अलीगंज हादसे पर CM योगी का बड़ा प्रहार: कार्यक्रम रद्द कर आधी रात पहुंचे लखनऊ, 4 अफसर तत्काल सस्पेंड, 4 की गिरफ्तारी
लखनऊ (22 जून): अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार बेहद सख्त और ताबड़तोड़ एक्शन के मूड में आ गई है। हादसे के वक्त अलीगढ़ दौरे पर मौजूद मुख्यमंत्री ने घटना की सूचना मिलते ही मंच से अपने सभी आगामी कार्यक्रम रद्द करने की घोषणा की और सीधे लखनऊ के लिए रवाना हो गए। लखनऊ पहुंचते ही सीएम योगी सबसे पहले घटनास्थल और फिर केजीएमयू (KGMU) अस्पताल पहुंचे, जिसके बाद देर रात हुई हाई-लेवल मीटिंग में बड़ी प्रशासनिक गाज गिराई गई है।
❌ तत्काल प्रभाव से सस्पेंड 4 अफसर:
- गौरव कुमार: एक्सेन कलेक्शन, बिजली विभाग (जानकीपुरम)
- कमलेन्द्र कुमार सिंह: FSSO प्रभारी, फायर विभाग (इंदिरा नगर)
- अनिल कुमार: सहायक अभियंता (AE), लखनऊ विकास प्राधिकरण
- प्रमोद पांडे: अवर अभियंता (JE), लखनऊ विकास प्राधिकरण
⚖️ सलाखों के पीछे पहुंचे 4 अभियुक्त:
- रामकृष्ण उपाध्याय: निवासी अलीगंज, लखनऊ
- वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला: निवासी सीतापुर रोड, लखनऊ
- तूशॉक कृष्णा जायसवाल: निवासी बालागंज, लखनऊ
- सुरेश कुमार साहू: निवासी मड़ियांव, लखनऊ
₹5-5 लाख रुपये
₹50-50 हजार रुपये
अलीगढ़ से सीधे केजीएमयू पहुंचे सीएम, डॉक्टरों को दिए सख्त निर्देश
इससे पहले, जैसे ही मुख्यमंत्री को अलीगढ़ के मंच पर हादसे की जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और आला अधिकारियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। खुद लखनऊ लैंड करते ही वह बिना समय गंवाए किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज पहुंचे। वहां उन्होंने भर्ती घायलों का हाल-चाल जाना और डॉक्टरों को कड़े निर्देश दिए कि घायलों के इलाज में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अब SIT के निशाने पर बड़े अधिकारी: 7 दिन में मांगी रिपोर्ट
अस्पताल से सीधे 5 कालिदास मार्ग (मुख्यमंत्री आवास) पहुंचकर सीएम योगी ने एक हाई-लेवल इमरजेंसी मीटिंग बुलाई। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने **दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT)** के गठन का आदेश दिया। इस हाई-प्रोफाइल जांच टीम का नेतृत्व दो बेहद कड़क अफसर कर रहे हैं:
👉 प्रवीण कुमार (अपर पुलिस महानिदेशक, लखनऊ जोन)
एसआईटी (SIT) को **7 दिनों के भीतर** अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री को सौंपनी है। माना जा रहा है कि इस जांच की आंच शासन स्तर के कई बड़े अधिकारियों तक पहुंचने वाली है, क्योंकि जांच के दायरे में जवाबदेही तय कर बड़े नामों पर भी गाज गिराने की तैयारी पूरी हो चुकी है।



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