google.com, pub-1705301601279513, DIRECT, f08c47fec0942fa0/> जल पुनर्भरण संरचना पर राजर्षि विश्वविद्यालय बनायेगा डॉक्यूमेंट्री फिल्म

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जल पुनर्भरण संरचना पर राजर्षि विश्वविद्यालय बनायेगा डॉक्यूमेंट्री फिल्म

प्रयागराज। तिलक शास्त्रार्थ सभागार, सरस्वती परिसर, उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय (Uttar Pradesh Rajarshi Tandon Open University ) में जल पुनर्भरण संरचना विषय कार्यक्रम पर राष्ट्रीय संगोष्ठी सह व्याख्यान का आयोजन किया गया। भूगोल समाज विज्ञान विद्या शाखा द्वारा किए गए इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रोफेसर ए0 आर0 सिद्दीकी पूर्व विभागाध्यक्ष भूगोल, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज ने जल पुनर्भरण संरचना पर एक सैद्धांतिक ही नहीं अपितु एक व्यावहारिक एवं उपयोगी व्याख्यान दिया। उन्होंने कौशांबी, प्रयागराज शहर के समस्त वार्ड, कॉलोनी, तहसील, ब्लाक व गांव स्तर के पदानुक्रमिक क्रम में कृत्रिम पुनर्भरण संरचना के निर्माण उसकी उपयोगिता पर व्याख्यान दिया। 


भविष्य में होने वाले जल संकट, जल संसाधन पर जनसंख्या के दबाव से उत्पन्न समस्याओं को उजागर करते हुए जल संचय की उपयोगिता, संवहनीयता, विकास आदि अनेक बिंदुओं को व्याख्यान में शामिल किया। चेन्नई , दिल्ली एवं अन्य महानगरों में जल की गुणवत्ता व उपलब्धता की समस्याओं से अवगत कराते हुए उनकी समस्याओं के निदान हेतु भविष्य में कैसे नियोजित तरीके से कार्य किया जाए।


अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज आचार्य सत्यकाम ने बताया कि शासकीय प्रशासकीय प्रयास ही काफी नहीं है जब तक की जल संचय कृत्रिम पुनर्भरण संरचना को जन-जन तक पहुंचाया न जाए। इसके लिए उन्होंने विश्वविद्यालय, महाविद्यालय,स्कूलों के सभी छात्रों को जागरुक किए जाने की आवश्यकता पर बल देते हुए सब की सहभागिता को अनिवार्य बताया। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय अपने भूगोल के प्रोफेसर संजय सिंह, प्रोफेसर ए0 आर0 सिद्दीकी के सहयोग से जल पुनर्भरण संरचना पर डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाएगा जिसे पूरे प्रदेश में छात्रों, अभिभावकों स्कूलों, कॉलेजो, विश्वविद्यालयो, किसाना,े व्यवसायियों, उद्योगपतियों सबके बीच एक मुहिम के साथ डॉक्यूमेंट्री फिल्म दिखाएगा क्योंकि जल ही जीवन है जल है तो कल है।

इसके अलावा कुलपति ने यह कहा कि भूगोल ही नहीं अन्य विषयों में भी शिक्षकगण जल संकट व जल पुनर्भरण का प्रोजेक्ट अपने छात्रों से बनवाएंगे और उस पर अंक निर्धारित किये जायेंगें, जिससे छात्र घर-घर जाकर जल पुनर्भरण संरचना का प्रचार प्रसार के साथ जनजागरूकता,जल के प्रति जन चेतना जागृत हो सके। 

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य वक्ता प्रो0 ए0 आर0 सिद्दीकी एवं कुलपति द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं माॅ सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पण से हुआ। उसके उपरांत डॉ0 निकेत ने विश्वविद्यालय के कुल गीत का प्रस्तुतीकरण किया। कार्यक्रम की अगली कड़ी में वाचिक स्वागत एवं मचस्थ विद्वानों एवम अतिथियों का परिचय प्रोफेसर संजय कुमार सिंह द्वारा किया गया। 



कार्यक्रम की अगली कड़ी में आभार ज्ञापन कार्यक्रम निदेशक प्रोफेसर संतोषा कुमार के द्वारा किया गया । कार्यक्रम का समापन डॉ0 त्रिविक्रम तिवारी ने राष्ट्रगान के साथ किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. त्रिविक्रम तिवारी ने किया, कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के सभी विषयों के निदेशक, आचार्यगण, सह-आचार्यगण, सहायक आचार्यगण, कर्मचारीगण, शोध छात्र, एवं स्नातकोत्तर भूगोल विभाग के छात्रों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

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