ऑनलाइन कारोबार और क्विक कॉमर्स पर रिलायंस रिटेल का बड़ा दांव: वैश्विक ब्रोकरेज हाउस ने दिखाई हरी झंडी, FY28-29 में मुनाफे की रफ्तार बढ़ने की उम्मीद
मुंबई: भारतीय खुदरा बाजार की दिग्गज कंपनी रिलायंस रिटेल (Reliance Retail) ने अपने ई-कॉमर्स और तेजी से उभरते 'क्विक कॉमर्स' सेगमेंट को मजबूत करने के लिए आक्रामक निवेश की रणनीति अपनाई है। जेपी मॉर्गन (JP Morgan), बैंक ऑफ अमेरिका (BofA) और सीएलएसए (CLSA) सहित शीर्ष ब्रोकरेज फर्मों ने कंपनी की इस दीर्घकालिक रणनीति पर सकारात्मक रुख जताया है। विश्लेषकों का स्पष्ट मानना है कि चालू वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) रिलायंस रिटेल के लिए बुनियादी ढांचे में निवेश और पुनर्गठन का वर्ष है, जिसका सीधा और बड़ा लाभ वित्त वर्ष 2028 और 2029 में मुनाफे व एबिटा (EBITDA) में उछाल के रूप में देखने को मिलेगा।
📌 रिलायंस रिटेल विस्तार: प्रमुख आंकड़े व विश्लेषण
- जियोमार्ट की दमदार बढ़त: सितंबर तिमाही में जियोमार्ट (JioMart) के ऑनलाइन ग्रॉसरी कारोबार में सालाना आधार पर 42% का भारी उछाल दर्ज हुआ।
- क्विक कॉमर्स पर फोकस: डार्क स्टोर नेटवर्क, वेयरहाउसिंग और सप्लाई चेन को मजबूत कर 10 से 30 मिनट में तेज डिलीवरी मॉडल पर काम।
- स्टोर विस्तार: मजबूत संभावनाओं वाले बाजारों में 303 नए स्टोर खोले गए; 1,000 से अधिक शहरों में फैले 5,000+ स्टोर्स का उपयोग डिलीवरी हब के रूप में।
- ग्राहक आधार: कंपनी का कुल रजिस्टर्ड कस्टमर बेस 10 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 40 करोड़ के पार पहुंच गया।
- ब्रोकरेज का भरोसा: जेपी मॉर्गन, बीओएफए और सीएलएसए ने FY28 से डिजिटल सेगमेंट के लाभप्रद (Profitable) होने का अनुमान लगाया।
📊 प्रमुख ब्रोकरेज हाउस की राय: रिलायंस रिटेल का भविष्य
| ब्रोकरेज हाउस / एनालिस्ट | मुख्य दृष्टिकोण एवं अनुमान |
|---|---|
| JP Morgan | ऑनलाइन कारोबार वित्त वर्ष 2028 (FY28) से मुनाफे में सकारात्मक योगदान देना शुरू करेगा। |
| Bank of America (BofA) | शॉर्ट-टर्म मुनाफे के बजाय स्थायी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर प्राथमिकता; डार्क स्टोर से दक्षता में सुधार। |
| CLSA | ऑफलाइन स्टोर कंसोलिडेशन और डिजिटल पहुंच से अगले दो वर्षों में EBITDA में तेज वृद्धि होगी। |
| Kotak & Prabhudas Lilladher | FY28-29 में स्टोर उत्पादकता और समग्र लाभप्रदता में ठोस सुधार की प्रबल संभावना। |
डार्क स्टोर नेटवर्क और ओमनी-चैनल मॉडल का तालमेल
भारतीय ई-कॉमर्स बाजार में इस समय ग्राहकों का झुकाव पारंपरिक 2-3 दिन की डिलीवरी के बजाय 10 से 30 मिनट की क्विक कॉमर्स (Quick Commerce) डिलीवरी की ओर तेजी से बढ़ा है। रिलायंस रिटेल इसी बदलाव को भुनाने के लिए डार्क स्टोर (Dark Stores) का व्यापक नेटवर्क तैयार कर रहा है।
“रिलायंस रिटेल अल्पकालिक लाभ कमाने के बजाय एक ऐसा मजबूत ओमनी-चैनल ढांचा खड़ा कर रहा है, जहां उसके 18,000 से अधिक फिजिकल स्टोर्स सीधे डिजिटल ऑर्डर्स को पूरा करने में इस्तेमाल हो सकें। यही तालमेल भविष्य में आपूर्ति लागत (Logistics Cost) को बेहद कम रखेगा।”
जियोमार्ट की ऑनलाइन ग्रॉसरी में 42% का उछाल
कंपनी के परिचालन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि भारी प्रतिस्पर्धा के बीच भी रिलायंस का डिजिटल प्लेटफॉर्म ग्राहकों की पहली पसंद बना हुआ है:
- ग्रॉसरी में तीव्र वृद्धि: सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में जियोमार्ट के ऑनलाइन ग्रॉसरी ऑर्डर्स में 42 फीसदी की सालाना वृद्धि दर्ज की गई।
- स्टोर नेटवर्क का लाभ: कंपनी 1,000 से अधिक शहरों और कस्बों में फैले अपने 5,000 से अधिक विशाल स्टोर्स को मिनी-वेयरहाउस और पूर्ति केंद्र (Fulfillment Centers) के रूप में इस्तेमाल कर रही है।
- नए स्टोर्स की शुरुआत: उच्च मांग वाले क्षेत्रों में नेटवर्क को घना करने के लिए हाल ही में 303 नए स्टोर्स जोड़े गए हैं।
- 40 करोड़ का विशाल ग्राहक परिवार: रजिस्टर्ड ग्राहकों की संख्या 10 प्रतिशत बढ़कर 40 करोड़ के आंकड़े को पार कर चुकी है, जो देश की कुल आबादी का एक बड़ा हिस्सा है।



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