योगी सरकार का बड़ा एक्शन: सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त हुआ परिवहन विभाग
परिवहन विभाग ने अन्य संबंधित विभागों के साथ मिलकर विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया और महज 7 दिन में बड़े स्तर पर कार्रवाई की। विभाग के अनुसार, इस विशेष अभियान के दौरान नियमों का पालन न करने पर 20 से 26 मई तक कुल 57,186 चालान किए गए। वहीं लापरवाही बरतने वाले 2,669 वाहनों को सीज भी किया गया है।
📊 कार्रवाई के मुख्य आंकड़े: किस उल्लंघन पर कितने चालान?
सड़क दुर्घटनाओं में हेलमेट और सीट बेल्ट की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसी कारण इन दोनों बिंदुओं पर सबसे ज्यादा ध्यान केंद्रित किया गया:
| यातायात उल्लंघन का प्रकार | किए गए चालान की संख्या |
|---|---|
| बिना हेलमेट ड्राइविंग | 23,758 |
| बिना सीट बेल्ट ड्राइविंग | 9,083 |
| ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का उपयोग | 3,676 |
| अनाधिकृत (अवैध) बसें | 1,502 |
| माल वाहनों में सवारी ढोना | 1,000+ |
🚫 अवैध बसों और ओवरलोडिंग पर कसी गई लगाम
सड़क हादसों को रोकने के लिए विभाग ने अनधिकृत बसों पर भी तगड़ी कार्रवाई की। प्रदेशभर में ऐसी 1,502 बसों का चालान काटा गया और 400 से अधिक को सीज किया गया। वहीं, माल वाहनों में क्षमता से अधिक या अवैध रूप से सवारी ढोने पर 1 हजार से अधिक चालान किए गए और साथ ही 91 वाहनों को सीज किया गया।
"इस अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल दंडात्मक कार्रवाई करना या जुर्माना वसूलना नहीं है, बल्कि नागरिकों को नियमों के पालन के लिए प्रेरित करना है। वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग न करें, हमेशा हेलमेट पहनें, सीट बेल्ट लगाएं और ओवरलोडिंग से बचें। आपकी सुरक्षित घर वापसी ही इस अभियान की असली सफलता है।"— परिवहन विभाग, उत्तर प्रदेश
💡 जनता के लिए जरूरी संदेश
अभियान के माध्यम से लोगों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, ओवरलोडिंग से बचने, और वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग न करने जैसे महत्वपूर्ण संदेश दिए गए। सरकार का स्पष्ट मत है कि सड़क पर सजगता ही दुर्घटनाओं को टालने का एकमात्र उपाय है।


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