संविदा स्वास्थ्यकर्मियों के हित में सरकार के कदम सराहनीय: करुणा शंकर मिश्रा ने ₹30 लाख के बीमा सुरक्षा को बताया ऐतिहासिक, दीपावली पर बोनस व इंक्रीमेंट की लगाई गुहार
लखनऊ: उत्तर प्रदेश क्षय रोग वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष करुणा शंकर मिश्रा ने प्रदेश सरकार एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की मिशन निदेशक द्वारा संविदा स्वास्थ्यकर्मियों के कल्याणार्थ उठाए गए नीतिगत कदमों की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि संविदा कर्मियों को 30 लाख रुपये का जीवन बीमा कवच प्रदान करना एक ऐतिहासिक और संवेदनशील निर्णय है, जिससे फील्ड में दिन-रात जनसेवा करने वाले कर्मचारियों और उनके परिवारों को वास्तविक सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा मिली है। इसके साथ ही उन्होंने पावन दीपावली पर्व पर संविदा कर्मियों के लिए बोनस, वार्षिक वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) और कैशलेस चिकित्सा सुविधा की सौगात देने की पुरजोर अपील की है।
📌 संविदा स्वास्थ्यकर्मी कल्याण: प्रमुख बिंदु
- ₹30 लाख की बीमा सुरक्षा: आकस्मिक या असामयिक निधन की स्थिति में संविदा कर्मियों के परिजनों को ₹30 लाख की आर्थिक सुरक्षा को बताया ऐतिहासिक फैसला।
- कार्यस्थल पर भयमुक्त माहौल: सेवा समाप्ति की अनिश्चितता और प्रशासनिक दबावों को दूर करने में मिशन निदेशक की सकारात्मक भूमिका की सराहना।
- कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा की मांग: अन्य नियमित राज्यकर्मियों की तर्ज पर NHM संविदा स्वास्थ्यकर्मियों और उनके परिवारों को भी मिले कैशलेस इलाज।
- दीपावली पर आर्थिक संबल: बढ़ती महंगाई के दृष्टिगत त्योहार के अवसर पर संविदा कर्मचारियों को अनुग्रह राशि (बोनस) और समयबद्ध इंक्रीमेंट देने का आग्रह।
- नेतृत्व से उम्मीद: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के संवेदनशील नेतृत्व में समाधान की प्रबल उम्मीद जताई।
📊 संविदा स्वास्थ्यकर्मियों की स्थिति एवं प्रमुख मांगें: एक नजर में
| कल्याणकारी बिंदु / मांग | विभागीय प्रगति एवं कर्मचारी संघ का पक्ष |
|---|---|
| ₹30 लाख बीमा सुरक्षा | सरकार व एनएचएम नेतृत्व द्वारा लागू; संघ ने इसे मील का पत्थर बताया। |
| नौकरी की सुरक्षा | मिशन निदेशक के हस्तक्षेप से बेवजह सेवा समाप्ति के दबाव से मिली मुक्ति। |
| कैशलेस चिकित्सा योजना | नियमित कर्मचारियों की भांति संविदा कर्मियों व आश्रितों को जोड़ने की मांग। |
| दीपावली बोनस व इंक्रीमेंट | त्योहारी सीजन में प्रोत्साहन राशि और लंबित वार्षिक वेतन वृद्धि की मांग। |
'₹30 लाख का बीमा परिजनों के लिए बड़ा संबल': करुणा शंकर मिश्रा
उत्तर प्रदेश क्षय रोग वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष करुणा शंकर मिश्रा ने विस्तार से बात रखते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर संचारी रोगों के उन्मूलन, टीबी नियंत्रण और आपातकालीन स्वास्थ्य अभियानों में संविदा कर्मियों की भूमिका रीढ़ की तरह है।
“पूर्व के वर्षों में संविदा कर्मियों के सिर पर सदैव नौकरी जाने की तलवार लटकी रहती थी और किसी अनहोनी पर परिवार पूरी तरह बेसहारा हो जाता था। मिशन निदेशक महोदया के मानवीय दृष्टिकोण और प्रदेश सरकार के निर्णय से अब ₹30 लाख की बीमा सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। इससे कर्मियों का मनोबल कई गुना बढ़ा है।”
— करुणा शंकर मिश्रा (प्रदेश अध्यक्ष, उ.प्र. क्षय रोग वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक संघ)
कैशलेस स्वास्थ्य सुरक्षा और वेतन वृद्धि की पुरजोर पैरवी
संघ ने प्रदेश सरकार का ध्यान संविदा कर्मियों की दो सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकताओं की ओर आकर्षित किया:
- कैशलेस हेल्थ कार्ड: दूसरों का इलाज करने वाले संविदा स्वास्थ्यकर्मी और उनका परिवार स्वयं किसी गंभीर बीमारी में आर्थिक तंगी का शिकार न हों, इसके लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस योजना के दायरे में NHM कर्मियों को शामिल किया जाए।
- त्योहारी बोनस एवं इंक्रीमेंट: दीपावली के पावन अवसर पर संविदा कर्मचारियों को आर्थिक प्रोत्साहन देने हेतु बोनस घोषित किया जाए तथा वार्षिक इंक्रीमेंट के आदेश तत्काल प्रभाव से जारी किए जाएं।
सीएम और डिप्टी सीएम के नेतृत्व पर जताया पूर्ण भरोसा
करुणा शंकर मिश्रा ने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक सदैव कार्मिकों के हितों के प्रति संवेदनशील रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि शासन स्तर पर लंबित इन मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा, जिससे प्रदेशभर के स्वास्थ्यकर्मियों के घरों में दीपावली का उल्लास दोगुना हो सके।
अंत में उन्होंने प्रदेश सरकार, एनएचएम मिशन निदेशालय और स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार प्रकट करते हुए प्रदेश के समस्त संविदा कर्मचारियों और उनके परिजनों को प्रकाश पर्व दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।



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