LDA New Rules: अब लखनऊ में नक्शा पास कराने से पहले देना होगा फायर सेफ्टी का शपथ पत्र, LDA उपाध्यक्ष का बड़ा आदेश
लखनऊ। अलीगंज में हुए दर्दनाक अग्निकांड से सबक लेते हुए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने अग्नि सुरक्षा को लेकर एक बहुत बड़ा और कड़ा निर्णय लिया है। एलडीए के नए आदेश के मुताबिक, अब शहर में एकल आवासीय (लो-राइज) मकानों को छोड़कर अन्य सभी प्रकार के आवासीय और व्यावसायिक (कमर्शियल) भवनों का मानचित्र (नक्शा) स्वीकृत कराने से पहले भवन स्वामी को अग्नि सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित नोटरीकृत शपथ पत्र देना अनिवार्य होगा।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। इस नए नियम के तहत अब उन भवनों में भी न्यूनतम फायर सेफ्टी मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा, जिनके लिए अग्निशमन विभाग (Fire Department) की एनओसी (NOC) अनिवार्य नहीं होती है।
तैयार होगा अलग रजिस्टर, साप्ताहिक मॉनिटरिंग के निर्देश
नक्शा पास कराने के लिए आवेदकों को निर्धारित प्रारूप पर नोटरी से प्रमाणित शपथ पत्र प्राधिकरण में जमा करना होगा। एलडीए मुख्यालय में इन सभी शपथ पत्रों का एक अलग से विशेष रजिस्टर तैयार किया जाएगा। इसकी पारदर्शिता और गंभीरता को बनाए रखने के लिए एलडीए सचिव के समक्ष हर हफ्ते इसकी साप्ताहिक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
कोचिंग सेंटर, जिम, होटल और अस्पतालों की होगी सघन जांच
उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने लखनऊ के सभी जोनल अधिकारियों को पूरे शहर भर में एक व्यापक और सघन जांच अभियान चलाने के कड़े निर्देश दिए हैं। इस अभियान के तहत विशेष रूप से उन प्रतिष्ठानों की मॉनिटरिंग की जाएगी जहां भारी संख्या में भीड़ जुटती है, जैसे:
- बहुमंजिला आवासीय परियोजनाएं (Multi-story apartments)
- कोचिंग सेंटर्स और जिम
- होटल, अस्पताल और नर्सिंग होम
- कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और अन्य भीड़भाड़ वाले बाजार
जांच के दौरान इन परिसरों में फायर सेफ्टी उपकरणों की स्थिति, बेसमेंट के अवैध उपयोग और पार्किंग व्यवस्था का मौके पर सत्यापन (वेरिफिकेशन) किया जाएगा। साथ ही, इन मौजूदा भवन स्वामियों से भी अग्नि सुरक्षा के संबंध में शपथ पत्र भरवाया जाएगा।
अवैध व्यावसायिक गतिविधियों पर चलेगा एलडीए का डंडा
लखनऊ विकास प्राधिकरण अब ऐसे भवनों को विशेष रूप से चिन्हित करने जा रहा है, जिन्होंने अपना नक्शा तो 'आवासीय' उपयोग के लिए पास कराया था, लेकिन वर्तमान में वहां धड़ल्ले से 'व्यावसायिक' गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। एलडीए प्रशासन के अनुसार, मास्टर प्लान के विपरीत जाकर अवैध रूप से बेसमेंट या भवनों का कमर्शियल इस्तेमाल करने वालों और बिना स्वीकृत नक्शे के बनी इमारतों के खिलाफ सीलिंग और ध्वस्तीकरण जैसी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


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