दशहरा पर अन्नदाता किसानों को योगी सरकार का बड़ा उपहार: भारी अनुदान पर मिलेंगे आधुनिक कृषि यंत्र; 7 से 20 अक्टूबर तक करें ऑनलाइन आवेदन
लखनऊ: विजयादशमी (दशहरा) के पावन पर्व पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश के अन्नदाता किसानों को आधुनिक खेती और समृद्ध उत्पादन का बड़ा उपहार दिया है। राज्य सरकार ने विभिन्न योजनाओं के तहत अत्याधुनिक कृषि यंत्रों, किसान ड्रोन, कस्टम हायरिंग सेंटर और फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना पर बंपर अनुदान (सब्सिडी) देने की घोषणा की है। इच्छुक काश्तकार कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल www.agriculture.up.gov.in पर जाकर 7 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 तक अपनी जनपदवार ऑनलाइन बुकिंग व आवेदन कर सकते हैं।
📌 कृषि यंत्र अनुदान योजना के मुख्य बिंदु:
- आवेदन की समयावधि: 7 अक्टूबर 2026 से 20 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन पोर्टल खुला रहेगा।
- आधिकारिक वेबसाइट: कृषि विभाग उत्तर प्रदेश का पोर्टल (www.agriculture.up.gov.in)।
- यंत्रों का विशाल आवंटन: सब-मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन (SMAM) में 2,166 यंत्र तथा फसल अवशेष प्रबंधन (इन-सीटू) में 1,755 यंत्र उपलब्ध।
- बड़े प्रोजेक्ट्स पर अनुदान: कस्टम हायरिंग सेंटर (₹10 लाख व ₹30 लाख प्रोजेक्ट) और फार्म मशीनरी बैंक (₹10 लाख प्रोजेक्ट) पर भारी वित्तीय सहायता।
- हाई-टेक फार्मिंग: किसान ड्रोन, फसल अवशेष प्रबंधन यंत्र, मेज सेलर, मिलेट पर्लर और कीट रोग नियंत्रण उपकरण भी शामिल।
📊 कृषि यंत्र अनुदान योजना 2026: एक नजर में
| प्रमुख विवरण | नियम व योजना प्रावधान |
|---|---|
| आवेदन अवधि | 07 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 |
| आवेदन का माध्यम | ऑनलाइन (www.agriculture.up.gov.in) |
| SMAM योजनांतर्गत यंत्र | 2,166 कृषि यंत्र |
| फसल अवशेष प्रबंधन यंत्र | 1,755 कृषि यंत्र (In-situ Management) |
| सेंटर व बैंक स्थापना | कस्टम हायरिंग सेंटर (₹10 लाख व ₹30 लाख) एवं फार्म मशीनरी बैंक (₹10 लाख) |
किन-किन कृषि उपकरणों और योजनाओं पर मिलेगा अनुदान?
संयुक्त कृषि निदेशक (अभियंत्रण) बलराम वर्मा ने बताया कि कृषि यंत्रीकरण को जमीनी स्तर पर बढ़ावा देने और पराली प्रबंधन के स्थायी समाधान हेतु कई केंद्रीय और राज्य पोषित योजनाओं को एक साथ खोला गया है:
- सब-मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन (SMAM): इसके तहत व्यक्तिगत किसानों को 2,166 विभिन्न प्रकार के एकल कृषि यंत्रों की खरीद पर निर्धारित सरकारी छूट दी जाएगी।
- फसल अवशेष प्रबंधन (इन-सीटू स्कीम): पराली निस्तारण से जुड़े 1,755 आधुनिक यंत्रों के साथ-साथ ₹30 लाख की लागत वाले बड़े कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना पर अनुदान दिया जाएगा।
- किसान ड्रोन तकनीक: कीटनाशकों और नैनो यूरिया के सटीक व सुरक्षित छिड़काव के लिए किसान ड्रोन परियोजना पर विशेष आर्थिक सहायता मिलेगी।
- त्वरित मक्का व मिलेट्स विकास कार्यक्रम: मोटे अनाजों और मक्का उत्पादक किसानों के लिए मेज सेलर (Maize Sheller) और मिलेट पर्लर (Millet Pearler) की खरीद पर अनुदान उपलब्ध है।
- पादप सुरक्षा एवं सीडीपी योजना: कीट रोग नियंत्रण योजना के तहत आधुनिक स्प्रेयर, कृषि रक्षा उपकरण तथा कपास/दलहन विकास परियोजना (CDP) के यंत्र भी शामिल हैं।
घर बैठे कैसे करें ऑनलाइन आवेदन? (स्टेप-बाय-स्टेप गाइड)
कृषि विभाग ने अनुदान प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी और बिचौलिया-मुक्त बनाया है। किसान इन सरल चरणों का पालन कर यंत्रों की बुकिंग कर सकते हैं:
- सबसे पहले कृषि विभाग उत्तर प्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट www.agriculture.up.gov.in पर जाएं।
- होमपेज पर उपलब्ध 'किसान कॉर्नर' (Kisan Corner) सेक्शन में जाएं।
- वहां 'यंत्र बुकिंग प्रारंभ' वाले लिंक पर क्लिक करें।
- अपनी किसान पंजीकरण संख्या (पंजीकरण आईडी) दर्ज कर सत्यापन करें।
- अपनी पसंद के कृषि यंत्र या कस्टम हायरिंग सेंटर का चयन करें और निर्धारित टोकन/जमानत धनराशि की प्रक्रिया पूरी करें।
- आवेदन का प्रिंटआउट सुरक्षित रखें, जिसके आधार पर आगे ई-लॉटरी या चयन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
खेती की लागत घटेगी, किसानों की आमदनी में होगा इजाफा
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, आधुनिक यंत्रों के प्रयोग से न केवल बुवाई और कटाई का समय बचता है, बल्कि डीजल और श्रम की लागत में भी 25 से 30 प्रतिशत तक की कमी आती है।
"दशहरा के पावन अवसर पर शुरू की जा रही इस बुकिंग से लघु और सीमांत किसानों को भी आधुनिक मशीनों से जुड़ने का सीधा मौका मिलेगा। फार्म मशीनरी बैंक और कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना से ग्रामीण युवा कृषि उद्यमी बनकर अन्य किसानों को किराए पर मशीनरी उपलब्ध करा सकेंगे।"
— बलराम वर्मा (संयुक्त कृषि निदेशक - अभियंत्रण, उप्र)

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