रिलायंस फाउंडेशन और नीति आयोग ने मध्य प्रदेश की पांच महिला किराना उद्यमियों को किया सम्मानित, मिला 1-1 लाख रुपये का अनुदान
नई दिल्ली। ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में रिलायंस फाउंडेशन की पहल को एक और बड़ी सफलता मिली है। रिलायंस फाउंडेशन और नीति आयोग के महिला उद्यमिता मंच (Women Entrepreneurship Platform - WEP) के संयुक्त कार्यक्रम के तहत नई दिल्ली में मध्य प्रदेश की पांच सफल महिला किराना उद्यमियों को सम्मानित किया गया। बेहतर कारोबार संचालन के लिए प्रत्येक उद्यमी महिला को **₹1-1 लाख का अनुदान** भी प्रदान किया गया।
🌟 सम्मान समारोह के मुख्य बिंदु:
- पहल का नाम: 'एम्पावरिंग रूरल वूमेन किराना एंटरप्रेन्योर्स' (RWKE) पायलट कार्यक्रम।
- पुरस्कार: प्रत्येक महिला उद्यमी को ₹1,00,000 का अनुदान पत्र।
- आयोजक: रिलायंस फाउंडेशन एवं नीति आयोग का महिला उद्यमिता मंच (WEP)।
- तकनीकी सहयोगी: माइक्रोसेव कंसल्टिंग (MSC)।
📍 मध्य प्रदेश के इन तीन जिलों से हुई शुरुआत
यह विशेष पहल मध्य प्रदेश के बड़वानी, विदिशा और रायसेन जिलों की महिला किराना दुकानदारों को आर्थिक व व्यापारिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इसके तहत महिलाओं को केवल वित्तीय मदद ही नहीं, बल्कि व्यावसायिक कुशलता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षित किया गया है:
- डिजिटल तकनीक और ऑनलाइन भुगतान का उपयोग
- वित्तीय प्रबंधन और हिसाब-किताब की समझ
- सप्लाई चेन, स्टॉक मैनेजमेंट और बाजार तक पहुंच
- कारोबार विस्तार के लिए व्यावहारिक बिजनेस प्लानिंग
📊 108 महिलाओं को मिला 1,200 घंटे से अधिक का प्रशिक्षण
रिलायंस फाउंडेशन के अनुसार, कार्यक्रम की शुरुआत से अब तक 108 महिला उद्यमियों को 175 से अधिक विशेष सत्रों के माध्यम से 1,200 घंटे से अधिक का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। स्थानीय भाषा में आयोजित इन सत्रों में बजट बनाने से लेकर सप्लाई चेन मजबूत करने जैसे अहम विषय सिखाए गए हैं।
🤝 गरिमामयी समारोह में उपस्थित रहे वरिष्ठ अधिकारी
नई दिल्ली में आयोजित इस सम्मान समारोह में नीति आयोग के सदस्य डॉ. जोराम अनिया, महिला उद्यमिता मंच (WEP) की मिशन निदेशक अन्ना रॉय, रिलायंस फाउंडेशन में महिला सशक्तिकरण प्रमुख दीप्ति नुकालापति और माइक्रोसेव कंसल्टिंग की सोनल जेटली सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
रिलायंस फाउंडेशन का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं द्वारा संचालित किराना दुकानें स्थानीय अर्थव्यवस्था की मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, और ऐसे प्रयास उन्हें डिजिटल व वित्तीय रूप से अधिक सक्षम बनाएंगे।


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