पीलीभीत टाइगर रिजर्व का नया पर्यटन सत्र शुरू: पहले ही दिन उमड़े विदेशी सैलानी; थारू हट, ट्री हट और बंगाली कैंटीन की नई सुविधाओं का लोकार्पण
पीलीभीत: तराई के जंगलों और बाघों के प्राकृतिक बसेरे के लिए विश्वविख्यात पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) का नया पर्यटन सत्र रविवार, 1 नवंबर 2026 से पर्यटकों के लिए आधिकारिक तौर पर खोल दिया गया है। सत्र के शुभारंभ अवसर पर उत्तर प्रदेश के वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने विधिवत वैदिक हवन-पूजन के बाद सफारी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। नए सत्र के पहले ही दिन ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका और यूनाइटेड किंगडम (यूके) से आए विदेशी सैलानियों की आमद से स्थानीय इको-टूरिज्म में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
📌 पीलीभीत टाइगर रिजर्व पर्यटन सत्र: मुख्य आकर्षण
- सफारी का शुभारंभ: वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना और वरिष्ठ वन अधिकारियों ने चूका तक सफारी कर सत्र का आगाज किया।
- अंतरराष्ट्रीय आकर्षण: पहले ही दिन ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन व श्रीलंका के सैलानियों और फिल्म निर्देशकों ने जंगल सफारी का आनंद लिया।
- अग्रिम बुकिंग फुल: पर्यटकों के भारी उत्साह के चलते सत्र के पहले दिन से लेकर 9 नवंबर तक की सभी ऑनलाइन बुकिंग फुल हो चुकी हैं।
- नई आवासीय सुविधाएं: पर्यटकों के ठहरने के लिए प्राकृतिक परिवेश में थारू हट, वाटर हट और ट्री हट की नई व्यवस्था शुरू।
- सप्त सरोवर पर बंगाली जायका: वन्यजीव प्रेमियों के लिए सप्त सरोवर पर नई कैंटीन शुरू, जहां विशेष बंगाली व्यंजनों का प्रबंध किया गया है।
- पर्यावरण संरक्षण पहल: शहर के उद्योगपति अश्विनी अग्रवाल द्वारा उपलब्ध कराए गए इको-फ्रेंडली पेपर बैग और सप्त सरोवर डॉक्यूमेंट्री का विमोचन।
📊 पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) सत्र 2026-27: एक नजर में
| विवरण / मानक | सत्र की प्रमुख विशेषताएं एवं व्यवस्थाएं |
|---|---|
| सत्र प्रारंभ तिथि | 01 नवंबर 2026 (आधिकारिक उद्घाटन) |
| मुख्य अतिथि / उद्घाटनकर्ता | डॉ. अरुण कुमार सक्सेना (वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री, स्वतंत्र प्रभार) |
| सफारी रूट व मुख्य केंद्र | मुस्तफाबाद, चूका बीच (शारदा सागर जलाशय) एवं सप्त सरोवर |
| आवास (Stay) सुविधाएं | थारू हट, वाटर हट और ऊंचाई पर स्थित ट्री हट |
| विशेष खान-पान व नवाचार | सप्त सरोवर कैंटीन (पारंपरिक बंगाली व्यंजन) व प्लास्टिक-मुक्त पेपर बैग |
बाघों की बढ़ती आबादी और तराई का सौंदर्य: 9 नवंबर तक सभी बुकिंग फुल
वर्ष 2014 में टाइगर रिजर्व का दर्जा पाने के बाद पीलीभीत ने बाघ संरक्षण के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर 'TX2 अवॉर्ड' हासिल कर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। घने साल के जंगल, शारदा सागर डैम का खूबसूरत 'चूका बीच' और बाघों का आसान दीदार पर्यटकों को बरबस आकर्षित करता है।
“सैलानी अब घर बैठे ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सफारी और हट की बुकिंग आसानी से कर सकते हैं। पर्यटन सत्र के पहले ही दिन से 9 नवंबर तक की सभी सफारी बुकिंग पूरी तरह पैक हो चुकी हैं। विदेशी सैलानियों के साथ-साथ सिनेमा जगत के निर्देशकों का दल भी जैव-विविधता का अध्ययन करने पहुंचा है।”
जनप्रतिनिधियों और वन विभाग के शीर्ष अधिकारियों का जमावड़ा
उद्घाटन समारोह में क्षेत्रीय विधायकों और प्रदेश के शीर्ष वन अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। समारोह में मुख्य रूप से शामिल रहे:
- जनप्रतिनिधि: स्वामी प्रवक्तानंद (विधायक बरखेड़ा), बाबूराम पासवान (विधायक पूरनपुर) और विवेक वर्मा (विधायक बीसलपुर)।
- शीर्ष वन अधिकारी: सुनील चौधरी (प्रधान मुख्य वन संरक्षक), अनुराधा बेमूरी (प्रधान मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक, उप्र), रामकुमार (अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक), अरविंद कुमार सिंह (प्रबंध निदेशक, वन निगम) और पिनाकी प्रसाद सिंह (अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक)।
- स्थानीय वन प्रशासन: मनीष सिंह (प्रभागीय वनाधिकारी, पीटीआर), प्रखर गुप्ता (प्रभागीय निदेशक, बरेली) एवं भारत कुमार डीके (प्रभागीय निदेशक, पीलीभीत)।
सप्त सरोवर डॉक्यूमेंट्री और प्लास्टिक-मुक्त पर्यटन का संदेश
हवन-पूजन के उपरांत वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना और अधिकारियों के दल ने मुस्तफाबाद से चूका बीच तक सफारी कर सुरक्षा व व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस मौके पर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय उद्योगपति अश्विनी अग्रवाल द्वारा उपलब्ध कराए गए पर्यावरण-अनुकूल पेपर बैग का विमोचन किया गया, ताकि जंगल में सिंगल-यूज प्लास्टिक के प्रवेश को रोका जा सके। इसके साथ ही पर्यटकों को जल-संरक्षण और वेटलैंड के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से 'सप्त सरोवर' पर आधारित विशेष डॉक्यूमेंट्री फिल्म का लोकार्पण भी किया गया।



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