योगी सरकार का राज्य कर्मचारियों को दीपावली का बड़ा तोहफा: महंगाई भत्ता 3% बढ़ाकर 63% किया, 1 जुलाई से मिलेगा लाभ; शासनादेश जारी
लखनऊ: प्रकाश पर्व दीपावली से पूर्व उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को एक और बड़ा वित्तीय उपहार दिया है। राज्य सरकार ने राज्य कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थानों के कार्मिकों, शहरी स्थानीय निकायों के नियमित व पूर्णकालिक कर्मचारियों, कार्यप्रभारित कर्मियों और यूजीसी वेतनमान पर कार्यरत शिक्षकों-पदधारकों का महंगाई भत्ता (DA) 3 प्रतिशत बढ़ा दिया है। अब कर्मचारियों को 60 प्रतिशत के स्थान पर 63 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता प्राप्त होगा। यह वृद्धि 1 जुलाई 2026 से प्रभावी मानी जाएगी और इसका नकद भुगतान नवंबर 2026 के नियमित वेतन के साथ किया जाएगा।
📌 महंगाई भत्ता वृद्धि शासनादेश: मुख्य बातें
- डीए दर में 3% की बढ़ोतरी: महंगाई भत्ता 60% से बढ़कर अब हुआ 63%।
- प्रभावी तिथि: बढ़ी हुई दरें 1 जुलाई 2026 से लागू होंगी।
- वेतन में भुगतान: नवंबर 2026 के वेतन (दिसंबर में देय) के साथ मिलेगा बढ़ा हुआ नियमित डीए।
- 4 माह का एरियर: 1 जुलाई से 31 अक्टूबर 2026 तक का बकाया जीपीएफ, पीपीएफ और एनपीएस खातों में समायोजित होगा।
- सेवानिवृत्त कर्मचारियों को राहत: हाल ही में रिटायर हुए अथवा आगामी 6 माह में सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिकों को पूरा एरियर नकद दिया जाएगा।
📊 डीए वृद्धि एवं एरियर भुगतान संरचना: एक नजर में
| श्रेणी / बिंदु | शासनादेश के प्रमुख प्रावधान एवं विवरण |
|---|---|
| नई डीए दर | 63 प्रतिशत (पूर्व दर 60% से 3% की वृद्धि) |
| प्रभावी तिथि | 01 जुलाई 2026 से |
| नियमित नकद भुगतान | नवंबर 2026 के नियमित मासिक वेतन के साथ |
| एरियर अवधि | 01 जुलाई 2026 से 31 अक्टूबर 2026 (कुल 4 माह का बकाया) |
| लाभान्वित संवर्ग | राज्य कर्मचारी, सहायता प्राप्त शिक्षण/प्राविधिक संस्थान, स्थानीय निकाय, कार्यप्रभारित एवं यूजीसी संवर्ग |
जीपीएफ (GPF) कर्मचारियों के 4 महीने के एरियर का समायोजन
शासनादेश के मुताबिक, सामान्य भविष्य निधि से आच्छादित कर्मचारियों के मामले में 1 जुलाई से 31 अक्टूबर 2026 तक की चार माह की एरियर धनराशि का निपटारा विशेष नियमों के अंतर्गत किया जाएगा:
- खाते में जमा: आयकर एवं लागू सरचार्ज की आवश्यक कटौती के बाद शेष एरियर राशि संबंधित कर्मचारी के GPF खाते में स्थानांतरित होगी।
- लॉक-इन अवधि: यह धनराशि 1 नवंबर 2027 तक संबंधित कर्मचारी के भविष्य निधि खाते में जमा रहेगी।
- अंतिम प्रत्याहरण: विशेष या अपरिहार्य परिस्थितियों में ही नियमानुसार अंतिम आहरण (Final Withdrawal) की अनुमति होगी।
एनपीएस (NPS) कर्मियों के टियर-1 खाते में जाएगा सरकार का अंशदान
राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के दायरे में आने वाले कार्मिकों के लिए एरियर वितरण का पारदर्शी खाका खींचा गया है:
“एनपीएस से आच्छादित कर्मचारियों के एरियर का 10 प्रतिशत उनके टियर-1 पेंशन खाते में क्रेडिट होगा। इसके साथ ही नियोक्ता के रूप में राज्य सरकार भी 14 प्रतिशत का राज्यांश टियर-1 खाते में जमा करेगी। शेष 90 प्रतिशत धनराशि पीपीएफ खाते में जमा कराई जाएगी अथवा एनएससी (NSC) के रूप में दी जाएगी। एनएससी न मिलने पर ही यह राशि नकद दी जाएगी।”
सेवानिवृत्त और आगामी 6 माह में रिटायर होने वालों को पूरा एरियर नकद
प्रदेश सरकार ने सेवानिवृत्त हो चुके अथवा जल्द रिटायर होने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को बड़ी सहूलियत दी है। ऐसे सभी पात्र कर्मियों पर भविष्य निधि या पीपीएफ में राशि रोकने की सामान्य बाध्यता लागू नहीं होगी:
- शासनादेश जारी होने से पहले जिनकी सेवाएं समाप्त हो चुकी हैं।
- जो कार्मिक 1 जुलाई 2026 से शासनादेश निर्गत होने की तारीख के मध्य अधिवर्षता आयु पर सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
- जो कर्मचारी अगले 6 माह के भीतर सेवानिवृत्त होने वाले हैं।
उपरोक्त तीनों श्रेणियों के कार्मिकों को 4 माह के बकाये एरियर का शत-प्रतिशत भुगतान पूर्णतः नकद (Cash) रूप में किया जाएगा।


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