CM Yogi Janta Darshan: नर सेवा ही नारायण सेवा, 25 करोड़ जनता के हित के लिए प्रतिबद्ध है सरकार — मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
लखनऊ, 6 जुलाई: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह अपने सरकारी आवास पर ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के विभिन्न कोनों और जनपदों से आए एक-एक फरियादी से खुद मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने जरूरतमंदों को आवास दिलाने और गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए भरपूर आर्थिक सहायता देने का आत्मीय भरोसा दिया।
मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन के दौरान आए प्रार्थना पत्रों को खुद हाथ में लिया और उन्हें संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को सौंपते हुए निर्देशित किया कि जनता की सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जाए।
जनता दर्शन: अधिकारियों और पुलिस को मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश
| शिकायत का प्रकार | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का निर्देश |
|---|---|
| अवैध जमीन कब्जा | यदि कोई भी दबंग या भू-माफिया किसी गरीब की जमीन पर कब्जा कर रहा है, तो पुलिस उसके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई करे। |
| राजस्व व पुलिस मामले | राजस्व और पुलिस से जुड़े मामलों को लटकाया न जाए। तय समयसीमा के भीतर निष्पक्ष न्याय दिलाकर पीड़ित की संतुष्टि सुनिश्चित की जाए। |
| इलाज और आवास | गंभीर बीमारियों से पीड़ित पात्र लोगों को इलाज के लिए तुरंत आर्थिक सहायता (Medical Fund) और बेघर जरूरतमंदों को मकान की व्यवस्था कराई जाए। |
"नर सेवा को नारायण सेवा मानती है सरकार"
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "हमारी सरकार 'नर सेवा को ही नारायण सेवा' के मूल मंत्र पर चल रही है। राज्य के 25 करोड़ प्रदेशवासियों का हित और कल्याण ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हर जरूरतमंद और पात्र व्यक्ति को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पूरी संवेदनशीलता के साथ समय पर मिलना चाहिए।"
जन समस्याओं पर संवेदनशीलता दिखाएं अधिकारी
मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को कड़ी हिदायत देते हुए कहा कि कार्यालयों में आने वाले फरियादियों के प्रति प्रशासनिक अमला पूरी संवेदनशीलता दिखाए। सरकार हर नागरिक की समस्या का प्रभावी निस्तारण कराने के लिए पूरी तरह से संकल्पित है, इसलिए स्थानीय स्तर पर ही शिकायतों को सुनकर त्वरित कार्रवाई की जाए ताकि पीड़ितों को लखनऊ तक की दौड़ न लगानी पड़े।


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