सफाई मित्रों का सम्मान व सेवा: सीएम योगी ने स्वच्छता मित्रों पर स्वयं पुष्प बरसाए और आदरपूर्वक उन्हें भोजन परोसकर 'नींव का पत्थर' बताया।
- वेतन काटने वालों पर कठोर कार्रवाई: संविदा व आउटसोर्स स्वच्छता कर्मियों का पैसा काटने वाले ठेकेदारों व अधिकारियों पर कड़ी विधिक कार्रवाई होगी।
- ₹16,000 न्यूनतम मानदेय व सामाजिक सुरक्षा: यूपी आउटसोर्सिंग निगम के जरिए न्यूनतम 16 हजार रुपये मानदेय, ईएसआई (ESI) अस्पताल सुविधा, पीएफ (PF) और सुरक्षा बीमा की गारंटी।
- कब्जाई जमीनों पर गरीबों के आवास: प्रयागराज में माफिया से खाली कराई गई जमीन पर बहुमंजिला भवन निर्माण का दिया उदाहरण; माफिया की संपत्ति पर गरीबों का हक।
- काशी का संपूर्ण कायाकल्प: 2014 से पूर्व की गंदगी, बदहाल घाटों और माफियाराज से मुक्त होकर आध्यात्मिक व स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित हो रही काशी।
- विपक्ष पर तंज: 'मंथरा बुद्धि' वालों की दुर्गति निश्चित है; 12 बजे सोकर उठने वाले और परिवार को ही प्रदेश मानने वाले परिवर्तन नहीं ला सकते।
📊 स्वच्छता कर्मियों हेतु सामाजिक सुरक्षा व मानदेय सुधार संरचना
| सुविधा / कल्याणकारी घटक | उत्तर प्रदेश शासन का आधिकारिक प्रावधान व निर्देश |
|---|---|
| न्यूनतम सुनिश्चित मानदेय | न्यूनतम ₹16,000 प्रतिमाह की गारंटी (कटौती पर प्रतिबंध) |
| भर्ती व सेवा प्रदाता एजेंसी | यूपी आउटसोर्सिंग निगम के अंतर्गत पारदर्शी प्रबंधन |
| चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुविधा | ईएसआई (ESI) के माध्यम से पैनलबद्ध अस्पतालों में निःशुल्क उपचार |
| दुर्घटना सुरक्षा बीमा | कार्य के दौरान अनहोनी या हादसे की स्थिति में आश्रित परिवार को बीमा सुरक्षा |
| भविष्य निधि (PF) व बचत | नियमित पीएफ कटौती व ब्याज संचय; सेवानिवृत्ति पर आर्थिक स्वावलंबन |
'नींव के पत्थर हैं स्वच्छता मित्र, जो दिखते नहीं पर इमारत उसी पर टिकती है'
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वच्छता कर्मियों के श्रम और त्याग की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि जब आम नागरिक त्योहार मनाने की तैयारी कर रहा होता है, तब स्वच्छता मित्र सर्दी, गर्मी, बरसात और आंधी-तूफान की परवाह किए बिना सड़कों पर उतरकर वातावरण को स्वच्छ बनाते हैं।
“स्वच्छता मित्र नींव के पत्थर हैं, जो स्वयं अदृश्य रहकर समाज की समूची भव्य इमारत को मजबूती से थामे रखते हैं। वे पहले समाज का माहौल उत्सवमय करते हैं और अंत में जाकर अपने बच्चों के साथ त्योहार मनाते हैं। प्रयागराज महाकुंभ में 66 करोड़ श्रद्धालु आए थे और पूरी दुनिया ने वहां की स्वच्छता की प्रशंसा की थी, जिसका वास्तविक श्रेय हमारे इन कर्मठ साथियों को जाता है।”
— योगी आदित्यनाथ (मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश)
माफिया की जमीन पर गरीबों की हवेलियां; जनता करे परिसंपत्तियों की रक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विकास और नवनिर्माण के बड़े कार्य करा सकती है, लेकिन उनकी सुरक्षा और रख-रखाव की मूल जिम्मेदारी जागरूक जनता की होती है। यदि नागरिक अपनी संपत्तियों के प्रति सचेत नहीं रहेंगे तो बड़े से बड़ा निर्माण भी क्षत-विक्षत हो सकता है।
उन्होंने प्रयागराज का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस जमीन पर कुख्यात माफिया ने अवैध कब्जा कर रखा था, उसे बुलडोजर कार्रवाई से मुक्त कराकर शासन ने निर्धनों के लिए आधुनिक फ्लैट्स बनाए। उत्तर प्रदेश में अब गुंडों और माफिया के लिए कोई स्थान नहीं है; उनकी जगह सिर्फ मिट्टी में है और उनके अवैध साम्राज्यों को ध्वस्त कर उस पर गरीबों के आशियाने बनाए जाएंगे।
काशी का कायाकल्प और जनसेवा का मंत्र: 'लोकप्रिय वही जिसकी हर घर पहुंच'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए सीएम ने कहा कि 2014 से पहले काशी की गलियों में गंदगी के ढेर, लावारिस मवेशी, अंधेरा और बदहाल घाट शहर की नियति बन चुके थे। आज काशी अपनी प्राचीन सांस्कृतिक आभा को सहेजते हुए विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस हो चुकी है।
शहर दक्षिणी के विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी द्वारा 19 जुलाई से 2 अक्टूबर तक चलाए गए 76 दिवसीय वार्ड प्रवास एवं स्वच्छता अभियान की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा:
- घर-घर पहुंच: वही जनप्रतिनिधि सच्चा और लोकप्रिय है जिसका जनता के हर द्वार तक सीधा संपर्क हो, न कि वह जो वातानुकूलित कमरों में बैठकर राजनीति करे।
- बीमारियों से मुक्ति: बरसात के मौसम में चलाए गए सफाई अभियानों के कारण डेंगू, मलेरिया, कालाजार और इंसेफेलाइटिस जैसी जानलेवा बीमारियों पर प्रभावी अंकुश लगा।
- योजनाओं का संतृप्तिकरण: वार्ड प्रवास के जरिए आयुष्मान कार्ड, पीएम आवास और पीएम विश्वकर्मा योजना का लाभ पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी ढंग से पहुंचाया गया।


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