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UP Flood and Drought Review: बाढ़ हो या सूखा, हर नागरिक की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता- सीएम योगी

बाढ़ हो या सूखा, हर नागरिक की सुरक्षा-सुविधा सुनिश्चित हो: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

बाढ़ हो या सूखा, हर नागरिक की सुरक्षा-सुविधा सुनिश्चित हो: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिए व्यापक निर्देश

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि बाढ़ हो या सूखा, प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा, किसानों की फसल और आमजन की आजीविका की रक्षा करना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राहत एवं बचाव कार्यों में पूरी संवेदनशीलता, तत्परता और समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति तक समयबद्ध सहायता पहुंचाई जाए।

मुख्यमंत्री सोमवार को प्रदेश में अनियमित वर्षा से उत्पन्न दोहरी चुनौती (कम वर्षा वाले क्षेत्रों में सूखे की आशंका और अतिवृष्टि वाले क्षेत्रों में संभावित बाढ़) के दृष्टिगत आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में प्रत्येक जनपद की स्थिति अलग है, इसलिए राहत एवं बचाव की रणनीति भी स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार की जाए।

🌾 कम वर्षा वाले क्षेत्रों में खेती प्रभावित न हो

मुख्यमंत्री ने कृषि और सिंचाई को लेकर कड़े निर्देश दिए हैं:

  • नहरों, जलाशयों, राजकीय नलकूपों तथा अन्य उपलब्ध सिंचाई संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
  • बोआई एवं सिंचाई के रियल टाइम आंकड़ों की नियमित समीक्षा कर किसानों को समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराई जाए।
  • जहां वर्षा की कमी के कारण बोआई प्रभावित होने की आशंका है, वहां कृषि एवं सिंचाई विभाग संयुक्त कार्ययोजना बनाकर तत्काल राहत उपलब्ध कराएं।

⛺ तीन दिन में तैयार हों राहत शिविर, बच्चों को मिले दूध और पौष्टिक भोजन

संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए मुख्यमंत्री ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए निर्देश दिए:

  • बाढ़ प्रभावित एवं संवेदनशील जनपदों में अगले तीन दिनों के भीतर सभी राहत शिविर पूरी तरह तैयार कर लिए जाएं।
  • राहत शिविरों में ताजा एवं पौष्टिक भोजन, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा सुविधा, स्वच्छता तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
  • शिविरों में रह रहे बच्चों के लिए डेयरी के माध्यम से दूध उपलब्ध कराया जाए।
  • महिलाओं, बच्चों, वृद्धजनों, दिव्यांगजनों तथा गर्भवती महिलाओं की आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा जाए और राहत सामग्री किट गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक हो।

🛡️ तटबंधों की चौबीसों घंटे पेट्रोलिंग और 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम

सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए मुख्यमंत्री ने निम्नलिखित निर्देश दिए:

  • तटबंधों की सुरक्षा: प्राकृतिक कारणों के साथ-साथ अराजक तत्वों द्वारा भी तटबंधों को नुकसान पहुंचाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, इसलिए संवेदनशील स्थलों पर चौबीसों घंटे निगरानी एवं पेट्रोलिंग कराई जाए।
  • पल-पल का अपडेट: राहत आयुक्त कार्यालय का कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रहे। प्रत्येक घंटे की अद्यतन जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय, पुलिस महानिदेशक (DGP) कार्यालय और संबंधित राहत एजेंसियों को दी जाए। राज्य स्तरीय डैशबोर्ड पर हर जिले की स्थिति अपडेट रहे।
  • आपदा मित्रों की सेवाएं: जहां आवश्यकता हो वहां बड़ी नौकाओं की व्यवस्था की जाए। प्रशिक्षित 'आपदा मित्रों' की सेवाएं व्यापक रूप से ली जाएं तथा प्रत्येक जिलाधिकारी (DM) स्वयं राहत कार्यों की नियमित मॉनीटरिंग करें।

📊 बाढ़ प्रभावित जिलों में व्यापक तैयारियां पूरी

बैठक में बताया गया कि वर्तमान में प्रदेश के चार जनपदों (बलिया, गौतमबुद्ध नगर, लखीमपुर खीरी तथा मुजफ्फरनगर) के 42 गांव प्रभावित हैं, जहां राहत कार्य तेजी से जारी हैं। बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील 44 जनपदों में व्यापक पूर्व तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 1,694 राहत शरणालय चिन्हित किए गए हैं, जिनमें लगभग 5.14 लाख लोगों को आश्रय देने की क्षमता है। पशुधन की सुरक्षा के लिए 910 पशु शरणालय भी स्थापित किए गए हैं।

🏠 अन्य महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश

  • पशुधन की सुरक्षा: पशुओं को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए तथा मौसम के अनुरूप संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए उनका समयबद्ध टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए।
  • चैनेलाइजेशन: बाढ़ प्रबंधन को और प्रभावी बनाने के लिए नदियों का चैनेलाइजेशन कार्य निरंतर जारी रखा जाए।
  • अग्नि दुर्घटना पर आवास: अग्नि दुर्घटना में यदि किसी गरीब परिवार का आवास नष्ट होता है, तो उसे प्राथमिकता के आधार पर 'मुख्यमंत्री आवास योजना' के अंतर्गत तत्काल आवास उपलब्ध कराया जाए।
  • शहरी सुरक्षा: नगर क्षेत्रों में खुले मैनहोल को तत्काल ढकने तथा जनसुरक्षा से जुड़े सभी एहतियाती उपाय सुनिश्चित किए जाएं।

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