अम्बेडकर महासभा परिसर में उमड़ा जनसैलाब: बाबा साहब के अस्थि कलश की रक्षा के लिए गूंजी एकजुटता की आवाज
- 'डॉ. अंबेडकर अस्थि कलश बचाओ संघर्ष मोर्चा' के आह्वान पर विधानसभा के सामने जुटे सैकड़ों अनुयायी।
- बाबा साहब के पावन अस्थि कलश, बोधिवृक्ष और बुद्ध प्रतिमा का विधि-विधान से किया गया सामूहिक पूजा-अर्चन।
- अनुयायियों का दृढ़ संकल्प: अस्थि कलश का सम्मान हमारी अटूट आस्था का प्रतीक, इसके संरक्षण के लिए जारी रहेगा संघर्ष।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बुधवार को एक महत्वपूर्ण वैचारिक और सांस्कृतिक समागम देखने को मिला। 'डॉ. अंबेडकर अस्थि कलश बचाओ संघर्ष मोर्चा' के बड़े आह्वान पर उत्तर प्रदेश विधानसभा के ठीक सामने स्थित प्रसिद्ध अंबेडकर महासभा परिसर में सैकड़ों की संख्या में बुद्ध और बाबा साहब के अनुयायी एकत्रित हुए। इस दौरान उपस्थित जनसमूह ने परम पूज्य बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के पवित्र अस्थि कलश, बोधिवृक्ष और भगवान बुद्ध की प्रतिमा के समक्ष श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चन व वंदना की।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बाबा साहब की पवित्र स्मृतियों और उनके अस्थि कलश की ऐतिहासिक गरिमा व सुरक्षा को लेकर समाज में एकजुटता का एक मजबूत संदेश प्रसारित करना था। परिसर में उमड़े अनुयायियों ने एक सुर में कहा कि बाबा साहब के अस्थि कलश का सम्मान केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि करोड़ों शोषितों-वंचितों की आस्था और आत्मसम्मान से जुड़ा विषय है। इसके ऐतिहासिक महत्व की रक्षा और संवर्धन के लिए वैचारिक संघर्ष निरंतर गति से जारी रहेगा।
"बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की स्मृतियां और उनका अस्थि कलश हमारी चेतना के केंद्र हैं। इनकी सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना हर सच्चे अनुयायी का नैतिक दायित्व है। आज का यह विशाल संगठन इसी संकल्प की एक बानगी है।"
प्रमुख विचारकों और सामाजिक चिंतकों की गरिमामयी उपस्थिति
अस्थि कलश बचाओ संघर्ष मोर्चा के इस विशेष कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रबुद्धजनों, पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों, जजों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लेकर आंदोलन को वैचारिक मजबूती प्रदान की। कार्यक्रम का समन्वय मोर्चा के संयोजक मंडल के वरिष्ठ सदस्यों द्वारा किया गया।


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