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राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: योगी सरकार का बड़ा एक्शन, SIT की रिपोर्ट पर 8 लोगों के खिलाफ दर्ज हुई पहली FIR

Ram Mandir Donation Case: राम मंदिर दान प्रकरण में बड़ी कार्रवाई, CM योगी के निर्देश पर दर्ज हुई पहली FIR; 8 नामजद

लखनऊ/अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र दान प्रकरण में उत्तर प्रदेश सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद इस मामले में पहली एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है। यह मामला तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत पर अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि थाने में दर्ज किया गया है।

इस हाई-प्रोफाइल एफआईआर (अपराध संख्या 90/2026) में 8 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि कई अन्य अज्ञात आरोपियों का भी उल्लेख है। पुलिस और एसआईटी की टीम ने नामजद आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि एसआईटी की निष्पक्ष जांच से 'दूध का दूध और पानी का पानी' होकर रहेगा और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

FIR में नामजद 8 आरोपियों की सूची

ट्रस्ट की शिकायत पर पुलिस ने जिन प्रमुख लोगों को इस कथित घोटाले और चोरी के मामले में मुख्य अभियुक्त बनाया है, उनके नाम निम्नलिखित हैं:

क्र.सं. नामजद आरोपी का नाम वर्तमान स्थिति
1 अविनाश शुक्ला दर्ज एफआईआर के बाद पुलिस और एसआईटी की अभिरक्षा में पूछताछ जारी।
2 अनुकल्प मिश्रा
3 लवकुश मिश्रा
4 मनीष कुमार यादव
5 करुणेश पाण्डेय
6 रमाशंकर मिश्रा
7 सुभाष श्रीवास्तव
8 श्री राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू

BNS और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) की गंभीर धाराएं लागू

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट (PC Act) की बेहद सख्त धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है:

  • BNS की धाराएं: आरोपियों पर धारा 305, 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61, और 3(5) के तहत केस दर्ज किया गया है, जो धोखाधड़ी, अमानत में खयानत (क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट) और साजिश से जुड़ी हैं।
  • भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम: सरकारी या ट्रस्ट के धन के दुरुपयोग को देखते हुए धारा 13(1)(a) PC Act भी लगाई गई है, जिससे आरोपियों की मुश्किलें काफी बढ़ सकती हैं।

कमिश्नर विजय विश्वास पंत की SIT रिपोर्ट के बाद हुआ एक्शन

राम मंदिर के भेंट और चढ़ावे में विसंगतियों की बात सामने आने के बाद खुद ट्रस्ट ने राज्य सरकार से विशेष जांच का अनुरोध किया था। इसके बाद सीएम योगी ने लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एसआईटी (SIT) का गठन किया था।

एसआईटी प्रमुख विजय विश्वास पंत ने टीम के अन्य दो सदस्यों के साथ गत मंगलवार को शासन को अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट (प्रारंभिक प्रतिवेदन) सौंप दी थी। इस रिपोर्ट में दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की 'कठोर संस्तुतियां' की गई थीं, जिसके आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए गुरुवार को यह पहली एफआईआर दर्ज की गई।

अपडेट: एफआईआर दर्ज होने के बाद अयोध्या पुलिस और एसआईटी जांच के दायरे को बढ़ाते हुए कुछ अन्य संदिग्धों और कड़ियों को जोड़ने में जुट गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कुछ और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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