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हाईकोर्ट की सख्ती: मेयर को अनुपस्थित मानकर चलेगा नगर निगम का कामकाज

लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने राजधानी के फैजुल्लागंज वार्ड से निर्वाचित पार्षद को शपथ न दिलाने के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए मेयर के प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकार सीज कर दिए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि नगर निगम का नियमित कामकाज प्रभावित नहीं होगा और मेयर की अनुपस्थिति को आकस्मिक अनुपस्थिति मानते हुए निगम का कार्य नियमानुसार चलता रहेगा।

कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है कि वह तत्काल न्यायालय के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराए।

“मेयर वैधानिक जिम्मेदारी निभाने में विफल”

न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति सैय्यद कमर हसन रिजवी की पीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि मेयर अपनी वैधानिक जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह विफल रही हैं। कोर्ट ने कहा कि शपथ न दिलाने का कोई कानूनी अवरोध या संतोषजनक कारण भी प्रस्तुत नहीं किया गया।

पीठ ने कहा कि यदि अदालतें अपने आदेशों का पालन सुनिश्चित नहीं करा सकेंगी तो न्यायिक आदेश केवल कागजी घोषणा बनकर रह जाएंगे और कानून के शासन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

29 मई को अगली सुनवाई

मामले की अगली सुनवाई 29 मई को तय की गई है। कोर्ट ने चेतावनी दी है कि यदि तब तक आदेश का पालन नहीं हुआ तो मेयर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर यह बताना होगा कि उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए।

क्या है मामला?

फैजुल्लागंज वार्ड से निर्वाचित घोषित सभासद ललित किशोर तिवारी को अब तक शपथ नहीं दिलाई गई थी। इस पर दायर याचिका में हाईकोर्ट ने पहले ही मेयर को सात दिनों के भीतर शपथ दिलाने का आदेश दिया था और अनुपालन हलफनामा दाखिल करने को कहा था।

सुनवाई के दौरान मेयर की ओर से व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट का आवेदन दिया गया, जिसमें बताया गया कि उन्हें हीट स्ट्रोक के कारण कमांड अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि कोर्ट ने पाया कि हलफनामे में आदेश पालन की मंशा तक स्पष्ट नहीं की गई।

कोर्ट ने जताई नाराजगी

सुनवाई के दौरान नगर निगम की ओर से उपस्थित अधिवक्ता एस.एस. चौहान से पूछा गया कि आखिर शपथ कब दिलाई जाएगी, लेकिन स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। इस पर कोर्ट ने कहा कि इससे साफ प्रतीत होता है कि आदेश का पालन जानबूझकर नहीं किया जा रहा।

कोर्ट ने दोहराया कि संवैधानिक अदालतें अपने आदेशों की लगातार अवहेलना पर मूकदर्शक नहीं बनी रह सकतीं।


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