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सरोजनी नगर: अमौसी के चाकोलिया टोला में 2 साल से भारी जलभराव, नगर निगम की लापरवाही से जनता बेहाल

Sarojini Nagar Lucknow Waterlogging Issue Amausi Village - Public Problem
लखनऊ समाचार | जन-समस्या

सरोजनी नगर: अमौसी गांव का चाकोलिया टोला दो साल से भारी जलभराव से बेहाल, संक्रामक बीमारियों का बढ़ा खतरा

नगर निगम और जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही से मुख्य मार्ग बना तालाब, स्कूली बच्चों और नमाजियों को भारी दिक्कतें
Sarojini Nagar Lucknow Amausi Waterlogging

सरोजनी नगर (लखनऊ)। राजधानी लखनऊ के सरोजनी नगर प्रथम वार्ड अंतर्गत अमौसी गांव का चाकोलिया टोला इन दिनों भारी जलभराव और गंदगी की मार झेल रहा है। क्षेत्र के लोग पिछले लगातार दो वर्षों से इस नारकीय स्थिति का सामना कर रहे हैं, लेकिन नगर निगम और जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। ठोस कदम न उठाए जाने से स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है।

स्थानीय क्षेत्रवासियों के अनुसार, चाकोलिया टोला का मुख्य मार्ग लंबे समय से पूरी तरह जलमग्न है। चूंकि यही रास्ता तीन अलग-अलग प्रमुख मार्गों को आपस में जोड़ता है, इसलिए प्रतिदिन यहाँ से बड़ी संख्या में राहगीरों और वाहनों को गुजरना पड़ता है, जो अब बेहद खतरनाक हो चुका है।

📌 मुख्य बिंदु (Key Highlights)

  • 2 साल से समस्या: अमौसी गांव के चाकोलिया टोला निवासी लंबे समय से जलभराव और कीचड़ के बीच जीने को मजबूर।
  • मस्जिद जाने वाले परेशान: मुख्य मार्ग पर स्थित मस्जिद में नमाज अदा करने जाने वाले लोग रोज़ाना फिसलकर हो रहे चोटिल।
  • स्कूली बच्चों पर आफ़त: जलभराव के कारण बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पा रहे, कई बार स्कूल से वापस लौटाया जाता है।
  • बीमारियों का खौफ: रुके हुए गंदे पानी और कीचड़ के कारण इलाके में डेंगू, मलेरिया जैसी संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ा।

🕌 मस्जिद के रास्ते में कीचड़, नमाज़ी परेशान

नागरिकों ने बताया कि इसी जलमग्न रास्ते पर एक स्थानीय मस्जिद भी स्थित है। प्रतिदिन पांच वक्त की नमाज़ अदा करने जाने वाले अकीदतमंदों को गंदे पानी और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। कई बुजुर्ग और बच्चे इस रास्ते पर संतुलन बिगड़ने से फिसलकर गिर चुके हैं, जिससे उन्हें चोटें भी आई हैं, लेकिन बार-बार शिकायत के बाद भी कोई समाधान नहीं हुआ।

🎒 बच्चों के भविष्य पर संकट, बरसात में और भयावह हो जाती है स्थिति

इस बदहाली का सबसे बड़ा खामियाजा स्कूली बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। घुटनों तक भरे पानी और गंदगी के कारण बच्चों को स्कूल पहुंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है। अभिभावकों का कहना है कि जलभराव की वजह से अक्सर बच्चों को स्कूल पहुंचने में देर हो जाती है, जिसके कारण स्कूल प्रशासन उन्हें गेट से वापस लौटा देता है। बरसात के दिनों में स्थिति इतनी भयावह हो जाती है कि बच्चों को घर से बाहर भेजने में भी डर लगता है।

"क्षेत्रीय पार्षद, नगर निगम और संबंधित अधिकारियों को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दी गईं, लेकिन हर बार अधिकारियों की तरफ से केवल खोखला आश्वासन मिला, धरातल पर कोई काम नहीं हुआ।" — स्थानीय निवासी, चाकोलिया टोला

🦟 डेंगू और मलेरिया का मंडराया खतरा; योगी सरकार से गुहार

लंबे समय से सड़क पर जमा पानी अब सड़ने लगा है, जिससे चारों तरफ बदबू और मच्छरों का प्रकोप फैल गया है। स्थानीय जनता को डर है कि इलाके में जल्द ही डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड जैसी जानलेवा बीमारियां महामारी का रूप ले सकती हैं।

थक-हारकर अब अमौसी गांव के पीड़ित लोगों ने सूबे की योगी सरकार और जिला प्रशासन से सीधे हस्तक्षेप करने की मांग की है। क्षेत्रवासियों की मांग है कि इस जलभराव की समस्या का कोई स्थायी और त्वरित समाधान निकाला जाए, ताकि उन्हें इस रोज़-रोज़ के नरक, गंदगी और बीमारियों के साये से मुक्ति मिल सके।

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