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महाराष्ट्र के रायगढ़ में बाढ़ में बहे 3,000 एलपीजी गैस सिलेंडर, पातालगंगा नदी में हाई अलर्ट

Maharashtra Rain Fury: महाराष्ट्र में भारी बारिश का तांडव, बाढ़ में बहे 3,000 से ज्यादा एलपीजी गैस सिलेंडर; पातालगंगा नदी में मची अफरा-तफरी

कुदरत का कहर: महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बाद एक एलपीजी बॉटलिंग प्लांट में बाढ़ का पानी घुस गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि प्लांट में रखे करीब 3,000 गैस सिलेंडर बहकर पातालगंगा नदी में चले गए।

रायगढ़ (महाराष्ट्र), 9 जुलाई 2026: महाराष्ट्र के कई हिस्सों में मानसून आफत बनकर बरस रहा है। रायगढ़ जिले में पिछले कुछ दिनों से जारी रिकॉर्डतोड़ बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं और मैदानी इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। इसी बीच जिले के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक एलपीजी बॉटलिंग प्लांट (LPG Bottling Plant) से एक साथ हजारों सिलेंडरों के नदी में बहने की घटना ने प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

🌊 पातालगंगा नदी में तैरते दिखे सिलेंडर, देखें कैसे हुआ हादसा

  • 🏭 प्लांट में घुसा बाढ़ का पानी: भारी बारिश के कारण पातालगंगा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे पानी नदी के पास स्थित एलपीजी गैस बॉटलिंग प्लांट के परिसर में घुस गया। देखते ही देखते पूरा प्लांट जलमग्न हो गया।
  • 🎈 ताश के पत्तों की तरह बहे 3000 सिलेंडर: पानी के भारी दबाव और तेज बहाव के कारण वहां स्टॉक में रखे करीब 3,000 कमर्शियल और डोमेस्टिक गैस सिलेंडर एक-एक कर बहने लगे और सीधे पातालगंगा नदी की मुख्य धारा में चले गए।
  • 👀 स्थानीय लोगों में दहशत: नदी में एक साथ हजारों लाल रंग के गैस सिलेंडरों को तैरते और बहते देखकर तटीय इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोगों ने इस हैरतअंगेज नजारे का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी शेयर किया है।
⚠️ प्रशासन का अलर्ट और रेस्क्यू ऑपरेशन:
घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस, आपदा प्रबंधन की टीमें और गैस एजेंसी के अधिकारी तुरंत हरकत में आ गए हैं। नदी के निचले बहाव वाले इलाकों और पुलों के पास जाल लगाकर इन सिलेंडरों को रोकने और बाहर निकालने का बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। नदी के किनारे बसे गांवों के लोगों को चेतावनी जारी की गई है कि वे पानी के पास न जाएं और यदि कोई सिलेंडर तैरता हुआ दिखे, तो तुरंत अधिकारियों को सूचित करें।

राहत की बात यह है कि अभी तक इस घटना के कारण किसी भी तरह के विस्फोट या जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है। शुरुआती जांच के अनुसार, बहने वाले अधिकांश सिलेंडर खाली थे, जिससे वे पानी की सतह पर तैरते हुए आगे निकल गए, लेकिन कुछ भरे हुए सिलेंडरों के भी बहने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। एजेंसियां युद्ध स्तर पर सर्च ऑपरेशन चला रही हैं ताकि सभी सिलेंडरों को समय रहते सुरक्षित बरामद किया जा सके और किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सके।

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