भारत के सबसे बड़े IPO से पहले जियो ने खोला अगला रोडमैप: आकाश अंबानी ने बताए 3 बड़े ग्रोथ इंजन; 10 करोड़ घरों तक ब्रॉडबैंड विस्तार का लक्ष्य
मुंबई: भारतीय पूंजी बाजार के अब तक के सबसे बड़े इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) की तैयारियों के बीच जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) ने अपने भविष्य के विकास का रणनीतिक रोडमैप पेश किया है। मुंबई में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने कंपनी के अगले चरण के विस्तार के लिए तीन प्रमुख ग्रोथ इंजन—मोबिलिटी, होम ब्रॉडबैंड और एंटरप्राइज-इंटरनेशनल कारोबार—का खाका प्रस्तुत किया। कंपनी का लक्ष्य भारत की वित्त वर्ष 2031 (FY31) तक अनुमानित करीब 1.4 ट्रिलियन डॉलर की डिजिटल अर्थव्यवस्था में केंद्रीय भूमिका निभाना और भारत को तकनीक आयातक से तकनीक निर्यातक देश बनाना है।
📌 जियो के रणनीतिक रोडमैप के मुख्य बिंदु:
- तीन बड़े ग्रोथ पिलर: मोबिलिटी (4G/5G), होम ब्रॉडबैंड और एंटरप्राइज व अंतरराष्ट्रीय टेक कारोबार।
- ब्रॉडबैंड का महा-विस्तार: फिक्स्ड ब्रॉडबैंड का दायरा वर्तमान के करीब 2.86 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ घरों तक ले जाने की योजना।
- मोबिलिटी में 34 करोड़ नए अवसर: अगले पांच वर्षों में 10 करोड़ नए मोबाइल ग्राहक और 24 करोड़ 2G यूजर्स के 4G/5G में अपग्रेडेशन पर नजर।
- ग्लोबल टेक स्टैक मॉनेटाइजेशन: भारत में निर्मित एंड-टू-एंड 5G/टेलीकॉम स्टैक को विदेशी टेलीकॉम कंपनियों को बतौर 'मैनेज्ड सर्विस पार्टनर' उपलब्ध कराना।
- बैंकिंग नेटवर्क की रीढ़: भारत की लगभग 65% बैंक शाखाएं वर्तमान में जियो के सुरक्षित नेटवर्क से जुड़ी हैं।
📊 जियो प्लेटफॉर्म्स: तीन ग्रोथ इंजन एवं विस्तार योजना
| ग्रोध इंजन / पिलर | वर्तमान स्थिति | आगामी रणनीतिक लक्ष्य |
|---|---|---|
| 1. मोबिलिटी (Mobility) | 53.3 करोड़ कनेक्टिविटी ग्राहक; भारत के 60%+ डेटा ट्रैफिक का संचालन | अगले 5 वर्षों में 34 करोड़ नए 4G/5G कनेक्शन का बाजार लक्षित |
| 2. होम ब्रॉडबैंड (Home) | करीब 2.86 करोड़ फिक्स्ड ब्रॉडबैंड कनेक्शन (FY26 में 67.5% नए कनेक्शन शेयर) | देशभर के 10 करोड़ घरों तक ब्रॉडबैंड कवरेज पहुंचाना |
| 3. एंटरप्राइज व ग्लोबल टेक | देश की 65% बैंक शाखाएं कनेक्टेड; ₹5.1 लाख करोड़ का बाजार अवसर | वैश्विक ऑपरेटरों के साथ मैनेज्ड सर्विस पार्टनर बनकर टेक्नोलॉजी का निर्यात |
'ग्राहक ही हमारे व्यापार की धुरी': आकाश अंबानी
जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि कंपनी का मूल दर्शन हमेशा से तकनीक को सर्वसुलभ और किफायती बनाना रहा है।
“हमारे बिजनेस की सबसे महत्वपूर्ण इकाई हमारा ग्राहक है। जियो का फोकस देश के हर नागरिक, हर घर और हर छोटे-बड़े संस्थान को आधुनिक और किफायती डिजिटल सेवाओं से सशक्त करने पर है। तकनीक, डिजिटल गेटवे और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ हम भारत की 1.4 ट्रिलियन डॉलर की डिजिटल इकोनॉमी को रफ्तार देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।”
— आकाश अंबानी (एमडी, जियो प्लेटफॉर्म्स)
मोबिलिटी में अपग्रेडेशन और 19,000 पिन कोड तक ब्रॉडबैंड कवरेज
कंपनी ने अपने दोनों मुख्य उपभोक्ता सेगमेंट को लेकर आंकड़े और विकास की ठोस रणनीति साझा की:
- 2G-मुक्त भारत की ओर कदम: आकाश अंबानी के अनुसार, बाजार में 24 करोड़ ग्राहक ऐसे हैं जो आने वाले समय में 2G फीचर फोन से 4G/5G में शिफ्ट होंगे। इसके अतिरिक्त 10 करोड़ पहली बार मोबाइल सेवा लेने वाले उपभोक्ता जुड़ेंगे। वित्त वर्ष 2026 में जियो ने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से तीन गुना अधिक एक्टिव ग्राहक जोड़े।
- 10 करोड़ घरों का लक्ष्य: होम ब्रॉडबैंड सेगमेंट में जियो एयरफाइबर (वायरलेस) और जियोफाइबर (ऑप्टिकल फाइबर) के जरिए देश के 19,000 पिन कोड्स में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। नए फिक्स्ड ब्रॉडबैंड कनेक्शन बाजार में जियो का दबदबा 67.5% हिस्सेदारी के साथ बना हुआ है।
तकनीक आयातक से निर्यातक: भारत की स्वदेशी 5G स्टैक जाएगी विदेश
जियो ने स्पष्ट किया कि उसका तीसरा बड़ा फोकस वैश्विक स्तर पर अपनी तकनीक को मॉनेटाइज करना है। भारत में एंटरप्राइज डिजिटल सर्विसेज का बाजार लगभग ₹5.1 लाख करोड़ (56.8 अरब डॉलर) का है।
कंपनी ने स्वयं संपूर्ण एंड-टू-एंड 5G टेलीकॉम स्टैक विकसित की है। अब योजना सिर्फ सॉफ्टवेयर लाइसेंसिंग की नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय टेलीकॉम कंपनियों के साथ 'मैनेज्ड सर्विस पार्टनर' के तौर पर काम करने की है। इससे भारत विश्व पटल पर उच्च-स्तरीय सॉफ्टवेयर और टेलीकॉम इंजीनियरिंग का प्रमुख निर्यातक बनकर उभरेगा।
रिलायंस की विरासत और 1977 के ऐतिहासिक IPO की याद
प्रेस कॉन्फ्रेंस में रिलायंस की निदेशक ईशा अंबानी ने कहा कि कंपनी की सफलता चार स्तंभों पर आधारित है—दूरगामी सोच, विशाल पैमाना (Scale), त्रुटिहीन क्रियान्वयन (Flawless Execution) और सख्त वित्तीय अनुशासन।
वहीं, प्रसिद्ध बैंकर उदय कोटक ने कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए रिलायंस के संस्थापक स्व. धीरूभाई अंबानी के विजन और 1977 के ऐतिहासिक रिलायंस IPO को याद किया, जिसने भारतीय शेयर बाजार में आम खुदरा निवेशकों (Retail Investors) को वेल्थ क्रिएशन का सबसे बड़ा भागीदार बनाया था।



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