ग्रीन कॉरिडोर की तर्ज पर फैजुल्लागंज से नैमिष तक बनेगा सुरक्षा तटबंध: मुख्यमंत्री योगी ने बीकेटी में बाढ़ पीड़ितों को बांटी राहत सामग्री; हवाई सर्वे के बाद की बड़ी घोषणाएं
लखनऊ: गोमती नदी के उफान से फैजुल्लागंज से लेकर नैमिषारण्य तक के तटीय इलाकों में उत्पन्न बाढ़ जैसी विभीषिका के स्थायी समाधान के लिए प्रदेश सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बख्शी का तालाब (बीकेटी) तहसील क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात और राहत सामग्री वितरण के दौरान ऐलान किया कि लखनऊ के ग्रीन कॉरिडोर की तर्ज पर फैजुल्लागंज से नैमिष तक एक मजबूत सुरक्षा तटबंध (बंधा) बनाया जाएगा। यह तटबंध न केवल बाढ़ से सुरक्षा कवच बनेगा बल्कि इस पर सड़क बनाकर इसे बारहमासी आवागमन मार्ग के रूप में विकसित किया जाएगा।
📌 मुख्यमंत्री के दौरे व घोषणाओं के प्रमुख बिंदु:
- तटबंध को हरी झंडी: फैजुल्लागंज से नैमिष तक गोमती किनारे नए तटबंध को शासन स्तर से स्वीकृति; मानसून समाप्त होते ही कार्य शुरू होगा।
- सड़क व जलनिकासी प्रबंध: तटबंध पर चौड़ी सड़क बनेगी; आबादी का पानी नदी में फेंकने के लिए भारी क्षमता वाले पंपिंग सेट्स स्थापित होंगे।
- हवाई व स्थलीय सर्वेक्षण: सीएम ने फैजुल्लागंज से नैमिषारण्य तक हवाई सर्वेक्षण कर गोमती के जलस्तर का जायजा लिया और बीकेटी में कैंप पहुंचे।
- 26 जरूरी वस्तुओं की राहत किट: आटा, चावल, दाल, तेल, मसालों के साथ बाल्टी, तिरपाल, मोमबत्ती व माचिस युक्त संपूर्ण किट का वितरण।
- त्वरित मुआवजा: डूबने व आकाशीय बिजली से जनहानि पर ₹4 लाख की तत्काल सहायता; क्षतिग्रस्त मकानों पर पीएम/सीएम आवास की स्वीकृति।
- स्वास्थ्य सतर्कता: बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी स्नेक वेनम (ASV) और एंटी रेबीज टीकों की अनिवार्य उपलब्धता के निर्देश।
📊 बाढ़ राहत एवं पुनर्वास पैकेज: सरकारी व्यवस्था का विवरण
| राहत / योजना घटक | निर्धारित सहायता व प्रशासनिक प्रावधान |
|---|---|
| जनहानि पर आर्थिक मदद | डूबने या वज्रपात से मृत्यु पर ₹4 लाख की तत्काल आर्थिक सहायता |
| मकान क्षति पर पुनर्वास | पूर्ण क्षतिग्रस्त मकानों को प्रधानमंत्री / मुख्यमंत्री आवास योजना से नया पक्का मकान |
| राशन व दैनिक सामग्री किट | 26 वस्तुएं (10 किलो आटा, 10 किलो चावल, 10 किलो आलू, 2 किलो दाल, 1 ली. तेल आदि) |
| पशुधन सुरक्षा प्रबंध | पशुहानि पर वित्तीय मुआवजा, सूखा भूसा-चोकर आपूर्ति व सचल पशु चिकित्सा कैंप |
| दीर्घकालिक संरचना | फैजुल्लागंज-नैमिष मल्टीपर्पज बंधा (सड़क + फ्लड प्रोटेक्शन + हाई-कैपेसिटी पंप्स) |
हवाई सर्वे के बाद ग्राउंड जीरो पर सीएम: पीलीभीत व नेपाल से आया अधिशेष पानी
बीकेटी में राहत वितरण के पूर्व मुख्यमंत्री ने हेलीकॉप्टर से फैजुल्लागंज, दाऊदनगर, बीकेटी के निचले कछारी गांवों और नैमिषारण्य तक विस्तृत हवाई सर्वेक्षण किया।
