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स्मारक कर्मचारियों का नहीं खुल रहा सीपीएफ खाता, कल से करेंगे हड़ताल

 उच्च अधिकारियों के घरों में काम कर रहे स्मारक समिति के कर्मी

मांगों का निस्तारण होने पर कल से हड़ताल पर जाने की दी चेतावनी

लखनऊ स्मारकों, संग्रहालयों, संस्थाओं, पार्कों उपवनों के लगभग 5789 कर्मियों का 400 करोड़Þ रु पीएफ की कटौती के तौर पर बैंकों में जमा है लेकिन अभी तक सीपीएफ खाता नहीं खोला जा सका है। इस खाते में समिति के सेवाकाल में मृतक तथा त्याग पत्र देने वाले कर्मिकों को अंशदायी भविष्य निधि (सीपीएफ) के नियोक्ता अंशदान की भी वापसी होनी है। लेकिन यह खाता खोले जाने से स्मारक कर्मियों में नाराजगी है। कर्मचारी अपने जीवन की गाढ़ी कमाई को लेकर चिंतित हैं और लगातार धरना प्रदर्शन कर शासन से मांग कर रहे हैं। उन्हें एफडी के दस करोड़ रुपये गबन होने की घटना की पुनरावृत्ति होने का डर सता रहा है। वहीं पूरे मामले को लेकर स्मारक कर्मचारियों ने स्मारक समिति के अध्यक्ष से उनकी मांगों के निस्तारण के लिए अनुरोध किया है। उनकी मांगों का समाधान होने पर दस अगस्त से हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।




स्मारक समिति के अधीन कार्मिक समिति की नियमावली 2010 के अनुसार सीपीएफ की कटौती की जा रही है। पैसे का विनियोजन एनपीएस में करने के लिए शासन से अभी तक अनुमति नहीं मिली है। इसका फायदा उठाते हुए समिति प्रशासन, सदस्यों ने कर्मचारियों के भविष्य निधि के पैसों की एफडी करा दी। स्मारक कर्मचारियों की तरफ से समय-समय पर यह मामला अपने उच्चाधिकारियों के सामने रखा जाता रहा है। करीब तीन साल पहले भी तत्कालीन एलडीए उपाध्यक्ष सदस्य सचिव के संज्ञान में प्रकरण लाया गया था। उन्होंने इसकी गंभीरता को देखते हुये सीपीएफ अंशदान कटौती तथा नियोक्ता अंशदान का फिक्स्ड डिपाजिट अथवा अन्य डिपाजिट में निवेश बंद करने के आदेश दिये थे। 



बैंकों से एफडी की रकम को वापस लेते हुये समिति के बचत खाते में जमा कराने को कहा था। लेकिन इसका अनुपालन नहीं हुआ। इस प्रकरण को लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की गई। कर्मचारियों की ओर से मामले को लगातार उठाया जाता रहा है। जब प्रकरण को गंभीरता से लेते हुये गुपचुप जांच करायी तो दस करोड़ के गबन का खुलासा हुआ था। भविष्य में इस तरह के घोटालों से बचने के लिए कर्मचारियों के सीपीएफ खाते खोले जाने का प्रबंध समिति की बैठक में रखा गया, लेकिन इस पर कोई फैसला नहीं हो सका। इससे कर्मचारियों को अपनी कमाई के खोने का डर सता रहा है। अपनी मांगों को लेकर कर्मचारी अलग-अलग पार्कों में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।



स्मारक समिति के अध्यक्ष के नाम से दिए गए मांग पत्र के मुताबिक सीपीएफ खाता खोले जाने पर प्रत्येक कर्मचारी को यूनिट इंडेक्स नंबर उपलब्ध कराया जाए। बताया कि सेवाकाल में 152 मृतक आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नियुक्त किए जाने की मांग की है। हालांकि स्मारक समिति की पिछली बोर्ड बैठक में इस सम्बंध में निर्णय लिया गया था। इसके साथ ही नई पेंशन स्कीम का लाभ दिए जाने पर भी सहमति बनी थी। आरोप है कि उच्च अधिकारियों के घरों में कुक, सहायक कुक वेटर, माली, सफाई कर्मचारी विभिन्न पदों के कर्मचारियों को मनमाने तरीके से कार्य लिया जा रहा है, जो कि नियम विरूद्ध है। 



स्मारक कर्मचारियों ने इन मांगों के निस्तारण होने पर दस अगस्त से एलडीए के गेट नंबर दो पर हड़ताल पर जाकर प्रदर्शन की चेतावनी दी है। बता दें कि भारत सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक भी ऐसे सभी कर्मचारियों का एनपीएस अकाउंट खुलवाने का सुझाव दिया गया है जिनकी नियुक्त 2005 के बाद हुई हो। इन सबको दरकिनार करते हुए स्मारक के अफसर एफडी करने पर ही अड़े रहे। आरोप है कि इस जिद के पीछे अफसरों की मंशा साफ नहीं है।

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