UP में तकनीकी शिक्षा को उद्योगों से जोड़ेगी योगी सरकार, छात्रों के लिए 2 इंडस्ट्रियल विजिट अनिवार्य
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में तकनीकी शिक्षा को रोजगार और उद्योगों से जोड़ने की दिशा में योगी सरकार तेजी से काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि तकनीकी संस्थानों से निकलने वाले छात्र केवल डिग्रीधारी न रहकर व्यावहारिक ज्ञान, आधुनिक तकनीक और इंडस्ट्री अनुभव के साथ आत्मनिर्भर बनें।
मंगलवार को तकनीकी शिक्षा विभाग की योजनाओं और नवाचारों की समीक्षा बैठक में प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने में तकनीकी संस्थानों की अहम भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि छात्रों को रोजगारपरक शिक्षा देकर सीधे उद्योगों से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।
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हर छात्र के लिए दो इंडस्ट्रियल विजिट की तैयारी
बैठक में इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक छात्रों के लिए इंडस्ट्रियल विजिट और ट्रेनिंग को अनिवार्य बनाने पर विशेष जोर दिया गया। प्रस्ताव है कि प्रत्येक छात्र को कम से कम दो इंडस्ट्रियल विजिट कराई जाएं।
सिविल इंजीनियरिंग छात्रों को एक्सप्रेसवे, टनल और डैम निर्माण स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा, जबकि मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों को ईवी निर्माण इकाइयों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों का अनुभव दिया जाएगा।
एआई आधारित शिक्षा पर सरकार का फोकस
बैठक में बताया गया कि एआई आधारित पाठ्यक्रमों को तेजी से बढ़ाया जा रहा है। इंफोसिस सहित कई संस्थानों के सहयोग से नई तकनीकों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कोर्स तैयार किए जा रहे हैं, ताकि छात्र भविष्य की इंडस्ट्री जरूरतों के अनुरूप दक्ष बन सकें।
प्लेसमेंट पोर्टल पर 8 हजार छात्र ऑनबोर्ड
तकनीकी education विभाग के प्लेसमेंट पोर्टल पर अब तक 8 हजार से अधिक छात्रों को ऑनबोर्ड किया जा चुका है। साथ ही नौकरी.कॉम के सहयोग से उत्तर प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए विशेष लैंडिंग पेज तैयार किया जा रहा है, जिससे युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अधिक अवसर मिल सकें।
रैंकिंग और गुणवत्ता सुधार पर जोर
बैठक में नैक, एनआईआरएफ और एसआईआरएफ रैंकिंग की समीक्षा करते हुए संस्थानों में फैकल्टी भर्ती, शैक्षणिक गुणवत्ता और बेहतर प्लेसमेंट पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि प्रदेश में विकसित हो रहे औद्योगिक कॉरिडोर, एक्सप्रेसवे नेटवर्क और निवेश परियोजनाएं युवाओं के लिए नए अवसर लेकर आ रही हैं। ऐसे में तकनीकी संस्थानों को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना समय की मांग है।


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