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योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: प्रदेश की 3.80 लाख आंगनबाड़ी कर्मियों को सौगात; अब 3 साल के बजाय प्रतिवर्ष मिलेगी अतिरिक्त साड़ी

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को योगी सरकार की सौगात: अब हर साल मिलेगी 1 अतिरिक्त साड़ी; कैबिनेट ने ₹19.02 करोड़ के प्रस्ताव को दी मंजूरी

📍 स्थान: लखनऊ, उत्तर प्रदेश | 📅 दिनांक: 09 अक्टूबर 2026 | 👩‍💼 श्रेणी: आंगनबाड़ी मानदेय व सुविधाएं, उत्तर प्रदेश कैबिनेट निर्णय, महिला एवं बाल विकास, लखनऊ समाचार

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मैदानी क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य और पोषण सेवाएं प्रदान कर रहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के हित में बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को संपन्न हुई राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को हर वर्ष 1 अतिरिक्त साड़ी उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर औपचारिक मुहर लगा दी गई है। पहले यह अतिरिक्त साड़ी 3 वर्ष में केवल एक बार दी जाती थी, जिसे अब वार्षिक कर दिया गया है। इस निर्णय से प्रदेश के 3.80 लाख से अधिक कर्मियों को सीधा लाभ मिलेगा और सरकार लगभग ₹19.02 करोड़ खर्च करेगी।

📌 आंगनबाड़ी साड़ी वितरण फैसले के प्रमुख बिंदु:

  • नियम में बदलाव: अब 3 साल में 1 अतिरिक्त साड़ी की जगह हर साल 1 अतिरिक्त साड़ी प्रदान की जाएगी।
  • कुल 3 साड़ियां प्रतिवर्ष: सामान्य योजना में पहले से मिलने वाली 2 साड़ियों (60:40 केंद्रांश/राज्यांश) के अतिरिक्त अब 1 और साड़ी राज्य सरकार अपने खर्च पर देगी।
  • 3,80,290 कर्मियों को लाभ: प्रदेश की 1,90,145 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और 1,90,145 सहायिकाओं को इस योजना के दायरे में शामिल किया गया है।
  • वित्तीय भार: ₹500 प्रति साड़ी की दर से राज्य सरकार पर कुल ₹19,01,45,000 (लगभग ₹19.02 करोड़) का वार्षिक व्यय आएगा।

📊 आंगनबाड़ी अतिरिक्त साड़ी योजना: एक नजर में

मानक / विवरण आधिकारिक आंकड़े व प्रावधान
कुल स्वीकृत आंगनबाड़ी केंद्र 1,90,145 केंद्र
कुल लाभार्थी कर्मी 3,80,290 (1.90 लाख कार्यकर्ता + 1.90 लाख सहायिका)
पहले की व्यवस्था प्रति 3 वर्ष में 1 अतिरिक्त साड़ी
कैबिनेट द्वारा स्वीकृत नई व्यवस्था प्रतिवर्ष 1 अतिरिक्त साड़ी (100% राज्यांश द्वारा)
प्रति साड़ी निर्धारित लागत ₹500 प्रति साड़ी
कुल राज्य वित्तीय भार ₹19,01,45,000 (लगभग ₹19.02 करोड़)

धुलाई, मौसम और फील्ड की व्यावहारिक समस्याओं का समाधान

कैबिनेट बैठक के उपरांत वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं जमीनी स्तर पर 6 वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं और किशोरियों तक पोषण व टीकाकरण सुविधाएं पहुंचाती हैं।

“फील्ड और ग्रामीण अंचलों में निरंतर कार्यरत रहने के कारण निर्धारित वेशभूषा (यूनिफॉर्म) की नियमित धुलाई, बारिश, धूप और आकस्मिक परिस्थितियों में साड़ी के गंदे या फटने की समस्या आती थी। इस व्यावहारिक परेशानी को समाप्त करने के लिए अब हर साल एक अतिरिक्त साड़ी देने का निर्णय लिया गया है, ताकि वे सम्मान और सुविधा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें।”
— सुरेश कुमार खन्ना (वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री, उत्तर प्रदेश)

यूनिफॉर्म वितरण व्यवस्था: अब मिलेंगी कुल 3 साड़ियां

केंद्र प्रायोजित योजना के नियमों के अनुसार आंगनबाड़ी कर्मियों को सामान्य योजना में केंद्र और राज्य के 60:40 अनुपात से प्रतिवर्ष 2 साड़ियां प्रदान की जाती हैं। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अपने स्तर पर 1 अतिरिक्त साड़ी जोड़ने के बाद अब इन कर्मियों को प्रतिवर्ष कुल 3 साड़ियां उपलब्ध होंगी। इससे कार्यस्थल पर निर्धारित यूनिफॉर्म कोड का पालन सुनिश्चित होगा और कर्मियों को व्यक्तिगत खर्च नहीं करना पड़ेगा।

निष्कर्ष: योगी सरकार का यह निर्णय प्रदेश की पौने चार लाख महिला कर्मियों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिससे जमीनी स्तर पर बाल विकास और पोषण सेवाओं का संचालन अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा।

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