UP News: नैमिषारण्य को मथुरा-वृन्दावन से जोड़ने की माँग हुई तेज, 112 KM नई रेल लाइन के लिए PM और रेल मंत्री को भेजा पत्र
लखनऊ, 7 जुलाई: 88 हजार ऋषियों-मुनियों की पावन तपोभूमि और वेदों-पुराणों की रचना स्थली, प्राचीनतम तीर्थ नैमिषारण्य को सीधे रेलमार्ग से जोड़ने की मांग अब देशव्यापी आंदोलन का रूप लेती जा रही है। तीर्थयात्रियों और श्रद्धालुओं को हो रही भारी कठिनाई को देखते हुए गठित ”नैमिषारण्य-मथुरा रेल जोड़ो अभियान समिति, उत्तर प्रदेश“ द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान दिन-प्रतिदिन जोर पकड़ रहा है।
समिति के महासचिव अजय पाल सिंह सोमवंशी ने बताया कि इसी क्रम में अब गोण्डा जिले के 301 नागरिकों व श्रद्धालुओं ने माननीय प्रधानमंत्री और रेल मंत्री को सामूहिक हस्ताक्षर युक्त पत्र भेजकर नैमिषारण्य से हरदोई होकर फर्रूखाबाद तक मात्र 112 किलोमीटर नई रेल लाइन बिछाने की पुरजोर मांग की है।
प्रस्तावित 112 KM रेल लाइन से क्या बदलेगा?
| मुख्य लाभ | विवरण एवं रणनीतिक महत्व |
|---|---|
| 5 बड़े धार्मिक केंद्रों का जुड़ाव | इस लाइन के बनने से प्रदेश के पांचों प्रमुख तीर्थ एवं वैश्विक पर्यटन केंद्र—काशी, अयोध्या, प्रयागराज, मथुरा और चित्रकूट आपस में सीधे कनेक्ट हो जाएंगे। |
| नया नेशनल रेल कॉरिडोर | भारतीय रेल को पूर्वोत्तर राज्यों से गोरखपुर-सीतापुर-नैमिष-फर्रूखाबाद-मथुरा-आगरा होते हुए पश्चिमी, मध्य एवं दक्षिण भारत के लिए एक नया बाईपास रूट मिल जाएगा। |
| ट्रैफिक लोड होगा कम | इस नए गलियारे से माल ढुलाई आसान होगी और व्यस्त रहने वाले कानपुर-लखनऊ-दिल्ली रेलमार्ग का यातायात दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा। |
| रेलवे की आय में बढ़ोतरी | देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं के सीधे जुड़ाव और सुलभ यातायात के कारण भारतीय रेलवे के राजस्व में भारी वृद्धि होगी। |
यूपी के इन 15 जिलों की 4.50 करोड़ जनता को मिलेगा सीधा लाभ
समिति के अनुसार, इस नए रेल मार्ग के सुलभ होने से उत्तर प्रदेश के 15 प्रमुख जनपदों की लगभग साढ़े चार करोड़ (4.50 करोड़) आबादी को आपस में आने-जाने के लिए एक बेहतरीन और सस्ता साधन मिल जाएगा। ये जिले निम्नलिखित हैं:
- ✔ लखीमपुर खीरी
- ✔ सीतापुर
- ✔ हरदोई
- ✔ फर्रूखाबाद
- ✔ कासगंज
- ✔ हाथरस
- ✔ मथुरा
- ✔ अलीगढ़
- ✔ एटा
- ✔ मैनपुरी
- ✔ फिरोजाबाद
- ✔ आगरा
- ✔ कन्नौज
- ✔ इटावा
- ✔ अलीगढ़ व आसपास
9,900 से अधिक नागरिक कर चुके हैं हस्ताक्षर:
महासचिव अजय पाल सिंह सोमवंशी ने बताया कि गोण्डा से पहले प्रदेश के विभिन्न जनपदों जैसे लखनऊ, अयोध्या, हरदोई, मथुरा, आगरा, हाथरस, चित्रकूट, बांदा, आजमगढ़, बलिया, गोरखपुर, गाजीपुर, सीतापुर, सहारनपुर और प्रयागराज से अब तक 9,610 नागरिक और श्रद्धालु प्रधानमंत्री एवं रेल मंत्री को सामूहिक पत्र भेज चुके हैं। गोण्डा के 301 नए हस्ताक्षरों को मिलाकर अब तक करीब 10 हजार लोग इस मुहिम से सीधे लिखित रूप में जुड़ चुके हैं।
समिति का कहना है कि नैमिषारण्य अध्यात्म और संस्कृति का एक वैश्विक केंद्र है, लेकिन आजादी के इतने दशकों बाद भी इसे मुख्य रेल नेटवर्क से न जोड़ा जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। अब जब अयोध्या और काशी का कायाकल्प हो रहा है, तो सरकार को अविलंब इस 112 किलोमीटर के मिसिंग लिंक को पूरा कर नया रेल कॉरिडोर घोषित करना चाहिए।

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