मोंटफोर्ट इंटर कॉलेज में ‘जेन जेनिथ 2026’ का भव्य शुभारंभ: 17 प्रतिष्ठित स्कूलों के विद्यार्थियों ने दिखाई वैज्ञानिक व कलात्मक प्रतिभा
लखनऊ: राजधानी के प्रतिष्ठित मोंटफोर्ट इंटर कॉलेज में शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को दो दिवसीय शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं वैज्ञानिक अंतर-विद्यालयी महोत्सव ‘जेन जेनिथ 2026’ (Gen Zenith: Rise, Reimagine, Reign-2026) का रंगारंग शुभारंभ हुआ। विद्यालय सभागार में आयोजित इस भव्य फेस्ट में लखनऊ के 17 प्रमुख विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। इस वर्ष महोत्सव की केंद्रीय थीम ‘जब तक सांस है, तब तक उम्मीद है’ रखी गई है, जिसके माध्यम से युवाओं को प्रतिकूल परिस्थितियों में भी आशावादी और सृजनशील बने रहने की प्रेरणा दी गई।
📌 ‘जेन जेनिथ 2026’ के मुख्य आकर्षण:
- 17 स्कूलों की भागीदारी: लखनऊ के 17 शीर्ष विद्यालयों की टीमों ने विभिन्न बौद्धिक व तकनीकी स्पर्धाओं में लिया हिस्सा।
- मुख्य अतिथि का संदेश: छांव फाउंडेशन के चीफ ऑपरेशन ऑफिसर अजीत सिंह ने दीप प्रज्वलित कर महोत्सव का विधिवत उद्घाटन किया।
- विविध प्रतियोगिताएं: वाद्य संगीत (ब्लिजर्ड), डिजिटल वीडियोग्राफी (रील क्रॉनिकल), विज्ञान शोध (बायोमस्केटियर) और कोडिंग नवाचार (डेवलपर्स डिलाइट)।
- तर्कशक्ति व मानसिक क्षमता: ‘माइंड बॉगलर’ क्विज़ प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपनी विश्लेषणात्मक व तार्किक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
📊 ‘जेन जेनिथ 2026’ महोत्सव: एक नजर में
| घटक / पहलू | विवरण |
|---|---|
| आयोजन स्थल | मोंटफोर्ट इंटर कॉलेज, लखनऊ |
| कार्यक्रम की थीम | जब तक सांस है, तब तक उम्मीद है (Rise, Reimagine, Reign) |
| मुख्य अतिथि | अजीत सिंह (चीफ ऑपरेशन ऑफिसर, छांव फाउंडेशन, लखनऊ) |
| सहभागी विद्यालय | लखनऊ के 17 प्रतिष्ठित स्कूल |
| प्रमुख आयोजन नेतृत्व | प्रधानाचार्य ब्रदर जीनू अब्राहम, उपप्रधानाचार्या नीना कैरन दास, प्रशासक ब्रदर सूरज |
उद्घाटन सत्र: रूढ़ियों को तोड़कर नई सोच अपनाने का आह्वान
समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि अजीत सिंह द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। तत्पश्चात विद्यालय की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रार्थना नृत्य ने संपूर्ण वातावरण को दिव्यता प्रदान की। स्वागत भाषण में प्रधानाचार्य ब्रदर जीनू अब्राहम ने छात्रों को परंपराओं की परिधि से बाहर निकलकर मौलिक विचारों के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी।
“जब तक जीवन है, तब तक उम्मीद बाकी है। उम्मीद वह मशाल है जो घने अंधकार और विकट परिस्थितियों में भी सफलता का मार्ग आलोकित करती है। छात्र अपनी अंतर्निहित क्षमताओं को पहचानें और पूर्ण आत्मविश्वास व सकारात्मक ऊर्जा के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लें।”
— नीना कैरन दास (उपप्रधानाचार्या एवं कार्यक्रम संयोजिका)
संगीत, डिजिटल कला और कोडिंग में दिखा युवाओं का दम
फेस्ट के पहले दिन आयोजित विभिन्न तकनीकी और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में छात्रों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला:
- ब्लिजर्ड (Blizzard) व मॉक्सी इफोनी (Moxie Euphony): वाद्यों की मधुर जुगलबंदी और सुरमयी गायन प्रस्तुतियों से विद्यार्थियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
- रील क्रॉनिकल (Reel Chronicle): डिजिटल स्टोरीटेलिंग, फोटोग्राफी और विजुअल एडिटिंग के माध्यम से छात्रों ने आधुनिक कला का प्रदर्शन किया।
- बायोमस्केटियर (Biomusketeer): पर्यावरण और जीवन विज्ञान से जुड़े प्रोजेक्ट्स में युवा शोधकर्ताओं की वैज्ञानिक सोच उभरी।
- डेवलपर्स डिलाइट व सिलवट: तकनीकी कोडिंग, सॉफ्टवेयर समाधान और कलात्मक शिल्पकला में विद्यार्थियों ने नवाचार प्रस्तुत किए।
- माइंड बॉगलर (Mind Boggler): तार्किक पहेलियों और सामान्य ज्ञान पर आधारित इस स्पर्धा में बौद्धिक तीव्रता का परीक्षण हुआ।
किताबी ज्ञान से परे सर्वांगीण विकास का सशक्त मंच
महोत्सव के आयोजकों के अनुसार, ‘जेन जेनिथ’ का प्राथमिक लक्ष्य छात्रों को पारंपरिक पाठ्यक्रम की सीमाओं से बाहर निकालकर व्यवहारिक कौशल, नेतृत्व क्षमता और टीम वर्क से जोड़ना है। विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों के परस्पर संवाद से न केवल स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का विकास हुआ बल्कि एक-दूसरे से सीखने की संस्कृति को भी बढ़ावा मिला। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रशासक ब्रदर सूरज के सहयोग से किया गया।



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