“दलितों और वंचितों की प्रखर आवाज थे रामविलास पासवान”: पूर्व केंद्रीय मंत्री की 6ठी पुण्यतिथि पर बोले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ; राज्यपाल आनंदीबेन पटेल व केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान रहे मौजूद
लखनऊ: पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं प्रख्यात जननेता स्वर्गीय रामविलास पासवान की छठी पुण्यतिथि के अवसर पर राजधानी लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी में भव्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रामविलास पासवान जुझारू तेवर वाले ऐसे जननेता थे, जिन्होंने सामाजिक चेतना को नया आयाम दिया। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि जो सम्मान रामविलास पासवान को बिहार में मिला है, वही पूर्ण सम्मान उत्तर प्रदेश में भी दिलाया जाएगा।
📌 श्रद्धांजलि सभा के प्रमुख बिंदु:
- सामाजिक चेतना के संवाहक: 50 वर्ष पूर्व बिहार से उभरे रामविलास पासवान ने अपना पूरा जीवन बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के सपनों के भारत के निर्माण के लिए समर्पित किया।
- ऐतिहासिक जनादेश: बिहार की जनता ने उनके स्वर को सम्मान देते हुए उन्हें ऐतिहासिक व सर्वाधिक मतों से जिताकर संसद भेजा।
- संसदीय अनुभव: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बतौर सांसद लंबे समय तक संसद में पासवान जी के साथ कार्य करने के अनुभवों को साझा किया।
- चिराग पासवान का प्रयास: सीएम ने कहा कि केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में अपने पिता के सामाजिक न्याय के मिशन को निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं।
- सदाशयता और सहजता: अटल बिहारी वाजपेयी और नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल में कार्य करने के दौरान भी उनका व्यवहार सदा सर्वग्राही, सहज और स्नेही रहा।
📊 रामविलास पासवान स्मृति सभा: एक नजर में
| पहलू / विवरण | तथ्य व जानकारी |
|---|---|
| आयोजन का अवसर | पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय रामविलास पासवान की 6ठी पुण्यतिथि |
| स्थान | सुशांत गोल्फ सिटी, लखनऊ (उत्तर प्रदेश) |
| प्रमुख उपस्थिति | राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान |
| मूल विचार | दलित-वंचित समाज को मुख्यधारा में सम्मान दिलाना और भारतीय परंपराओं के प्रति निष्ठा |
50 वर्षों की तपस्या: बाबा साहेब के सपनों को साकार करने में बीता जीवन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि करीब पांच दशक पहले बिहार की राजनीति में एक युवा जननेता के रूप में रामविलास पासवान का उदय हुआ था। वे उस दौर में शोषित, पीड़ित और वंचित समाज की सबसे मुखर आवाज बनकर उभरे।
“रामविलास जी जुझारू तेवर वाले जननेता थे। उन्होंने जो बोला, उसी के अनुरूप अपना संपूर्ण जीवन जिया। बिना किसी भेदभाव के सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाया। दलितों और वंचितों को समाज की मुख्यधारा में सम्मानजनक स्थान दिलाना उनका आजीवन संकल्प रहा। बिहार सरकार का आभार कि वहां उनकी स्मृति में राष्ट्रीय समारोह आयोजित हो रहा है। हम आश्वस्त करते हैं कि जो सम्मान उन्हें बिहार में मिला है, वही यथोचित सम्मान उत्तर प्रदेश में भी दिलाया जाएगा।”
— योगी आदित्यनाथ (मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश)
संसद में साथ बिताए दिन और भारतीय परंपराओं के प्रति आस्था
मुख्यमंत्री ने संसद में रामविलास पासवान के साथ लंबे समय तक काम करने के अपने अनुभवों को याद किया। उन्होंने कहा कि वैचारिक दृष्टिकोण में भिन्नता के बावजूद भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति पासवान जी के मन में अगाध श्रद्धा थी।
चाहे श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी का मंत्रिमंडल रहा हो या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार, रामविलास जी ने जनहित के मुद्दों को पूरी निष्ठा से उठाया। चुनावी रैलियों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनकी सादगी, आत्मीयता और सहजता हर किसी के दिल को छू लेती थी।
पिता के संकल्पों को आगे बढ़ा रहे केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान
मुख्यमंत्री ने कहा कि यद्यपि रामविलास पासवान की भौतिक अनुपस्थिति सदैव खलती है, लेकिन यह संतोषजनक है कि उनके सुपुत्र चिराग पासवान अपने पिता के सामाजिक मिशन को पूरी ऊर्जा के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल में जिम्मेदारी निभाते हुए वे हर मंच से समाज के पिछड़े और वंचित वर्गों के अधिकारों को मजबूती से उठा रहे हैं। सीएम ने लखनऊ में इस गरिमामयी सभा के आयोजन के लिए चिराग पासवान का आभार भी जताया।
भजनों के श्रवण से आध्यात्मिक हुआ वातावरण
श्रद्धांजलि सभा के दौरान उपस्थित सभी अतिथियों और अनुयायियों ने भक्तिमय भजनों का श्रवण किया। पूरा परिसर आध्यात्मिक और संवेदनात्मक माहौल में रम गया। कार्यक्रम में पासवान परिवार के सदस्य, वरिष्ठ जननेता, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में समर्थक उपस्थित रहे।


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