"संतों का संग और राम कथा ही मनुष्य के कल्याण का मार्ग है": लेटे हुए हनुमान जी के विग्रह को गोमती मैया करा रहीं स्नान; 51 लीटर दूध से होगा विशेष अभिषेक
लखनऊ: राजधानी के चौक स्थित ऐतिहासिक पंचवटी घाट पर बने प्राचीन श्री लेटे हुए हनुमान जी मंदिर में आयोजित सप्त दिवसीय श्रीराम कथा के चौथे दिन भक्ति और श्रद्धा का अनूठा दृश्य देखने को मिला। गोमती नदी के जलस्तर में वृद्धि के चलते नदी की अविरल धारा मंदिर के गर्भगृह तक पहुंच गई है, जिससे लेटे हुए हनुमान जी के विग्रह को मां गोमती द्वारा पूर्ण स्नान कराने का दुर्लभ और पावन संयोग बना। इसी दिव्य वातावरण के बीच कथा व्यास परम पूज्य स्वामी विष्णु दास जी महाराज ने भगवान श्रीराम के दंडकारण्य वन गमन, ऋषि-मुनियों के आश्रमों में आगमन और संत समागम के प्रसंगों का मार्मिक वाचन किया।
📌 कथा एवं आयोजन के प्रमुख बिंदु:
- गोमती मैया का जलाभिषेक: गोमती के जलस्तर में वृद्धि के कारण नदी का जल मंदिर परिसर में हनुमान जी के विग्रह तक पहुंचा; श्रद्धालुओं ने इसे अलौकिक दृश्य माना।
- 51 लीटर दूध से अभिषेक: मंगलवार को वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य 51 लीटर गाय के दूध एवं गंगाजल से पवनपुत्र हनुमान जी व गोमती मैया का विशेष अभिषेक होगा।
- कथा व्यास का संदेश: संतों का सानिध्य और रामचरितमानस का अध्ययन जीवन में त्याग, मर्यादा और सेवा की सच्ची दिशा देता है।
- विशिष्ट संतों की उपस्थिति: हनुमानगढ़ी नैमिषारण्य के महंत पवन दास जी, महंत धर्मराज जी एवं पूर्व मंत्री अरविंद सिंह 'गोप' रहे उपस्थित।
- श्रद्धालुओं का उत्साह: जलभराव और नदी के बढ़ते प्रवाह के बावजूद कथा पंडाल में श्रद्धालुओं की उपस्थिति निरंतर बढ़ रही है।
📊 सप्त दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव: एक नजर में
| प्रमुख विवरण | संबंधित जानकारी |
|---|---|
| आयोजन स्थल | प्राचीन श्री लेटे हुए हनुमान जी मंदिर, पंचवटी घाट, चौक, लखनऊ |
| कथा व्यास | परम पूज्य स्वामी विष्णु दास जी महाराज |
| चतुर्थ दिवस का प्रसंग | भगवान श्रीराम का दंडकारण्य वन गमन, संतों से मिलन एवं सत्संग महिमा |
| विशेष धार्मिक अनुष्ठान | मंगलवार को 51 लीटर दूध व गंगाजल से महाभिषेक |
| कथा संयोजक | डॉ. पंकज सिंह भदौरिया |
"राम का वनवास त्याग और धैर्य की अमर सीख": स्वामी विष्णु दास जी
कथा व्यास स्वामी विष्णु दास जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि मानव जीवन की सार्थकता संतों की संगति और प्रभु चर्चा में रमने से ही सिद्ध होती है। जब तक मनुष्य को सद्गुरु और संतों का सानिध्य नहीं मिलता, तब तक उसके विचार और कर्म संशय से मुक्त नहीं हो सकते।
"भगवान श्रीराम का 14 वर्षों का वन गमन मात्र एक ऐतिहासिक घटना या विपत्ति का प्रसंग नहीं था, बल्कि यह समाज को त्याग, मर्यादा, धैर्य, वचन-पालन और धर्म के अनुशासन में जीने की प्रेरणा देने वाला शाश्वत जीवन-दर्शन है। दंडकारण्य में संतों से भेंट कर प्रभु ने दर्शाया कि राज्य वैभव से भी अधिक मूल्य संतों के चरणों की धूल में है।"
— स्वामी विष्णु दास जी महाराज
कथा प्रसंगों के दौरान भजनों और श्रीराम नाम संकीर्तन पर भक्तगण भाव-विभोर होकर झूम उठे, जिससे पूरा पंचवटी घाट क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से गुंजायमान रहा।
गोमती के जल ने छुआ विग्रह, मंगलवार को होगा 51 लीटर दूध से अभिषेक
कथा संयोजक डॉ. पंकज सिंह भदौरिया ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पंचवटी घाट स्थित लेटे हुए हनुमान जी के विग्रह तक मां गोमती का जल पहुंच चुका है, जिसे श्रद्धालु गोमती मैया द्वारा मारुति नंदन के चरण वंदन एवं पूर्ण स्नान के रूप में देख रहे हैं।
इस विशेष धार्मिक अवसर पर मंगलवार को 51 लीटर गाय के दूध, गंगाजल, शहद और सुगंधित द्रव्यों के साथ वैदिक ऋचाओं के उच्चारण के बीच हनुमान जी और गोमती मैया का विधिवत महाभिषेक किया जाएगा। मंदिर समिति द्वारा कछारी इलाके में सुरक्षा के आवश्यक उपाय भी सुनिश्चित किए गए हैं।
संतों और गणमान्य नागरिकों की रही उपस्थिति
कथा सत्र में संतों और जनप्रतिनिधियों ने व्यासपीठ का पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे:
- संत समाज: हनुमानगढ़ी नैमिषारण्य के महंत पवन दास जी महाराज एवं महंत धर्मराज जी महाराज।
- अतिथि: पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद सिंह 'गोप'।
- व्यवस्था एवं आयोजन समिति: व्यवस्थापक अखिलेश कुमार, अतुल सिंह, अभिषेक गुप्ता, अमित शर्मा, अजय मेहरोत्रा, ब्लॉक प्रमुख नीतू यादव, रजत सक्सेना, अभिषेक खरे सहित सैकड़ों रामभक्त।


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