📘 🐦 📸
तेज़, सटीक और भरोसेमंद खबरें
🔴 Breaking
Loading news...
Voice of Capital को Google पर पसंदीदा स्रोत बनाएं
ताजा खबरों के लिए हमें Google पर Follow करें

Pages

कोलकाता में भरभराकर ढही निर्माणाधीन गोदाम की छत, 50 मजदूर दबे, पांच की मौत सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू

कोलकाता में बड़ा हादसा: निर्माणाधीन गोदाम की छत गिरी, मलबे में दबे दर्जनों मजदूर; सेना और NDRF ने संभाला मोर्चा

कोलकाता, 24 जून 2026: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आ रही है। कोलकाता के तारातला इलाके में बुधवार दोपहर एक निर्माणाधीन गोदाम की छत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के वक्त वहां बड़ी संख्या में मजदूर काम कर रहे थे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मलबे में करीब 40 से 50 मजदूरों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद पूरे इलाके में अफवाह और अफरा-तफरी का माहौल है।

जोरदार धमाके के साथ ताश के पत्तों की तरह ढह गया ढांचा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर के समय अचानक एक जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। जब तक लोग कुछ समझ पाते, तब तक निर्माणाधीन गोदाम का पूरा ढांचा ढह चुका था और चारों तरफ धूल का गुबार छा गया। स्थानीय लोगों ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत पुलिस प्रशासन को इसकी सूचना दी और खुद भी राहत कार्य में जुट गए। कई मजदूरों को स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला गया है।

सेना, NDRF और दमकल विभाग का संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन

हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत कदम उठाए हैं। मौके पर police और दमकल विभाग के साथ-साथ राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और भारतीय सेना की टीमें पहुंच चुकी हैं।

बचाव अभियान की मुख्य बातें:

  • भारी मशीनों (JCB) और गैस कटर की मदद से मलबा हटाया जा रहा है।
  • मलबे के नीचे से मजदूरों की चीख-पुकार सुनाई देने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन को और तेज कर दिया गया है।
  • राहतकर्मी बेहद सावधानी बरत रहे हैं ताकि अंदर फंसे लोगों को और चोट न पहुंचे।
  • मौके पर कई एंबुलेंस और डॉक्टरों की स्पेशल मेडिकल टीमें तैनात हैं।

घायलों को भेजा गया अस्पताल, सीएम ने मांगी रिपोर्ट

मलबे से अब तक कई मजदूरों को सुरक्षित निकालकर नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया जा चुका है। मलबे के पूरी तरह हटने के बाद ही घायलों और हताहतों का सही आंकड़ा सामने आ पाएगा। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने पूरे इलाके की बैरिकेडिंग कर दी है और आम लोगों की आवाजाही रोक दी है।

दूसरी ओर, राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन से हादसे की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश दिए हैं कि राहत और बचाव कार्य में कोई भी ढिलाई न बरती जाए और सभी फंसे हुए लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकाला जाए।

हादसे की होगी उच्च स्तरीय जांच

शुरुआती तौर पर आशंका जताई जा रही है कि निर्माण कार्य में किसी तकनीकी खामी या घटिया सामग्री के इस्तेमाल के कारण संरचनात्मक कमजोरी (Structural Weakness) आई होगी, जिससे यह हादसा हुआ। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के असली कारणों का पता चल सकेगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ताजा अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट के साथ जुड़े रहें।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

📢 WhatsApp से जुड़ें