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लखनऊ में अस्पताल, होटल, बार व रेस्टोरेंट की लाइसेंस दरें पांच गुना तक बढ़ीं

नर्सिंग होम, पैथालॉजी व मॉडल शॉप का लाइसेंस शुल्क भी बढ़ा

एक अप्रैल से लागू होंगी नई दरें

लखनऊ। राजधानी में नर्सिंग होम, पैथालॉजी और शराब की दुकानों का लाइसेंस शुल्क पांच गुना तक बढ़ गया है। नई शुल्क दरें आगामी वित्तीय वर्ष से यानी एक अप्रैल 2026 से लागू होंगी। मंगलवार को नगर निगम सदन ने प्रस्तावित नई दरों को बढ़ाए जाने की मंजूरी दे दी। कार्यकारिणी से पास प्रस्ताव के तहत आपत्तियां मांगीं गईं थीं, जिस पर कई आपत्तियां आईं। जिसमें पांच गुना तक शुल्क न बढ़ाए जाने का अनुरोध किया गया। सदन में चर्चा के दौरान पार्षदों ने कहा कि विकास के लिए शुल्क बढ़ाया जाना जरूरी है। मेयर सुषमा खर्कवाल ने सदन की सहमति पर प्रस्तावित शुल्क दरों को बढ़ाए जाने की स्वीकृति प्रदान कर दी।



नगर निगम सीमा में होटल, रेस्टोरेंट, नर्सिंग होम, डेंटल क्लीनिक, शराब-बीयर की दुकान, जलपान गृह आदि चलाने के लिए लाइसेंस लेना होता है। इसके लिए अलग-अलग लाइसेंस फीस भी प्रतिष्ठान और संस्थान के छोटे बड़े होने के आधार पर तय है। नगर निगम सदन की सितंबर माह की बैठक में लाइसेंस शुल्क की दरों में पांच गुना तक बढ़ाने का फैसला लिया गया था। नगर निगम प्रशासन ने आपत्तियां व सुझाव मांगी थीं। 

नगर निगम सदन से पास उपविधि के तहत नगर निगम सीमा में चलाए जाने वाले विभिन्न चिकित्सकीय सेंटर, होटल-रेस्टोरेंट, गेस्ट हाउस, शराब व ईंट भट्ठा वालों के लिए नगर निगम से लाइसेंस लेना आवश्यक है। लाइसेंस बिना शहरी सीमा में इनका संचालन नहीं किया जा सकता। सभी तरह के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए अलग-अलग लाइसेंस शुल्क तय है। उपविधि के तहत एक साल के लिए ही लाइसेंस बनाया जाता है, जो अप्रैल से मार्च तक प्रभावी होता है। शहर में नर्सिंगहोम, क्लीनिक, अस्पताल, पैथोलॉजी और डाइग्नोस्टिक सेंटरों की संख्या करीब 1800 है। इसी तरह अंग्रेजी व देशी शराब की दुकानों और बीयर बार व मॉडल शाप भी करीब 800 लोग चला रहे हैं। इसी तरह लापरवाही होटल, रेस्टोरेंट, गेस्ट हाउस भी बड़ी संख्या में चल रहे हैं लेकिन आधे से भी कम संचालकों ने लाइसेंस लिया है। जिन दर्जनभर व्यवसायों के लिए नगर निगम से लाइसेंस लेना आवश्यक है उनकी संख्या करीब 2000 से अधिक है।

प्रतिष्ठान                                           वर्तमान                       नई दरें

नर्सिंग होम-प्रसूतिगृह 50 बेड से कम           7500 रुपये 15000
नर्सिंग होम-प्रसूतिगृह 50 से सौ बेड तक     15000 रुपये 30000
नर्सिंग होम-प्रसूतिगृह 101 बेड से 250 तक      20000 रुपये 40000
नर्सिंग होम-प्रसूतिगृह 251 बेड से 500 तक      35000 रुपये 70000
एक्सरे, ब्लडबैंक                                 5000 रुपये 10000
आयुवेर्दिक, यूनानी, होम्योपैथिक क्लीनकि 4000 8000
होटल गेस्ट हाउस, 20 बेड तक                 2000 रुपये 10000
गेस्ट हाउस, होटल 20 बेड से अधिक         3000  रुपये 15000
रेस्टोरेंट, जलपान गृह व ईटिंग हाउस 2000 रुपये 10000
मॉडल शॉप                                        60000 रुपये 85000


 

पैथालाजी के लाइसेंस शुल्क की दरें दो गुना हुर्इं
50 बेड तक के नर्सिंग होम- प्रसूति गृह का लाइसेंस शुल्क 7500 रुपये सालाना से बढ़ाकर 13 हजार रुपये कर दिया है। इसी तरह पैथालॉजी का शुल्क 5000 रुपये से बढ़ाकर 10 हजार रुपये कर दिया है। डेंटल क्लीनिक का शुल्क यथावत 10 हजार रुपये ही रखा गया है। जो लोग अप्रैल से जून तक लाइसेंस नहीं बनवाएंगे उनको एक हजार रुपये विलंब शुल्क देना होगा।

शराब की दुकानों का शुल्क बढ़ा
मॉडल शॉप का शुल्क 60 हजार से बढ़ाकर 85 हजार रुपये किया गया। इसी तरह अब कम्पोजिट मॉडल शाप जिसमें अंग्रेजी शराब और बियर की दुकान हैं उसका शल्क 75 हजार रुपये किया गया है। अभी तक यह शुल्क अलग-अलग था।

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