आकाश अंबानी ने रखा जियो का AI रोडमैप: कॉल, कारोबार और खेती तक पहुंचेगा रिलायंस इंटेलिजेंस
मुंबई (19 जून, 2026): टेलीकॉम क्षेत्र में क्रांति लाने के बाद अब रिलायंस जियो (Jio) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में भारत की अगली बड़ी छलांग लगाने के लिए तैयार है। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की 49वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में चेयरमैन मुकेश अंबानी और जियो के प्रमुख आकाश अंबानी ने देश के पहले **'सॉवरेन एआई बैकबोन'** (Sovereign AI Backbone) का पूरा रोडमैप दुनिया के सामने रख दिया है।
आरआईएल के चेयरमैन मुकेश डी. अंबानी ने स्पष्ट किया कि भारत को विदेशों में बने एआई टूल्स का केवल उपभोक्ता बनकर नहीं रहना चाहिए। भारत को एआई का निर्माता और ग्लोबल लीडर बनना चाहिए। इसी सोच के साथ रिलायंस इंटेलिजेंस को कंपनी के नए ग्रोथ इंजन के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है।
⚡ जामनगर में बन रहा है भारत का सॉवरेन AI इंफ्रास्ट्रक्चर
जियो के चेयरमैन आकाश एम. अंबानी ने बताया कि रिलायंस इंटेलिजेंस जामनगर (गुजरात) में भारत का सॉवरेन एआई बैकबोन तैयार कर रहा है। यह पूरा सुपरकंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर रिलायंस की अपनी सौर ऊर्जा (Green Solar Energy) से संचालित होगा।
- इसकी पहली 120 मेगावाट क्षमता 2026 के अंत तक शुरू हो जाएगी।
- पूरी तरह चालू होने पर यह क्षमता 2 लाख से अधिक H100-इक्विवेलेंट GPU तक बढ़ जाएगी।
"अनुवाद नहीं, 22 भाषाओं में 'नेटिव भारतीय AI' बोलेगा भारत"
आकाश अंबानी ने वैश्विक टेक कंपनियों पर निशाना साधते हुए कहा कि दुनिया के एआई प्लेटफॉर्म पहले अंग्रेजी में बनते हैं और बाद में उनका भारतीय भाषाओं में अनुवाद किया जाता है। इसके विपरीत, जियो भारतीय भाषाओं में नेटिव एआई बना रहा है।
"भारत का एआई भारतीय भाषा में बोलेगा। भारत के दिलों को जोड़ेगा। भारत की तस्वीर और तकदीर बदलेगा। रिलायंस इंटेलिजेंस देश की सभी 22 भारतीय भाषाओं में भरोसेमंद, किफायती और बहुभाषी एआई सेवाएं देने के लिए पूरी तरह तैयार है।"
— आकाश एम. अंबानी, चेयरमैन, रिलायंस जियो
आम जनता, किसान और छात्रों के लिए आ रहे हैं ये 5 बड़े AI प्लेटफॉर्म्स:
रिलायंस इंटेलिजेंस का उद्देश्य किसानों, छात्रों, डॉक्टरों, दुकानदारों और छोटे कारोबारियों तक एआई की दैनिक उपयोगिता को पहुंचाना है। इसके तहत निम्नलिखित इकोसिस्टम पेश किए जाएंगे:
📱 कॉल पर खुद काम करेगा 'जियो कॉल एजेंट' (Jio Call Agent)
जियो अपने नेटवर्क कॉलिंग में सीधे एआई को जोड़ने जा रहा है। कंपनी **'जियो कॉल एजेंट'** पर तेजी से काम कर रही है। ग्राहक की अनुमति से हर जियो कॉल में यह एआई एजेंट बैकग्राउंड में जुड़ सकेगा। यह आपकी कॉल को रिकॉर्ड/ट्रांसक्राइब कर सकेगा, पूरी बातचीत का एक संक्षिप्त सार (Summary) बना सकेगा। इतना ही नहीं, यह कॉल के दौरान ही आपके कहने पर खाना ऑर्डर करने, कैब बुक करने या मीटिंग तय करने जैसे काम भी ऑटोमैटिक कर देगा।
गूगल, मेटा और एनवीडिया (NVIDIA) के साथ बड़ी ग्लोबल पार्टनरशिप
रिलायंस ने दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों **Google, Meta, और Nvidia** के साथ की गई साझेदारियों का विशेष रूप से उल्लेख किया। कंपनी का उद्देश्य इन वैश्विक तकनीकों को भारतीय क्रियान्वयन, भारतीय डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर और भारत-प्रथम गवर्नेंस (India-First Governance) के साथ जोड़कर देश को एआई युग में दुनिया का नेतृत्वकर्ता बनाना है।
जिस तरह जियो ने 10 साल पहले डेटा को हर भारतीय के लिए बेहद किफायती और सुलभ बनाकर डिजिटल क्रांति की थी, ठीक उसी तर्ज पर अब रिलायंस इंटेलिजेंस एआई (AI) को हर गरीब और आम नागरिक के लिए आसान, भरोसेमंद और सबसे सस्ता बनाने की तैयारी में है।


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