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हिंदी विश्वविद्यालय के 7 छात्रों को चीन सरकार की स्कॉलरशिप

MGAHV Wardha Students China Govt Scholarship 2026: हिंदी विश्वविद्यालय के 7 विद्यार्थियों को चीन सरकार की छात्रवृत्ति, हर महीने मिलेंगे ₹42 हजार

वर्धा के महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय की बड़ी उपलब्धि: 7 छात्रों को मिली चीन सरकार की फुली-फंडेड छात्रवृत्ति, चीन के टॉप यूनिवर्सिटीज में करेंगे पढ़ाई

वर्धा। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय (MGAHV), वर्धा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक और उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। भाषा विद्यापीठ के अंतर्गत चीनी भाषा स्नातक पाठ्यक्रम (2023-27) के सात विद्यार्थियों का चयन चीन सरकार की प्रतिष्ठित 'चाइना स्कॉलरशिप काउंसिल' (CSC) की पूर्ण वित्तपोषित छात्रवृत्ति के लिए हुआ है। ये छात्र शैक्षणिक वर्ष 2026-27 में चीन के विभिन्न शीर्ष विश्वविद्यालयों में 'नॉन-डिग्री जनरल स्कॉलर प्रोग्राम' के तहत पढ़ाई करेंगे।

💰 प्रति छात्र मिलेगी प्रतिमाह 3,000 युआन (₹42 हजार) की आर्थिक सहायता

इस पूर्ण वित्तपोषित छात्रवृत्ति के अंतर्गत प्रत्येक चयनित विद्यार्थी को पढ़ाई के दौरान चीन में रहने और खाने-पीने के खर्च के लिए प्रतिमाह 3,000 युआन (लगभग ₹42,000) का स्टाइपेंड मिलेगा। छात्रों का चयन चीनी भाषा दक्षता परीक्षा (HSK) के उत्कृष्ट अंकों के आधार पर हुआ है।

🏛️ जानें किन विद्यार्थियों को मिली कौन सी यूनिवर्सिटी:

चयनित सभी 7 छात्र अगस्त माह में चीन के लिए रवाना होंगे और उनका शैक्षणिक सत्र 1 सितंबर 2026 से शुरू होगा:

  • पेइचिंग लैंग्वेज एंड कल्चर यूनिवर्सिटी: आशुतोष, ब्रजेश कुमार और सुदर्शन कुमार
  • सेंट्रल चाइना नॉर्मल यूनिवर्सिटी: सनोज कुमार
  • तुंग हुआ यूनिवर्सिटी: पूजा सैनी
  • वू हान यूनिवर्सिटी: अपूर्वा अभय तायडे
  • शानशी यूनिवर्सिटी: रितेश राज

“यह सफलता विश्वविद्यालय की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और विदेशी भाषा अध्ययन में उत्कृष्टता का प्रमाण है। विदेश में अध्ययन के दौरान सभी विद्यार्थी भारतीय संस्कृति, हिंदी भाषा और अपने विश्वविद्यालय के गरिमामयी प्रतिनिधि बनें।”

— प्रो. कुमुद शर्मा, कुलपति (MGAHV, वर्धा)

🌟 लगातार दूसरे वर्ष मिली बड़ी अंतरराष्ट्रीय सफलता

उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष (2025) भी इसी विभाग के 5 विद्यार्थियों का चयन इसी छात्रवृत्ति के तहत चीन के चार प्रमुख विश्वविद्यालयों में हुआ था। लगातार दूसरे वर्ष मिली इस ऐतिहासिक सफलता ने हिंदी विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक साख को और अधिक मजबूत किया है।

सफलता प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों ने विभाग के प्रभारी डॉ. अनिर्बाण घोष एवं शोधार्थी इंद्रजीत मिश्र के साथ कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा से शिष्टाचार मुलाकात कर आभार जताया।

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