सीतापुर में मिड-डे मील का राशन न पहुंचाने पर सख्त एक्शन: परिवहन ठेकेदार पर FIR और फर्म होगी ब्लैकलिस्ट; खाद्य मंत्री मनोज पाण्डेय ने दिए कठोर निर्देश
लखनऊ/सीतापुर: जनपद सीतापुर में सिंगल स्टेज परिवहन व्यवस्था के अंतर्गत मिड-डे मील (MDM) का खाद्यान्न उचित दर विक्रेताओं (कोटेदारों) तक समय से न पहुंचाए जाने के गंभीर मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रदेश के खाद्य एवं रसद मंत्री श्री मनोज कुमार पाण्डेय ने मामले का त्वरित संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी सीतापुर को दोषी परिवहन ठेकेदार के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कराने और संबंधित फर्म को ब्लैकलिस्ट करने के सख्त आदेश दिए हैं।
📌 मंत्री के निर्देशों के प्रमुख बिंदु:
- ठेकेदार पर कानूनी शिकंजा: राशन न पहुंचाने वाले दोषी परिवहन ठेकेदार के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज होगी।
- फर्म ब्लैकलिस्ट: आपूर्ति में घोर लापरवाही बरतने वाली संबंधित ट्रांसपोर्ट फर्म को पूरी तरह ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
- अधिकारियों की जवाबदेही: पर्यवेक्षण और मॉनिटरिंग में ढिलाई बरतने वाले विभागीय अधिकारियों पर भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई होगी।
- जीरो टॉलरेंस नीति: शासकीय खाद्यान्न वितरण और बच्चों के पोषण में भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं।
- नियमित अनुश्रवण: सिंगल स्टेज डोरस्टेप डिलीवरी व्यवस्था की प्रभावी ट्रैकिंग सुनिश्चित करने के आदेश जारी।
📊 सीतापुर मिड-डे मील प्रकरण: शासकीय कार्रवाई की रूपरेखा
| पक्ष / स्तर | आदेशित कार्रवाई एवं प्रशासनिक निर्देश |
|---|---|
| परिवहन ठेकेदार व फर्म | संबंधित धाराओं में FIR दर्ज करना और फर्म को भविष्य के टेंडरों से डिबार/ब्लैकलिस्ट करना |
| जिम्मेदार अधिकारी | अनुश्रवण और पर्यवेक्षण में विफल रहने वाले सप्लाई निरीक्षकों व अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर विभागीय कार्रवाई |
| सिंगल स्टेज डिलीवरी सिस्टम | ब्लॉक गोदामों से उचित दर दुकानों (कोटेदारों) तक वाहनों की जीपीएस आधारित सख्त निगरानी |
| जनहित प्रभाव | प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों के पोषण आहार की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करना |
"बच्चों के हक पर डाका कतई बर्दाश्त नहीं": मनोज कुमार पाण्डेय
खाद्य एवं रसद मंत्री श्री मनोज कुमार पाण्डेय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार खाद्यान्न वितरण में किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।
"जनता और मासूम बच्चों के हक के राशन में गड़बड़ी अत्यंत गंभीर और अक्षम्य अपराध है। खाद्यान्न को निर्धारित समय-सीमा के भीतर सीधे कोटेदारों तक पहुंचाना ट्रांसपोर्ट एजेंसी और संबंधित अधिकारियों का दायित्व है। जो भी इस कर्तव्य में लापरवाही करेगा, उसकी सीधी जिम्मेदारी तय होगी और दोषियों पर कठोरतम विधिक कार्रवाई की जाएगी।"
— मनोज कुमार पाण्डेय (खाद्य एवं रसद मंत्री, उत्तर प्रदेश)
सिंगल स्टेज परिवहन प्रणाली की कड़ी निगरानी के आदेश
उत्तर प्रदेश सरकार ने राशन वितरण प्रणाली में बिचौलियों और लीकेज को रोकने के लिए सिंगल स्टेज परिवहन व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत भारतीय खाद्य निगम (FCI) और विपणन गोदामों से राशन सीधे उचित दर दुकानों तक पहुंचाया जाता है।
सीतापुर प्रकरण में परिवहन ठेकेदार द्वारा खाद्यान्न को कोटेदारों तक न पहुंचाए जाने से परिषदीय विद्यालयों में मिड-डे मील योजना प्रभावित होने की आशंका खड़ी हो गई थी। मंत्री ने विभागीय उच्चाधिकारियों को निर्देश दिया है कि पूरे राज्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रत्येक जिले में सप्लाई चेन का नियमित तकनीकी ऑडिट और भौतिक सत्यापन कराया जाए।

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