मुख्य बिंदु (Highlights)
- गीगा कॉम्प्लेक्स: 5000 एकड़ में बन रहा धीरूभाई अंबानी ग्रीन收藏 एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स।
- ज्यादा बिजली: नए एडवांस सोलर मॉड्यूल से 10% ज्यादा बिजली उत्पादन का दावा।
- विशाल क्षमता: कच्छ में 5.5 लाख एकड़ का रिन्युएबल एनर्जी हब विकसित कर रही कंपनी।
- निवेश और नौकरियां: ₹75,000 करोड़ के निवेश से तैयार हो रहे प्लेटफॉर्म से मिलेंगे 2 लाख से ज्यादा ग्रीन जॉब्स।
मुंबई: रिलायंस इंडस्ट्रीज का जामनगर स्थित ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट अब पूरी तरह से जमीन पर उतरने लगा है। कंपनी ने अपनी ताजा वार्षिक रिपोर्ट में एक बड़ी उपलब्धि की घोषणा करते हुए बताया कि धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स से हाई-एफिशिएंसी सोलर मॉड्यूल की पहली 200 मेगावाट क्षमता की खेप डिलिवर की जा चुकी है। कंपनी अब चरणबद्ध तरीके से उत्पादन बढ़ाकर सालाना 10 गीगावाट क्षमता तक पहुंचने की दिशा में काम कर रही है, जिसे आगे 20 गीगावाट तक ले जाने की योजना है।
10% ज्यादा बिजली उत्पादन का दावा
रिलायंस के मुताबिक इन नए सोलर मॉड्यूल में एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है, जिससे मौजूदा पैनलों की तुलना में करीब 10 प्रतिशत ज्यादा बिजली उत्पादन होगा। इसके साथ ही, इनकी उत्पादन क्षमता घटने की रफ्तार लगभग 25 प्रतिशत कम रहेगी, जिससे लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन मिलेगा.
बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम पर भी तेज काम
करीब 5000 एकड़ में फैले इस गीगा प्रोजेक्ट में सोलर पैनल के साथ बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) फैक्टरी भी तेजी से विकसित की जा रही है। शुरुआती चरण में सालाना 40 गीगावाट घंटे (GWh) क्षमता विकसित की जाएगी, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 100 GWh तक ले जाने की योजना है। इन बैटरियों का इस्तेमाल बड़े पावर प्रोजेक्ट्स और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (EV) सेक्टर में होगा।
कच्छ में बन रहा है 5.5 लाख एकड़ का रिन्युएबल हब
रिलायंस गुजरात के कच्छ में 5.5 लाख एकड़ में एक विशाल रिन्युएबल एनर्जी हब भी विकसित कर रही है। इस साइट पर बड़े पैमाने पर सोलर मॉड्यूल और बैटरी स्टोरेज सिस्टम लगाए जाएंगे। कंपनी का दावा है कि आने वाले वर्षों में यह प्लेटफॉर्म भारत की कुल बिजली जरूरत का करीब 10 प्रतिशत हिस्सा अकेले पूरा करने की क्षमता रख सकता है।

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