प्रदेश की अर्थव्यवस्था की ताकत और समृद्धि का आधार है 'अन्नदाता': सीएम योगी ने 2017 के बाद कृषि क्षेत्र में आए ऐतिहासिक बदलावों का रखा ब्योरा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 के बाद प्रदेश के कृषि परिदृश्य में आए संरचनात्मक और नीतिगत बदलावों का विस्तृत लेखा-जोखा साझा किया है। उन्होंने अन्नदाता किसान को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की मजबूत रीढ़ और समृद्धि का मूल आधार बताया। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार किसानों को ‘बीज से लेकर बाजार तक’ की सभी सुविधाएं सुलभ करा रही है, जिससे किसान बदहाली से निकलकर आत्मनिर्भरता की राह पर अग्रसर हुआ है।
📌 यूपी कृषि क्षेत्र की प्रमुख उपलब्धियां:
- कृषि विकास दर में भारी उछाल: राज्य की कृषि विकास दर 8 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत पर पहुंची।
- राष्ट्रीय खाद्यान्न में बड़ा योगदान: देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 21 प्रतिशत दर्ज की गई।
- धान खरीद और डीबीटी भुगतान: वर्ष 2017 से मार्च 2026 तक 80 लाख से अधिक किसानों से 519 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा धान खरीदकर ₹1,03,833 करोड़ का सीधा भुगतान किया गया।
- अग्रणी उत्पादन: दुग्ध, गन्ना, गेहूं और आलू उत्पादन में उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर कायम है।
- एमएसपी में ₹71 की वृद्धि: इस वर्ष भी धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में ₹71 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी कर किसानों की आय सुरक्षित की गई।
📊 उत्तर प्रदेश कृषि विकास रिपोर्ट: प्रमुख आंकड़े
| क्षेत्र / पैमाना | वर्तमान स्थिति एवं आंकड़े |
|---|---|
| कृषि विकास दर (Agri Growth Rate) | 8% से बढ़कर 18% तक पहुंची |
| राष्ट्रीय खाद्यान्न में हिस्सेदारी | देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन का 21% |
| धान खरीद (2017 से मार्च 2026) | 519 लाख मीट्रिक टन से अधिक (80 लाख+ किसान) |
| कुल भुगतान (DBT द्वारा) | ₹1,03,833 करोड़ से अधिक सीधे खातों में |
| शीर्ष उत्पादक राज्य | गेहूं, गन्ना, दुग्ध व आलू उत्पादन में देश में नंबर 1 |
2017 से पहले कर्ज और बिचौलियों का साया, अब सीधी आर्थिक सुरक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले की सरकारों में नीतियां किसान-केंद्रित न होने के कारण अन्नदाता कर्ज, बदहाली और लाचारी में डूबा हुआ था। मंडियों में बिचौलियों का प्रभाव था और समय पर न तो फसलों की खरीद होती थी, न ही भुगतान मिलता था।
“वर्ष 2017 से पहले जो अन्नदाता किसान कर्ज, बदहाली व लाचारी में डूबा रहता था और बिचौलियों के चक्कर लगाने को मजबूर था, आज वही अन्नदाता किसान कर्ज से मुक्त होकर उन्नत बीज, सिंचाई, और डीबीटी के माध्यम से एमएसपी एवं पीएम सम्मान निधि का लाभ ले रहा है।”
— योगी आदित्यनाथ (मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश)
सिंचाई तंत्र का विस्तार और फसल का उचित मूल्य
डबल इंजन सरकार के कार्यकाल में दशकों से अधूरी पड़ी सिंचाई परियोजनाओं (जैसे सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना व बाणसागर नहर परियोजना) को मिशन मोड में पूरा कराया गया, जिससे लाखों हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि तक नहर का पानी पहुंचा।
इसके साथ ही, फसलों की सरकारी खरीद में बिचौलियों की भूमिका समाप्त कर सीधे किसानों के बैंक खातों में पीएफएमएस (PFMS) प्रणाली के जरिए पारदर्शी भुगतान सुनिश्चित किया गया है। वर्तमान खरीफ विपणन सत्र में भी धान के समर्थन मूल्य में ₹71 प्रति क्विंटल की वृद्धि कर अन्नदाताओं को राहत दी गई है।

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