मुंबई मैनहोल हादसा: साकीनाका में भारी बारिश के बीच खुले गटर में गिरे बुजुर्ग की मौत; ठेकेदार पर FIR, 4 बड़े अधिकारी निलंबित
मुंबई: आर्थिक राजधानी मुंबई में मानसून की भारी आफत के बीच एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही ने एक मासूम नागरिक की जान ले ली है। मुंबई के साकीनाका इलाके में भारी बारिश के दौरान एक खुले मैनहोल में गिरने से 55 वर्षीय व्यक्ति की डूबकर मौत हो गई। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे के बाद नगर निगम (BMC) और राज्य सरकार हरकत में आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वार्ड ऑफिसर समेत 4 जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है, वहीं लापरवाही बरतने वाले निजी ठेकेदार पर आपराधिक मामला दर्ज कर उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना साकीनाका-कुर्ला मार्ग पर खैरानी रोड (यादव नगर) के पास हुई। इलाके में मूसलाधार बारिश के कारण सड़कों पर घुटनों तक पानी भरा हुआ था। इसी दौरान स्थानीय निवासी अस्लम इसाक शेख (55 वर्ष) सड़क से गुजर रहे थे। सड़क पर अत्यधिक जलभराव होने के कारण वहां खुला हुआ मैनहोल पानी के नीचे पूरी तरह छिप चुका था और दिखाई नहीं दे रहा था।
बताया जा रहा है कि वहां सीवर लाइन में सुरक्षा ग्रिल लगाने के लिए कांट्रैक्टर के मजदूरों ने मैनहोल का ढक्कन हटाया हुआ था, लेकिन सुरक्षा के लिए कोई बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया था। जैसे ही अस्लम शेख का पैर खुले गटर पर पड़ा, वे सीधे अंदर समा गए। गटर में पानी का बहाव इतना तेज था कि वहां मौजूद मजदूरों के बचाने के प्रयास से पहले ही वे सीवर लाइन में दूर तक बह गए। करीब 4 घंटे के कड़े रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद फायर ब्रिगेड ने उनका शव बरामद किया.
प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: 4 अधिकारी सस्पेंड
इस खौफनाक हादसे के बाद मुंबई नगर निगम (BMC) मुख्यालय में हड़कंप मच गया। बीएमसी कमिश्नर ने इसे गंभीर आपराधिक लापरवाही मानते हुए 'L' वार्ड (कुर्ला-साकीनाका क्षेत्र) के प्रशासनिक अमले पर बड़ी गाज गिराई है। निम्नलिखित अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर दिया गया है:
| अधिकारी का नाम | पद / विभाग | कार्रवाई का कारण |
|---|---|---|
| धनाजी हेरलेकर | असिस्टेंट कमिश्नर (वार्ड ऑफिसर, L-वार्ड) | क्षेत्रीय निगरानी और प्रशासनिक विफलता |
| दीपक चौगुले | असिस्टेंट/सब-इंजीनियर | कार्यस्थल पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी |
| अभिजीत चौगुले | जूनियर इंजीनियर | मौके पर मौजूद न होना और ढिलाई बरतना |
| उत्तम पाटिल | असिस्टेंट इंजीनियर (सीवरेज ऑपरेशंस) | खुले मैनहोल के प्रोटोकॉल का पालन न करना |
ठेकेदार पर केस और ब्लैकलिस्टिंग
साकीनाका पुलिस ने बीएमसी के अधिकारियों की शिकायत पर संबंधित प्राइवेट कांट्रैक्टर और वहां काम कर रहे सुपरवाइजर व मजदूरों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत लापरवाही से मौत (गैर-इरादतन हत्या) का मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसके साथ ही नगर निगम ने ठेकेदार फर्म को हमेशा के लिए ब्लैकलिस्ट (काली सूची में डालना) करने का आदेश जारी किया है।
पीड़ित परिवार को 10 लाख का मुआवजा
मुंबई की मेयर रितु तावड़े और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मृतक अस्लम शेख के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। मेयर ने पीड़ित परिवार के लिए 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता (मुआवजे) की घोषणा की है। उन्होंने कहा, "जब मुंबई में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी था, तो बिना किसी सुरक्षा घेरे के मैनहोल का ढक्कन खोलना बेहद गंभीर अपराध है। इसके दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।"


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