जलवायु और मौसम की चरम घटनाओं पर बढ़ी वैश्विक चिंता, कई देशों में बाढ़ और भीषण गर्मी का कहर
वॉयस ऑफ कैपिटल | अंतरराष्ट्रीय डेस्क | 9 जुलाई 2026
दुनिया के कई हिस्सों में लगातार बढ़ती चरम मौसम की घटनाओं ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। वैज्ञानिकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन और विकसित हो रही एल नीनो (El Niño) परिस्थितियों के कारण आने वाले महीनों में भीषण गर्मी, अत्यधिक वर्षा, बाढ़ और शक्तिशाली तूफानों की आवृत्ति तथा तीव्रता बढ़ सकती है।
हाल के दिनों में चीन के कई हिस्सों में भारी बारिश और बाढ़ से जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई लोगों की मौत हुई है, जबकि हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस वर्ष एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सामान्य से अधिक शक्तिशाली तूफान आने की आशंका है।
यूरोप भी रिकॉर्ड गर्मी की चपेट में है। कई देशों में समुद्री सतह का तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया है, जिससे समुद्री जैव विविधता और मत्स्य संसाधनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
भारत में भी मानसून के दौरान कई राज्यों में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। मौसम विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती जलवायु परिस्थितियों से निपटने के लिए देशों को आपदा प्रबंधन, पूर्व चेतावनी प्रणाली और जलवायु अनुकूलन योजनाओं को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
मुख्य बिंदु
- दुनिया के कई देशों में चरम मौसम की घटनाएं बढ़ीं।
- चीन में भारी बारिश और बाढ़ से जनजीवन प्रभावित।
- यूरोप में रिकॉर्ड गर्मी और बढ़ता समुद्री तापमान।
- भारत के कई राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ का खतरा।
- विशेषज्ञों ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए सतर्कता बढ़ाने पर जोर दिया।

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