लखनऊ में सियासी घमासान: कांग्रेस का 5-कालिदास मार्ग कूच, भाजपा का कांग्रेस कार्यालय घेराव मार्च; पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोका
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में मंगलवार को कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बड़े विरोध प्रदर्शनों के कारण राजनीतिक पारा चरम पर पहुंच गया। एक ओर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री आवास (5-कालिदास मार्ग) की ओर कूच किया, तो वहीं दूसरी ओर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की अगुवाई में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय के घेराव के लिए मार्च निकाला। पुलिस ने कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच दोनों प्रमुख दलों के प्रदर्शनकारियों को बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया।
✋ कांग्रेस का '5-कालिदास मार्ग' कूच, कई हिरासत में
कांग्रेस कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय से नारेबाजी करते हुए 5-कालिदास मार्ग की ओर बढ़े। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने तीन प्रमुख मार्गों पर **चार स्तरीय बैरिकेडिंग** की थी। जब प्रदर्शनकारियों ने पहली बैरिकेडिंग तोड़ने का प्रयास किया, तो पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच भारी धक्का-मुक्की और नोकझोंक हुई। इसके बाद पुलिस ने अजय राय समेत प्रदर्शन कर रहे कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर इको गार्डन भेज दिया।
🧡 भाजपा का कांग्रेस कार्यालय घेराव मार्च
उधर, भाजपा कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए और कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने के लिए बढ़े। इस विरोध मार्च का नेतृत्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी कर रहे थे। मार्च में प्रमुख रूप से शामिल नेता:
- पंकज चौधरी: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष
- पंकज सिंह: विधायक एवं वरिष्ठ नेता
- राजेश्वर सिंह: विधायक (सरोजनीनगर)
- नीरज सिंह: प्रदेश उपाध्यक्ष
भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी जमकर नारेबाजी की और बैरिकेडिंग पार करने का प्रयास किया, लेकिन भारी पुलिस बल ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।
🚨 राजधानी में सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
दोनों राजनीतिक दलों के एक साथ हो रहे प्रदर्शनों को देखते हुए लखनऊ में सुरक्षा के व्यापक और अभूतपूर्व इंतजाम किए गए थे। शहर के कई संवेदनशील चौराहों और मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था में भी बदलाव (रूट डायवर्जन) करना पड़ा।
राष्ट्रीय और राज्य स्तर के हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में दोनों प्रमुख दलों के बीच तल्खी और बढ़ गई है, जिसकी झलक लखनऊ की सड़कों पर साफ देखने को मिली।


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