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सुनो न तुम इक दफा'... ' इक फसाना मुहब्बत का... काव्य गोष्ठी में कवयित्रियों ने अपनी रचनाओं से दी 2021 को विदाई

लखनऊ। महिला काव्य मंच (रजि.) उत्तर प्रदेश (मध्य) की लखनऊ इकाई की मासिक काव्य गोष्ठी का शुक्रवार को गूगल मीट के माध्यम से आयोजन किया गया। गोष्ठी डॉ रीना श्रीवास्तव की अध्यक्षता एवं संयोजन में संपन्न हुई। गोष्ठी में मुख्य अतिथि रह…

अटल बिहारी वाजपेयी के फैसले से बदल गई थी भारत के अर्थव्यवस्था की दिशा

अटल सुशासन को साकार करती मोदी सरकार   आज देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी अटल बिहारी वाजपेयी की 97वीं जयंती है। भारतीय राजनीति के अजातशत्रु कहे जाने वाले पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी आजाद भारत के उन गिने चुने नेताओं में से एक थे…

लोकतंत्र की बुनियाद है भारतीय संविधान - ओम बिरला

नई दिल्ली। भारत विश्व का महानतम कार्यशील लोकतंत्र है। ऐसा न केवल इसके विशाल आकार अपितु इसके बहुलतावादी स्वरूप और समय की कसौटी पर खरे उतरने के कारण है। लोकतांत्रिक परंपराएं और सिद्धांत भारतीय सभ्यता की विरासत के अभिन्न अंग रहे है…

मेलों से नहीं दृष्टिकोण में परिवर्तन से होगा बचपन संरक्षित

बाल अधिकार एक ऐसा विषय है जिसे वैश्विक स्तर पर जितनी अहमियत दी गई है उसकी तुलना में हमारे देश में आजादी के बाद 6-7 दशक तक यह अनदेखा रहा और इसी अनदेखी के चलते समय की मांग के अनुसार न तो कोई नई दृष्टि विकसित हो पाई है और न ही हम अप…

महिला काव्य गोष्ठी में प्रधानमंत्री का व्यक्तित्व किया उजागर

लखनऊ। महिला काव्य मंच उत्तर प्रदेश इकाई (मध्य ) लखनऊ, की मासिक काव्य गोष्ठी गूगल मीट पर शुक्रवार को डॉ रीना श्रीवास्तव की अध्यक्षता एवं संयोजन में संपन्न हुई। इस बार की काव्य गोष्ठी का विशेष आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन…

नरेंद्र मोदी : नेतृत्व और प्रशासनिक कौशल के असाधारण नायक - राजीव चंद्रशेखर

लखनऊ। मंत्रिमंडल में शामिल होने के बाद मैं पहली बार अपने राज्य कर्नाटक, जन आशीर्वाद यात्रा के लिए गया था। इस कार्यक्रम के अंतर्गत मैंने 6 जिलों की यात्रा की। मुझे 4 दिनों की इस यात्रा के दौरान सैकड़ों नागरिकों, सामाजिक नेताओं, का…

प्रथम पूज्य हैं गणपति आप

प्रथम पूज्य हैं गणपति आप, सबके काज बनाते आप।।                प्रथम पूज्य..........                             माता पार्वती है, शंकर पुत्र कहाते आप। कार्तिकेय के भ्राता, गणेश नाम कहाते आप।।               प्रथम पूज्य......... परम…

वीर जवान

है नमन देश के उन वीरों को, जो प्राण न्यौछावर करते हैं। करने को रक्षा वतन की अपने, सर्वस्व लुटाया करते हैं। जो खेलें होली लहू से अपने, और मिटकर दीप जलाते हैं, जो ओढ़ तिरंगा कफ़न शान से, धरती पर सो जाते हैं। है नमन देश के उन वीर…

हमें मानव का शरीर एकमात्र अपनी ‘आत्मा के विकास’ के लिए परमात्मा ने दिया है - डा. जगदीश गांधी

