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भारतीय पर्वतीय महासभा ने मनाया 80वां स्वतंत्रता दिवस: ध्वजारोहण के साथ लोक संस्कृति व सामाजिक एकता पर दिया बल

लखनऊ: भारतीय पर्वतीय महासभा के प्रधान कार्यालय में धूमधाम से मना 80वां स्वतंत्रता दिवस, राष्ट्र निर्माण और संस्कृति संरक्षण का लिया संकल्प

📍 स्थान: लखनऊ, उत्तर प्रदेश | 📅 श्रेणी: स्वतंत्रता दिवस विशेष / सामाजिक एवं सांस्कृतिक समाचार

लखनऊ: देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर भारतीय पर्वतीय महासभा के प्रधान कार्यालय में भव्य ध्वजारोहण एवं स्वतंत्रता दिवस समारोह अत्यंत हर्षोल्लास और देशभक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में महासभा के पदाधिकारियों, सदस्यों, बच्चों और क्षेत्रवासियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

📌 समारोह के प्रमुख बिंदु:

  • ध्वजारोहण व राष्ट्रगान: अमर शहीदों को नमन कर "भारत माता की जय" और "वंदे मातरम्" के जयघोष से गूंजा परिसर।
  • प्रमुख संकल्प: सामाजिक एकता, राष्ट्र निर्माण और पर्वतीय लोक संस्कृति का संरक्षण।
  • युवा व बाल सहभागिता: बच्चों ने देशभक्ति नारों और उत्साहपूर्ण भागीदारी से कार्यक्रम को जीवंत बनाया।

"देश की एकता और संस्कृति की रक्षा हर नागरिक का कर्तव्य": डॉ. अनुपम सिंह भंडारी

ध्वजारोहण के उपरांत सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनुपम सिंह भंडारी ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें उन महान अमर सेनानियों के त्याग और बलिदान का स्मरण कराता है, जिनकी बदौलत आज हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं। उन्होंने आह्वान किया कि देश की एकता, अखंडता और गौरवशाली संस्कृति की रक्षा करते हुए हर नागरिक को राष्ट्र विकास में अपना योगदान देना चाहिए।

"देश की प्रगति तभी संभव है, जब समाज में आपसी भाईचारा, एकता और सहयोग की भावना मजबूत हो। युवाओं को राष्ट्र निर्माण में आगे आकर सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।"
— पान सिंह भंडारी (मुख्य राष्ट्रीय संरक्षक)

पर्वतीय परंपराओं के संरक्षण और सामाजिक समरसता पर जोर

मुख्य संयोजक श्री दया कृष्ण डालाकोटी ने कहा कि पर्वतीय संस्कृति, परंपराएं और संस्कार हमारी विशिष्ट पहचान हैं, जिन्हें सुरक्षित रखकर नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है।

संयोजक मोहन सिंह बिष्ट ने अधिकारों के साथ कर्तव्यों के ईमानदारी से पालन और जरूरतमंदों के सहयोग पर बल दिया। वहीं सांस्कृतिक मंत्री गिरीश चंद्र जोशी और सांस्कृतिक सलाहकार राजू त्रिपाठी ‘चंचल’ ने लोकभाषा, लोकगीत, लोककला और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का संदेश दिया। महासचिव ओम प्रकाश उप्रेती ने सामाजिक सेवा और संगठन की मजबूती के लिए निरंतर कार्य करने की बात कही।

बच्चों की भागीदारी और गरिमामयी उपस्थिति

समारोह में बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। बच्चों ने देशभक्ति के नारों के साथ कार्यक्रम को ऊर्जावान बना दिया।

इस अवसर पर बलवंत सिंह देवड़ी, किशन सिंह बिष्ट, माया जोशी, कमला भंडारी, नमिता भंडारी एवं महिपाल सिंह बिष्ट सहित महासभा के कई प्रमुख सदस्य व पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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