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तीसरी लहर से दहशत, बच्चों को चपेट में ले रहा नया वेरिएंट

नई दिल्ली/एजेंसी। दुनिया भर में कोरोना वायरस की दूसरी लहर का कहर अभी थमा नहीं है कि तीसरी लहर से लोगों में दहशत है। सिंगापुर में कोरोना के नया वेरिएंट सामने आया है। ऐसा बताया जा रहा है कि कोरोना का नया रूप बच्चों को संक्रमित कर रहा है। इससे सिंगापुर ही नहीं दूसरे देशों में हड़कंप मच गया है। फिलहाल सिंगापुर में ऐहतियातन स्कूलों को बंद कर दिया गया है। यहां की सरकार ने आदेश जारी किए हैं। 

कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या में इजाफा हुआ है। इनमें से ज्यादातर बच्चों की संख्या बतायी जा रही है। यह भी कहा जा रहा है कि जो बच्चे ट्यूशन के लिए घर से बाहर निकल रहे हैं। वायरस ने उन्हें संक्रमित किया है। सिंगापुर के स्वास्थ्य मंत्री ओं ये कुंग ने कहा है कि बच्चे कोरोना के नए वेरिएंट B.1.617 के ज्यादा शिकार हो रहे हैं। कोरोना का ये वेरिएंट काफी तेज़ी से फैलने की बात कही जा रही है। सबसे पहले यह भारत में पाया गया है। सिंगापुर ने लोगों के जमा होने और जन गतिविधियों पर कड़ी सख्ती की है। शिक्षा मंत्री लॉरेंस वोंग ने कहा कि ग्रुप में जमा होने वाले लोगों की संख्या पांच लोगों से घटाकर दो लोगों तक की जाएगी।

अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार को चेताया

कोविड-19 की तीसरी लहर को लेकर दिल्ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार को  चेताया है। उन्‍होंने सिंगापुर में कोरोना वायरस के नए स्‍ट्रेन के बच्‍चों को प्रभावित करने की रिपोर्ट शेयर की। केजरीवाल ने एक ट्वीट में कहा कि 'सिंगापुर में आया कोरोना का नया रूप बच्चों के लिए बेहद खतरनाक बताया जा रहा है, भारत में ये तीसरी लहर के रूप में आ सकता है।'

सीएम ने केंद्र सरकार से दो अपील की हैं।

सिंगापुर के साथ हवाई सेवाएं तत्काल प्रभाव से रद्द हों।

बच्चों के लिए भी वैक्सीन के विकल्पों पर प्राथमिकता के आधार पर काम हो।

WHO भी इस स्‍ट्रेन पर जता चुका है चिंता

कोविड-19 के B.1.617 वेरिएंट को विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (WHO) ने 'चिंता वाला वेरिएंट' घोषित किया था। कहा गया था कि यह बाकी वेरिएंट्स से ज्‍यादा संक्रामक है। यह वेरिएंट पिछले साल अक्‍टूबर में महाराष्‍ट्र के सैम्‍पल्‍स में सामने आया था। तब इसे 'डबल म्‍यूटंट' कहा गया था। पिछले हफ्ते अपनी रिपोर्ट में WHO ने कहा था कि B.1.617 अपने तीन सब-लीनिएज (B.1.617.1, B.1.617.2, B.1.617.3) के साथ कम से कम 44 देशों में फैल चुका है।

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