लखनऊ: कश्मीरी मोहल्ला वार्ड में ड्रेनेज सिस्टम पर 'अतिक्रमण' की मार, पार्षद लईक आगा ने नगर आयुक्त से की सख्त कार्रवाई की मांग
लखनऊ। राजधानी के कश्मीरी मोहल्ला वार्ड स्थित 'चावल वाली गली' में जल निकासी की गंभीर समस्या एक बार फिर गहराने लगी है। क्षेत्र के लोकप्रिय पार्षद लईक आगा ने इस संबंध में नगर आयुक्त को पत्र लिखकर दुकानदारों द्वारा फैलाए जा रहे अतिक्रमण और ड्रेनेज सिस्टम में जानबूझकर डाली जा रही गंदगी के खिलाफ सख्त कानूनी रुख अपनाने की अपील की है।
50 साल पुरानी समस्या का हुआ था समाधान
पार्षद लईक आगा के अनुसार, चावल वाली गली में जल निकासी की समस्या लगभग 50 वर्षों से भी अधिक समय से बनी हुई थी। स्थानीय निवासी हर साल जलभराव की भीषण मार झेलते थे। दो साल पहले काफी प्रयासों के बाद नई सीवर और पाइप लाइन डाली गई थी, जिससे स्थानीय जनता को इस गंभीर समस्या से पूरी तरह राहत मिल गई थी। लेकिन अब कुछ दुकानदारों की भारी लापरवाही के कारण यह व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त होने की कगार पर पहुंच गई है।
चैम्बर में डाली जा रही है कोयले की राख और बोरियां
नगर आयुक्त को भेजे गए शिकायती पत्र में पार्षद ने मुख्य रूप से निम्नलिखित आरोप लगाए हैं:
- गली में स्थित शीरमाल, रोटी की दुकानों और होटलों के संचालक रात के समय चुपके से मुख्य ड्रेनेज चैम्बर खोल देते हैं।
- इन चैम्बरों में दुकानों से निकलने वाला कोयला, राख और कोयले की भारी बोरियां डाल दी जाती हैं।
- इस गैर-जिम्मेदाराना हरकत के कारण पूरी ड्रेनेज लाइन ब्लॉक हो जाती है और क्षेत्र में दोबारा गंदा पानी और जलभराव होने लगता है।
- पार्षद व स्थानीय नागरिकों द्वारा बार-बार मना करने और समझाने के बावजूद भी दुकानदार अपनी आदतों में सुधार नहीं कर रहे हैं और लगातार जनता के लिए परेशानी खड़ी कर रहे हैं।
पार्षद की मांग: 'गैस' का हो इस्तेमाल और हटे अतिक्रमण
पार्षद लईक आगा ने लखनऊ नगर निगम प्रशासन और नगर आयुक्त से मांग की है कि:
- चावल वाली गली में किए गए जबरदस्त अवैध अतिक्रमण को तत्काल प्रभाव से हटवाया जाए।
- ड्रेनेज और वायु प्रदूषण को रोकने के लिए सभी होटलों व संबंधित दुकानदारों को तत्काल प्रभाव से कोयले की जगह गैस (LPG/PNG) पर खाना बनाने का सख्त आदेश जारी किया जाए।
- लापरवाह दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई के लिए संबंधित क्षेत्रीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए जाएं।


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