📘 🐦 📸
तेज़, सटीक और भरोसेमंद खबरें
🔴 Breaking
Loading news...
Voice of Capital को Google पर पसंदीदा स्रोत बनाएं
ताजा खबरों के लिए हमें Google पर Follow करें

Pages

UP Minimum Wages Hike: दिवाली से पहले यूपी के श्रमिकों को योगी सरकार का तोहफा, न्यूनतम मजदूरी बढ़ी; देखें नई सैलरी लिस्ट

UP Minimum Wages 2026: त्योहारों से पहले श्रमिकों को राहत, उत्तर प्रदेश में न्यूनतम मजदूरी की नई दरें लागू; जानिए अब कितनी मिलेगी सैलरी

📍 स्थान: लखनऊ (उत्तर प्रदेश) | 📅 प्रभावी अवधि: 01 अक्टूबर 2026 से 31 मार्च 2027 | 💼 श्रेणी: श्रम एवं रोजगार, न्यूनतम मजदूरी, शासनादेश, उत्तर प्रदेश सरकार

लखनऊ: त्योहारी सीजन से पहले उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश के लाखों श्रमिकों को बड़ी सौगात दी है। श्रम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक शासनादेश के तहत राज्य के 74 अनुसूचित नियोजनों (Scheduled Employments) में कार्यरत श्रमिकों के लिए परिवर्तनीय महंगाई भत्ते (VDA) की संशोधित दरें निर्धारित कर दी गई हैं। नई दरें 1 अक्टूबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेंगी। इस संशोधन के बाद अकुशल, अर्द्धकुशल और कुशल श्रमिकों के मासिक वेतन में ₹174.25 से लेकर ₹238.39 तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

📌 यूपी न्यूनतम मजदूरी संशोधन: प्रमुख बिंदु

  • प्रभावी समयावधि: 1 अक्टूबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक लागू रहेंगी नई वेतन दरें।
  • मूल्यांकन का आधार: जनवरी से जून 2026 तक के अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के औसत 431 अंकों के आधार पर हुई गणना।
  • मासिक बढ़ोतरी: श्रमिकों की दक्षता और क्षेत्र के आधार पर ₹174.25 से ₹238.39 प्रतिमाह तक की वृद्धि।
  • दैनिक वेतन गणना: न्यूनतम मजदूरी की दैनिक दर का निर्धारण मासिक मजदूरी के 1/26वें भाग के आधार पर होगा।
  • नियोजकों के लिए बाध्यकारी: सभी औद्योगिक इकाइयों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और ठेकेदारों को नई दरों के अनुसार ही भुगतान करना अनिवार्य होगा।

1. गौतम बुद्ध नगर एवं गाजियाबाद: नई मासिक मजदूरी दरें

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) से जुड़े औद्योगिक जनपदों—गौतम बुद्ध नगर (नोएडा/ग्रेटर नोएडा) और गाजियाबाद में कार्यरत श्रमिकों के लिए संशोधित न्यूनतम वेतनमान इस प्रकार निर्धारित किया गया है:

श्रमिक की श्रेणी पुरानी मजदूरी नई मजदूरी (प्रतिमाह) मासिक वृद्धि
अकुशल (Unskilled) ₹13,690.00 ₹13,883.59 + ₹193.59
अर्द्धकुशल (Semi-Skilled) ₹15,059.00 ₹15,271.41 + ₹212.41
कुशल (Skilled) ₹16,868.00 ₹17,106.39 + ₹238.39

2. अन्य नगर निगम वाले जिलों (लखनऊ, कानपुर, वाराणसी आदि) की दरें

गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद को छोड़कर उत्तर प्रदेश के समस्त नगर निगम वाले जनपदों (जैसे लखनऊ, कानपुर, आगरा, वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ, बरेली, गोरखपुर आदि) के लिए संशोधित दरें निम्नवत हैं:

श्रमिक की श्रेणी पुरानी मजदूरी नई मजदूरी (प्रतिमाह) मासिक वृद्धि
अकुशल (Unskilled) ₹13,006.00 ₹13,189.68 + ₹183.68
अर्द्धकुशल (Semi-Skilled) ₹14,306.00 ₹14,507.46 + ₹201.46
कुशल (Skilled) ₹16,025.00 ₹16,250.86 + ₹225.86

3. प्रदेश के शेष जनपदों में लागू न्यूनतम वेतन

प्रदेश के अन्य सभी छोटे और ग्रामीण क्षेत्रों वाले जनपदों में कार्यरत श्रमिकों की संशोधित न्यूनतम मजदूरी इस प्रकार रहेगी:

श्रमिक की श्रेणी पुरानी मजदूरी नई मजदूरी (प्रतिमाह) मासिक वृद्धि
अकुशल (Unskilled) ₹12,356.00 ₹12,530.25 + ₹174.25
अर्द्धकुशल (Semi-Skilled) ₹13,590.00 ₹13,782.30 + ₹192.30
कुशल (Skilled) ₹15,224.00 ₹15,438.42 + ₹214.42

महंगाई भत्ते (VDA) की गणना और विभागीय दिशा-निर्देश

श्रम विभाग की ओर से 21 अक्टूबर 2026 को जारी शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि परिवर्तनीय महंगाई भत्ते की गणना जनवरी से जून 2026 तक के अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के औसत 431 अंकों के आधार पर की गई है। इसमें 400 अंकों के निर्धारित आधार स्तर से ऊपर की वृद्धि को समायोजित किया गया है।

“श्रमिकों के दैनिक वेतन का निर्धारण मासिक वेतन को 26 कार्यदिवसों (1/26) से विभाजित करके किया जाएगा। यदि किसी औद्योगिक इकाई में किसी कर्मचारी को पहले से ही तय न्यूनतम वेतन से अधिक भुगतान मिल रहा है, तो उस उच्चतर दर में कोई कटौती नहीं की जा सकेगी।”

नियोजकों और कंपनियों को अनिवार्य अनुपालन के आदेश

श्रम आयुक्त कार्यालय ने सभी जिला श्रम अधिकारियों और उप-श्रम आयुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली सभी फैक्ट्रियों, निर्माण स्थलों, आउटसोर्सिंग एजेंसियों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में नई दरों का क्रियान्वयन सुनिश्चित कराएं।

  • समयबद्ध वेतन भुगतान: प्रत्येक महीने की निर्धारित तारीख तक श्रमिकों के बैंक खातों में संशोधित दरों के अनुरूप मजदूरी अंतरित की जानी चाहिए।
  • न्यूनतम दर से कम भुगतान अपराध: न्यूनतम मजदूरी अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, निर्धारित दरों से कम भुगतान करने पर संबंधित संस्थान के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा सकती है।
निष्कर्ष: बढ़ती महंगाई के बीच योगी सरकार द्वारा न्यूनतम मजदूरी में की गई यह छमाही बढ़ोतरी असंगठित और संगठित दोनों क्षेत्रों के श्रमिकों के जीवन स्तर को संबल प्रदान करेगी। 31 मार्च 2027 तक यह नई व्यवस्था राज्यभर में पूरी तरह प्रभावी रहेगी।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

📢 WhatsApp से जुड़ें