राजकीय वाहन चालक महासंघ की बैठक: आगामी अधिवेशन और भर्ती पर मंथन; विभागों से मांगी गई रिक्त पदों की जानकारी, निजी गाड़ियों के अवैध इस्तेमाल पर जताया आक्रोश
लखनऊ। राजकीय वाहन चालक महासंघ उत्तर प्रदेश की एक महत्वपूर्ण प्रांतीय बैठक महासंघ कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष **रिजवान अहमद सिद्दीकी** ने की तथा संचालन प्रांतीय महामंत्री **जयप्रकाश त्रिपाठी** द्वारा किया गया। इस दौरान 9 सूत्रीय मांगों, आगामी अधिवेशन व चुनाव, चालकों के रिक्त पदों पर नियमित भर्ती और आउटसोर्सिंग कर्मियों के मुद्दों पर गहन मंथन किया गया।
📋 बैठक के प्रमुख बिंदु एवं निर्णय:
- रिक्त पदों का ब्योरा: महासंघ ने समस्त विभागों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने विभागों से वाहन चालकों के रिक्त पदों की संख्या तत्काल शासन और महासंघ को भेजें, ताकि नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू हो सके और टैक्सी प्रथा को बंद किया जा सके।
- वाणिज्यिक वाहनों का प्रयोग: यदि किन्हीं परिस्थितियों में टैक्सी लगाना अनिवार्य भी हो, तो वे केवल कमर्शियल (वाणिज्यिक) नंबर प्लेट वाली गाड़ियां ही होनी चाहिए।
- आउटसोर्सिंग व पदोन्नति: आउटसोर्सिंग चालकों के हितों की रक्षा तथा वरिष्ठ चालकों की पदोन्नति व उनके कार्यानुसार पद निर्धारण पर विस्तृत चर्चा की गई।
- 'वाहन सारथी-2' का प्रकाशन: वरिष्ठ साथियों की समिति द्वारा जल्द ही शासन की अनुमति से 'वाहन सारथी-2' पत्रिका का प्रकाशन किया जाएगा।
🚨 अधिकारियों द्वारा निजी गाड़ियों के इस्तेमाल पर आक्रोश
महासंघ ने इस बात पर कड़ा आक्रोश जताया कि शासन-प्रशासन में उच्च स्तर के अधिकारियों के पास टैक्सी के नाम पर निजी (प्राइवेट) गाड़ियां धड़ल्ले से चलाई जा रही हैं, जो सीधे तौर पर राजस्व का नुकसान है। महासंघ का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही **मुख्य सचिव** से मिलकर इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेगा।
👥 बैठक में ये प्रमुख पदाधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में राजकीय वाहन चालक महासंघ के राष्ट्रीय सलाहकार राम फेर पांडे, राजकीय वाहन संरक्षक वीरेंद्र पांडे, सलाहकार शाहिद अली, उपाध्यक्ष बसंत कुमार ओझा, महासंघ मंत्री रमेश कुमार, मंत्री जहरूल हसन सहित समस्त विभागों के प्रांतीय अध्यक्ष, मंत्री व अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

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