स्कूलों से 100 कुंतल भूसा जुटाने के निर्देश, सोशल Media पर उठे सवाल
बरेली के नवाबगंज क्षेत्र में शिक्षा विभाग का एक पत्र इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जारी आदेश में प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कम्पोजिट विद्यालयों को निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण के लिए भूसा दान करने के निर्देश दिए गए हैं।
पत्र के अनुसार क्षेत्र के विद्यालयों से कुल 100 कुंतल भूसा जुटाने का लक्ष्य तय किया गया है। हर विद्यालय को लगभग 46 किलोग्राम भूसा उपलब्ध कराने को कहा गया है।
सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह जिम्मेदारी अब शिक्षकों और विद्यालयों पर डाल दी गई है। आदेश में साफ लिखा गया है कि एक सप्ताह के भीतर भूसा जमा कर उसकी रसीद कार्यालय में उपलब्ध कराई जाए, अन्यथा विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
इस आदेश के सामने आने के बाद शिक्षा जगत में सवाल उठने लगे हैं कि आखिर शिक्षकों की जिम्मेदारी पढ़ाई है या अब गोवंश के लिए भूसा जुटाना भी उनकी ड्यूटी का हिस्सा बन गया है?
सोशल मीडिया पर भी लोग इस आदेश को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इसे सामाजिक जिम्मेदारी बता रहे हैं, तो कई इसे शिक्षा व्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ मान रहे हैं।
Disclaimer: Voice of Capital इस वायरल पत्र की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है। वायरल दस्तावेज सोशल मीडिया और विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर साझा किया जा रहा है।
अब देखना होगा कि यह आदेश सिर्फ नवाबगंज तक सीमित रहता है या दूसरे जिलों में भी ऐसा अभियान चलाया जाएगा। अथवा इस ख़बर के बाद विभाग अपना आदेश वापस लेता है।


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