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वनों से ही नदियां रहेंगी सदानीरा, गोरखपुर में सीएम योगी ने रोपा मौलश्री का पौधा; दी बड़ी चेतावनी

UP Environment News: वनों से ही नदियां रहेंगी सदानीरा, पेड़ों के अंधाधुंध कटान से आ सकता है जल और खाद्यान्न संकट: सीएम योगी

जल और जीवन का गहरा नाता: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी नागरिकों को वनों और नदियों के अंतर्संबंध को समझाते हुए एक बड़ा संदेश दिया है। गोरखपुर के ताल रिंग रोड के किनारे 'मौलश्री' का पौधा रोपने के बाद सीएम योगी ने कहा कि एक वृक्ष अपने भीतर हजारों लीटर पानी समेट कर रखता है। जहां वन अधिक होते हैं, नदियां वहीं हमेशा पानी से लबालब (सदानीरा) रहती हैं।

गोरखपुर, 12 जुलाई 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को 'पौधरोपण महायज्ञ 2026' के अंतर्गत आरकेबीके (RKBK) के समीप ताल रिंग रोड के किनारे पौधारोपण किया. इस दौरान उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए चेताया कि यदि पेड़ों का अंधाधुंध कटान नहीं रुका, तो आने वाले समय में भीषण जल संकट के साथ-साथ खाद्यान्न (अन्न) संकट भी खड़ा हो सकता है. इस अवसर पर उन्होंने रामगढ़ताल की खूबसूरती को निहारते हुए सेल्फी भी ली.

📊 यूपी पौधरोपण महाअभियान 2026: एक नजर में क्षमता

🌱 रोपा गया मुख्य पौधा मौलश्री (मुख्यमंत्री द्वारा ताल रिंग रोड पर रोपित)
🚀 एक ही दिन का विशाल लक्ष्य 35 करोड़ पौधे लगाने का रिकॉर्ड लक्ष्य
🏡 उत्तर प्रदेश में कुल नर्सरियां 57 लाख से अधिक सरकारी व निजी नर्सरियां
🌿 पौधों की विविध प्रजातियां औषधीय, फलदार, छायादार और इमारती पौधे

⚠️ पेड़ों के कटान से किसानों और आम जनता पर मंडराता खतरा

मुख्यमंत्री ने पर्यावरण असंतुलन के सीधे और घातक दुष्परिणामों को रेखांकित किया:

  • 🌾 अन्नदाता किसान पर सीधा संकट: पर्यावरण असंतुलन के कारण वर्षा चक्र (Rain Cycle) में लगातार अंतर बढ़ रहा है। मानसून में आ रहे इस बदलाव का सबसे ज्यादा और प्रतिकूल असर हमारे किसानों पर पड़ रहा है।
  • 💧 पेयजल और सूखे की स्थिति: बड़े पैमाने पर जंगलों और पेड़ों के कटान से भूजल स्तर गिरता है, जिससे पीने के पानी (पेयजल) का भयंकर संकट पैदा होता है और सूखे के हालात बनते हैं।
  • 🛡️ सुरक्षा और संरक्षण का संकल्प: सीएम ने स्पष्ट किया कि केवल पौधा लगा देना ही काफी नहीं है। हर नागरिक को उस पौधे की पूर्ण सुरक्षा और उसकी देखभाल का संकल्प भी लेना होगा।
  • 📈 सर्वे में बढ़ा यूपी का वनाच्छादन: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हर साल चलाए जाने वाले बड़े अभियानों और पौधों की पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के कारण ही हालिया सर्वे में प्रदेश के वनाच्छादन (Forest Cover) में स्पष्ट विस्तार दिखाई दे रहा है।
"प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना ही हमारी वास्तविक संस्कृति है"

"कृतज्ञता ज्ञापन भारतीय संस्कृति की मूल पहचान है। यह धरती और प्रकृति हमें सब कुछ देती है, इसलिए व्यापक स्तर पर पौधरोपण के जरिए हम प्रकृति के प्रति अपनी कृतज्ञता ज्ञापित कर सकते हैं। ऐसा करके ही हम अपनी वर्तमान और आने वाली भावी पीढ़ियों के भविष्य को उज्ज्वल और सुरक्षित बना सकते हैं। 'एक पेड़ मां के नाम' थीम को समर्पित इस महाअभियान से हर नागरिक को अंतरात्मा से जुड़ना चाहिए।"
— योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री (उत्तर प्रदेश)

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद: इस अवसर पर गोरखपुर के सांसद रविकिशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता, पूर्व महानगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता सहित भारी संख्या में स्थानीय पार्षद और आम जनता उपस्थित रही।

मुख्यमंत्री का यह संदेश कि "वन रहेंगे तो नदियां सदानीरा रहेंगी", जल संरक्षण की दिशा में एक बड़ा वैज्ञानिक सत्य है। उत्तर प्रदेश की 57 लाख से अधिक नर्सरियों की ताकत के साथ 35 करोड़ पौधों का यह विशाल लक्ष्य निश्चित रूप से राज्य को पर्यावरण संकट से बचाने और ग्लोबल वार्मिंग के खतरों को कम करने में मील का पत्थर साबित होगा।

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