परमात्मा ने दो तरह की योनियाँ बनायी हैं - पहला पशु योनियाँ तथा दूसरा मानव योनि। हिन्दू शास्त्रों के अनुसार 84 लाख पशु योनियों में अगिनत वर्षों तक अत्यन्त कष्टदायी तथा दुःखदायी जीवन बिताने के बाद मानव योनि में जन्म दयालु परमात्मा …

हिसाब ज़िंदगी का

तू हिसाब का बड़ा पक्का है मेरा गुजरा हुआ वक़्त मुझे लौटा दे जब तू स्तब्ध हो कर निशब्द तू हो रहा था  मैं शब्द बन कर आई तेरे साथ में खड़ी थी तू  विश्वास मेरा मुझे लौटा दे तू मेरा गुजरा हुआ वक़्त मुझे लौटा दे जब वीरान सड़कों की धुंध में …

प्रेम के गीत और वात्सल्य रस से महक उठा महिला काव्य मंच

लखनऊ। महिला काव्य मंच, उत्तर प्रदेश (मध्य) की लखनऊ इकाई की मासिक काव्य गोष्ठी ऑन लाइन गूगल मीट पर शुक्रवार को डॉ रीना श्रीवास्तव की अध्यक्षता में संपन्न हुई। गोष्ठी की मुख्य अतिथि महिला काव्य मंच, उत्तर प्रदेश इकाई, मध्य की अध्य…

पिता सृष्टि निर्माता, सृजनकार

एक दरख्त का स्वरूप, जनक, तात पिता, प्रणेता, कोख में पलते नए सृजन की तदवीर, संसार रूपी बगिया को सिंचता तुम्हारा, फौलाद सा हौसला, मोम सा दिल।। तुम्हारे कठोर अनुभव से गुजरता मेरा बचपन, और…. कुम्हार के आंवे में पकता मेरा यौवन, तुम्हा…

एक पिता

हजारों तूफानों को अपने अंदर समेटे हुए, परन्तु धीर गंभीर छवि। जी हां यही तो पहचान है, एक पिता की। सभी दुख परेशानी को खुद सहते हुए। भूलें से भी न कोई आंच आये बच्चो पर,  ये देखते हुए। बिता देता है जो अपनी जिंदगी, ख्वाहिश पूरी करने म…

योग करें, घर पर रहें - रमेश पोखरियाल 'निशंक'

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित करने के भारत के प्रस्ताव को अंगीकृत किया था। यह दो कारणों से एक ऐतिहासिक क्षण था: पहला कारण यह कि वर्ष 2014 में हमारे प्रधानमंत्री श्री  नरेन्द्र   मोदी…

श्रद्धांजलि

यूं तो रोज ही छलक जाती है चार बूंदें इन आंखों से मेरी जब याद आती है  वो सौम्य सी सूरत आपकी घुट जाता है मन अंदर से पर छिप जाते हैं ये आंसू जाने कहीं उभर आती है मन में  यादों की एक किताब कहीं बचपन से जवानी के सफर की  हर बात.... हो …

बाल श्रमिक व्यथा

अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रमिक निषेध दिवस पर विशेष कुछ सपने हमने भी देखने चाहे, पर मजबूरियों ने रोक दिए। हम बाल श्रमिक भी, पुस्तक पकड़ना चाहे, पर जिम्मेदारियों ने हाथ पकड़ लिया। हमने एक रोटी की चाहत में, अब बचपन अपना भुला दिया, घर में…

क्या 2050 तक डूब जाएंगे मुंबई, कोलकाता, चेन्नई

विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस है। संयुक्त राष्ट्र ने साल 1972 में इसकी घोषणा की थी, लेकिन पहला विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून 1974 को मनाया गया और इस प्रकार दुनियाँ इस साल 48वां विश्व पर्यावरण दिवस मना रही …

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