डॉ. शकुन्तला मिश्रा विश्वविद्यालय का 13वां दीक्षांत समारोह: 1,921 विद्यार्थियों को मिलीं डिग्रियां, राज्यसभा सांसद सी. सदानंदन मास्टर ने की 'स्पेशल स्टेटस' की मांग
लखनऊ। डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय का 13वां दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय परिसर स्थित अटल प्रेक्षागृह में धूमधाम से संपन्न हुआ। समारोह की अध्यक्षता दिव्यांगजन सशक्तीकरण एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने की, जबकि राज्यसभा सांसद सी. सदानंदन मास्टर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। दीक्षांत समारोह में कुल 1,921 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं, जिन्हें सीधे 'डिजी लॉकर' पर अपलोड किया गया।
“आज का दिन केवल उपाधि प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि उपलब्धि, उत्सव और जीवन की नई शुरुआत का दिन है। केंद्र सरकार से मेरा आग्रह है कि डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय को विशेष दर्जा (Special Status) देने पर विचार किया जाए।”
— सी. सदानंदन मास्टर, मुख्य अतिथि व राज्यसभा सांसद🏆 130 मेधावियों को 156 पदक, दिव्यांग छात्रों का रहा शानदार प्रदर्शन
समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 130 मेधावी विद्यार्थियों को कुल 156 पदकों से सम्मानित किया गया:
| श्रेणी / पदक (Medal Category) | संख्या (Total Count) |
|---|---|
| स्वर्ण पदक (Gold Medals) | 76 |
| रजत पदक (Silver Medals) | 40 |
| कांस्य पदक (Bronze Medals) | 40 |
| कुल पदक (Total Medals) | 156 (130 विद्यार्थियों को) |
| दिव्यांग विद्यार्थियों को पदक | 27 छात्रों को 45 पदक |
🌟 'सेंटर फॉर एक्सीलेंस' बना विश्वविद्यालय
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत का इकलौता राज्य है जहाँ दिव्यांगजन विभाग द्वारा दो विशेष विश्वविद्यालय संचालित होते हैं। उन्होंने गर्व व्यक्त करते हुए बताया कि भारतीय पुनर्वास परिषद् (RCI) द्वारा इस विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर 'सेंटर फॉर एक्सीलेंस' (Center for Excellence) घोषित किया गया है।
🎨 प्रतिभागी बच्चों और उत्कृष्ट शिक्षकों का हुआ सम्मान
समारोह के दौरान विभिन्न शैक्षणिक एवं पाठ्येतर गतिविधियों जैसे कविता, निबंध, भाषण, राष्ट्रभक्ति गीत गायन, चित्रकला और खेलकूद प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। साथ ही सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले एक शिक्षक को भी सम्मानित किया गया। एनएसएस (NSS) द्वारा गोद लिए गए 8 गांवों के विद्यालयों में आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेता बच्चों को भी मंच से पुरस्कार प्रदान किए गए।
समारोह के दौरान कुलपति प्रो. संजय सिंह ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अनुपस्थिति में उनका लिखित संबोधन राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी सुधीर एम. बोबडे द्वारा पढ़कर सुनाया गया।

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