मुंबई/नई दिल्ली। रिलायंस फाउंडेशन और बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने हाथ मिलाते हुए ‘शीकनेक्ट्स डिजिटल एक्सेलेरेटर’ (SheConnects Digital Accelerator) नामक एक महत्वाकांक्षी पहल की शुरुआत की है। ₹200 करोड़ के निवेश वाली इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य भारत और सब-सहारा अफ्रीका में महिलाओं और लड़कियों के बीच व्याप्त डिजिटल अंतर (Digital Divide) को कम करना है।
अभियान के मुख्य बिंदु:
बजट और अवधि: ₹200 करोड़ की लागत से अगले तीन वर्षों तक चलने वाला कार्यक्रम।
लक्ष्य: भारत और अफ्रीका में महिलाओं की डिजिटल भागीदारी और तकनीकी पहुंच को बढ़ाना।
फोकस: स्थानीय और उच्च-प्रभाव वाले डिजिटल समाधानों (High-impact digital solutions) को पहचानना और उन्हें बड़े स्तर पर लागू करना।
वैश्विक विजन: 2030 तक 'डिजिटल जेंडर गैप' को आधा करने के वैश्विक लक्ष्य में योगदान देना।
आजीविका और आत्मविश्वास पर जोर
यह प्रोग्राम केवल तकनीक तक पहुंच ही नहीं, बल्कि उसके माध्यम से महिलाओं की आजीविका सुधारने पर भी केंद्रित है। रिलायंस फाउंडेशन भारत में उन सफल डिजिटल मॉडल्स को आगे बढ़ाएगा जिन्होंने पहले ही जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिणाम दिए हैं। साथ ही, भारत और अफ्रीका के बीच अनुभवों और तकनीकी सीखों का आदान-प्रदान भी किया जाएगा।
"महिलाओं को डिजिटल दुनिया में पूरी भागीदारी के लिए जरूरी साधन और आत्मविश्वास देना एक उज्ज्वल भविष्य के लिए अनिवार्य है। यह पहल उन्हें और अधिक सक्षम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।"
— एन. दीप्ति रेड्डी, चीफ - वीमेन एम्पावरमेंट, रिलायंस फाउंडेशन
क्यों जरूरी है यह पहल?
गेट्स फाउंडेशन की डिप्टी डायरेक्टर (जेंडर इक्वालिटी), साची भल्ला के अनुसार, 'ग्लोबल साउथ' (विकासशील देशों) में महिलाएं आज भी तकनीक के उपयोग में कई चुनौतियों का सामना कर रही हैं। यह साझेदारी स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए डिजिटल समाधानों को एक मंच प्रदान करेगी।
रिलायंस फाउंडेशन का ट्रैक रिकॉर्ड
रिलायंस फाउंडेशन ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में उसने भारत में 6 लाख से अधिक महिलाओं तक अपनी डिजिटल पहल पहुंचाई है। अब 'शीकनेक्ट्स' के माध्यम से इस दायरे को और विस्तृत किया जाएगा, ताकि तकनीक का लाभ अंतिम छोर पर खड़ी महिला तक पहुँच सके।
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