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 10 दिनों में प्रदेश के 50 से अधिक जनपदों में अप्रत्याशित भारी बारिश दर्ज की गई है। नेपाल के तराई क्षेत्रों, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और सीतापुर में गिरे अत्यधिक बारिश का पानी 5 से 6 दिन का सफर तय कर गोमती के निचले मैदानी इलाकों में पहुंचा है, जिसके चलते बख्शी का तालाब और लखनऊ उत्तर के दर्जनों गांवों व कॉलोनियों में बैकवॉटर और जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई।
सिंचाई विभाग तैयार करेगा डीपीआर: पंपिंग सेट से होगी जलनिकासी
मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव को निर्देश दिए कि फैजुल्लागंज से लेकर नैमिषारण्य तक गोमती के किनारे वैज्ञानिक सर्वे कर तटबंध का विस्तृत प्रस्ताव (DPR) तैयार किया जाए।
"तटबंध ऐसा बने जो केवल पानी को रोकने का काम न करे, बल्कि उसके ऊपर पक्की सड़क बनाई जाए ताकि कछारी क्षेत्रों के गांवों को आवागमन का नया संपर्क मार्ग मिल सके। तटबंध के पीछे ग्रामीण आबादी की ओर जमा होने वाले आंतरिक वर्षा जल को नदी में डिस्चार्ज करने के लिए उच्च क्षमता के डीजल व इलेक्ट्रिक पंपिंग सेट लगाए जाएंगे।"
— योगी आदित्यनाथ (मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश)
मुख्यमंत्री ने यह भी साझा किया कि देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी सुबह दूरभाष पर लखनऊ के बाढ़ग्रस्त इलाकों की समीक्षा की और इस तटबंध परियोजना के निर्माण पर सहमति जताते हुए पीड़ितों की हरसंभव मदद की प्रतिबद्धता दोहराई।
राहत शिविरों में पौष्टिक आहार, रात्रि गश्त और स्वास्थ्य सुरक्षा
मुख्यमंत्री ने प्रशासन को सख्त हिदायत दी कि किसी भी नागरिक को खुले में न रहना पड़े। सभी प्रभावितों को विद्यालयों और मैरिज हॉलों में स्थापित सुरक्षित राहत शिविरों में ठहराया जाए:
- भोजन व पोषण: शिविरों में दोनों समय गर्म व ताजा भोजन परोसा जाए। नन्हें बच्चों के लिए दूध तथा गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष पोषक आहार का प्रबंध रहे।
- घरों की सुरक्षा: बाढ़ के कारण घर छोड़कर शिविरों में आने वाले परिवारों की संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ग्राम चौकीदार, होमगार्ड, पीआरडी और पुलिस के जवान रात्रि गश्त (Night Patrolling) करेंगे।
- सर्पदंश से सुरक्षा: बाढ़ के पानी के साथ आने वाले विषैले जीवों के खतरे को देखते हुए सभी नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC/CHC) पर एंटी स्नेक वेनम (Anti Snake Venom) और एंटी रेबीज इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में स्टॉक रखने के आदेश दिए गए हैं।
- फसल क्षति का सर्वे: पानी कम होते ही कृषि एवं राजस्व विभाग संयुक्त सर्वे कर अन्नदाता किसानों को पारदर्शी ढंग से फसल बीमा व राहत मुआवजा उपलब्ध कराएगा।
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक व राजनीतिक उपस्थिति
बाढ़ राहत वितरण और समीक्षा कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार अवनीश अवस्थी, विधायक योगेश शुक्ला, विधायक डॉ. नीरज बोरा, एमएलसी पवन सिंह चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष विजय मौर्य, नगर पंचायत इटौंजा अध्यक्ष अखिलेश कुमार अवस्थी सहित लखनऊ के डीएम, पुलिस आयुक्त और सिंचाई विभाग के वरिष्ठ मुख्य अभियंता उपस्थित रहे।


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