बड़ी कार्रवाई: कई नामी ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली दवाइयाँ बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़, FSDA और क्राइम ब्रांच का बड़ा छापा
देहरादून/गाज़ियाबाद। नकली एवं अवैध औषधियों के काले कारोबार के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) और गाज़ियाबाद क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। टीम ने देहरादून के परवाल क्षेत्र में छापेमारी कर देश की शीर्ष फार्मास्यूटिकल कंपनियों के नाम पर धड़ल्ले से नकली (Spurious) दवाइयाँ बनाने वाली एक अवैध फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है।
📍 छापेमारी का स्थान और कार्रवाई
- स्थान: देवीपुर, न्यू हाईवे रोड, परवाल क्षेत्र, देहरादून (उत्तराखंड)।
- कार्रवाईकर्ता: FSDA (खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन) एवं गाज़ियाबाद क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम।
- वर्तमान स्थिति: फैक्ट्री को सील कर मुख्य आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कानूनी (विधिक) कार्रवाई जारी है।
💊 इन दिग्गज फार्मा कंपनियों के नाम पर बनती थीं नकली दवाएं
जांच टीम के अनुसार, यह अवैध फैक्ट्री ब्रांडेड दवाइयों की हूबहू पैकिंग और रैपर तैयार कर बेहद घटिया व अमानक दवाइयों की सप्लाई बाजार में कर रही थी। फैक्ट्री से जिन प्रमुख नामी दवा कंपनियों के नाम के फर्जी रैपर और स्प्यूरियस दवाएं मिली हैं, उनमें शामिल हैं:
- Cipla, Lupin, Dr. Reddy’s Laboratories
- Sun Pharma, Mankind, Intas Pharmaceuticals
- Abbott, Zydus, Macleods Pharmaceuticals
- Aristo, Micro Labs, Elder Pharmaceuticals
🚨 स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर विभाग सख्त
अधिकारियों का कहना है कि यह नकली दवा नेटवर्क न केवल नामांकित कंपनियों के नाम का गलत इस्तेमाल कर रहा था, बल्कि सीधे तौर पर आम जनता के जीवन से खिलवाड़ कर रहा था। पुलिस और औषधि प्रशासन अब इस बात की पड़ताल कर रहा है कि इस फैक्ट्री से निर्मित नकली दवाइयों की सप्लाई किन-किन राज्यों और मेडिकल स्टोरों तक की जा चुकी है, ताकि उन्हें तुरंत मार्केट से जब्त किया जा सके।


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