विकास प्राधिकरणों के सेवानिवृत्त कर्मियों को कैशलेस इलाज की मांग: डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ की मुहिम को मिला दो वरिष्ठ मंत्रियों का समर्थन, सीएम योगी से हस्तक्षेप की अपील
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के विभिन्न विकास प्राधिकरणों (Development Authorities) से सेवानिवृत्त हुए पेंशनर्स और उनके आश्रितों को सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। उत्तर प्रदेश विकास प्राधिकरण डिप्लोमा इंजीनियर्स (सेवानिवृत्त) संघ द्वारा उठाई गई इस जायज मांग को अब प्रदेश सरकार के दो वरिष्ठ मंत्रियों का भी मजबूत समर्थन मिल गया है। दोनों मंत्रियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले में सीधे हस्तक्षेप कर आवास एवं नगर नियोजन विभाग को इस संबंध में तत्काल आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है।
📌 पेंशनर्स कैशलेस इलाज मांग: मुख्य बिंदु
- प्रमुख मांग: विकास प्राधिकरणों के सभी सेवानिवृत्त पेंशनर्स और उनके पात्र पारिवारिक आश्रितों को राज्य सरकार के सूचीबद्ध निजी व सरकारी अस्पतालों में कैशलेस चिकित्सा मिले।
- मंत्रियों का मिला समर्थन: प्रदेश के दो वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर संघ की मांग का समर्थन किया और आदेश जारी करने की संस्तुति की।
- संघ का नेतृत्व: उत्तर प्रदेश विकास प्राधिकरण डिप्लोमा इंजीनियर्स (सेवानिवृत्त) संघ के प्रांतीय अध्यक्ष अशोक कुमार सिन्हा ने शासन स्तर पर मजबूती से उठाया मामला।
- वृद्धावस्था में आर्थिक संबल: सेवानिवृत्ति के उपरांत गंभीर बीमारियों के इलाज पर होने वाले भारी खर्च से सुरक्षा दिलाना ही योजना का मूल उद्देश्य।
- शासन के निर्णय की प्रतीक्षा: मंत्रियों की संस्तुति के बाद अब आवास एवं नगर नियोजन विभाग के स्तर पर नीतिगत आदेश का इंतजार है।
📊 विकास प्राधिकरण पेंशनर्स कैशलेस चिकित्सा योजना: प्रस्तावित प्रारूप
| विवरण / मानक | मांग एवं प्रस्तावित व्यवस्था |
|---|---|
| लक्षित लाभार्थी | समस्त विकास प्राधिकरणों (LDA, KDA, GDA, आदि) के सेवानिवृत्त कार्मिक व पात्र आश्रित |
| मांग का स्वरूप | पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना की तर्ज पर सुविधा |
| उपचार का दायरा | शासन द्वारा अनुबंधित/सूचीबद्ध निजी और सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल |
| पहलकर्ता संगठन | उ.प्र. विकास प्राधिकरण डिप्लोमा इंजीनियर्स (सेवानिवृत्त) संघ |
| वर्तमान प्रशासनिक स्थिति | दो वरिष्ठ मंत्रियों द्वारा मुख्यमंत्री को अग्रसारित; विभागीय शासनादेश का इंतजार |
'सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक स्वास्थ्य सुरक्षा अनिवार्य': अशोक कुमार सिन्हा
उत्तर प्रदेश विकास प्राधिकरण डिप्लोमा इंजीनियर्स (सेवानिवृत्त) संघ के प्रांतीय अध्यक्ष अशोक कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया कि विकास प्राधिकरणों के अभियंताओं और कर्मचारियों ने प्रदेश के शहरों के बुनियादी ढांचे, कॉलोनियों और मास्टर प्लान को धरातल पर उतारने में अपना पूरा जीवन समर्पित किया है।
“उम्र के इस पड़ाव पर पेंशनर्स को कई तरह की गंभीर और असाध्य बीमारियां घेर लेती हैं। वर्तमान में चिकित्सा प्रतिपूर्ति (Medical Reimbursement) की व्यवस्था इतनी जटिल और विलंबकारी है कि बुजुर्ग पेंशनर्स को अपने ही पैसों के भुगतान के लिए कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते हैं। यदि सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज की व्यवस्था लागू हो जाए, तो पेंशनर्स और उनके आश्रितों को समय पर जीवनरक्षक उपचार मिल सकेगा।”
— अशोक कुमार सिन्हा (प्रांतीय अध्यक्ष, सेवानिवृत्त डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ)
दो वरिष्ठ मंत्रियों ने सीएम योगी को लिखा पत्र, शीघ्र निर्णय की उम्मीद
संघ के प्रत्यावेदन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए प्रदेश सरकार के दो वरिष्ठ मंत्रियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को औपचारिक पत्र भेजकर इस मांग को न्यायसंगत बताया है। मंत्रियों ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि:
- समान स्वास्थ्य सुरक्षा: जब राज्य के नियमित सरकारी कर्मचारियों और कई अन्य उपक्रमों के पेंशनर्स को कैशलेस स्वास्थ्य कार्ड की सुविधा मिल रही है, तो विकास प्राधिकरणों के सेवानिवृत्त कर्मियों को इससे वंचित नहीं रखा जाना चाहिए।
- वित्तीय प्रावधान: विकास प्राधिकरणों के पास उपलब्ध पेंशन एवं कल्याण फंड से इस योजना के प्रीमियम या खर्च का समायोजन आसानी से किया जा सकता है, जिससे शासन पर अतिरिक्त वित्तीय भार भी नहीं पड़ेगा।
- तत्काल शासनादेश: मंत्रियों ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि आवास एवं नगर नियोजन विभाग को प्राथमिकता के आधार पर नियम तैयार कर शासनादेश जारी करने के निर्देश दिए जाएं।
हजारों पेंशनर्स परिवारों में जगी उम्मीद, टिकी निगाहें
लखनऊ (एलडीए), कानपुर (केडीए), गाजियाबाद (जीडीए), वाराणसी (वीडीए), प्रयागराज (पीडीए) और आगरा (एडीए) सहित प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरणों में कार्यरत हजारों सेवानिवृत्त अभियंताओं और कर्मचारियों के परिवारों में इस पहल से सकारात्मक उम्मीद जगी है।
कर्मचारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सदैव कर्मचारियों और बुजुर्ग पेंशनर्स के कल्याण के प्रति संवेदनशील रहे हैं। मंत्रियों के समर्थन के बाद अब उम्मीद है कि आगामी कैबिनेट या शासन स्तर की बैठक में इस पर सकारात्मक फैसला लिया जाएगा।





0 टिप्पणियाँ