लखनऊ विश्वविद्यालय में 45 दिनों से जारी छात्र आंदोलन को मिला कांग्रेस का समर्थन, धरना स्थल पहुंचे यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम
लखनऊ: लखनऊ विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि, छात्रों के निष्कासन और प्रशासन की कथित तानाशाही के खिलाफ पिछले 45 दिनों से छात्रों का अनिश्चितकालीन संघर्ष और धरना अनवरत जारी है। छात्रों के इस लोकतांत्रिक आंदोलन को मजबूती देने के लिए आज उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी श्री राजेंद्र पाल गौतम जी ने विश्वविद्यालय परिसर पहुंचकर प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं से मुलाकात की और उनकी मांगों को बेहद गंभीरतापूर्वक सुना।
इस अवसर पर शहर कांग्रेस कमेटी लखनऊ (उत्तरी) के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ शहर अध्यक्ष अमित श्रीवास्तव "त्यागी" (एडवोकेट) भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कांग्रेस नेताओं ने छात्रों के हक की इस लड़ाई को जायज ठहराते हुए उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने का संकल्प दोहराया।
📌 आंदोलनरत छात्रों की प्रमुख मांगें:
- विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा की गई फीस वृद्धि को तुरंत वापस लिया जाए।
- दुर्भावनापूर्ण तरीके से निष्कासित किए गए छात्रों को तत्काल बहाल किया जाए।
- कैंपस में लोकतांत्रिक माहौल बहाल करने के लिए छात्र संघ चुनाव कराए जाएं।
- विश्वविद्यालय परिसर में पुलिस का अनावश्यक हस्तक्षेप और भय का माहौल पूरी तरह समाप्त हो।
- छात्रों के शांतिपूर्ण और संवैधानिक आंदोलन करने के अधिकार की रक्षा की जाए।
अधिकारों और छात्र सम्मान की लड़ाई
धरना स्थल पर छात्रों को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई किसी व्यक्तिगत स्वार्थ या हित की नहीं है, बल्कि यह देश की शिक्षा व्यवस्था, युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों और छात्र सम्मान को बचाने का एक पवित्र संघर्ष है। विश्वविद्यालय प्रशासन जिस तरह से छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास कर रहा है, उससे शिक्षा व्यवस्था कभी मजबूत नहीं हो सकती।
"छात्रों की आवाज को लाठी, पुलिस या दमनकारी नीतियों से दबाया नहीं जा सकता। प्रशासन को हठधर्मिता छोड़कर छात्रों की इन जायज मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। युवाओं के इस न्यायपूर्ण संघर्ष के साथ कांग्रेस पार्टी पूरी मजबूती से खड़ी है।"
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गगनभेदी नारों के बीच छात्रों के आंदोलन को आगे बढ़ाने का हौसला दिया और कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक यह वैचारिक और जमीनी संघर्ष जारी रहेगा।


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